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नई दिल्ली: कभी भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक रहे कोयंबटूर और तिरुपुर इस समय अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ बढ़ाए जाने के बाद यहां की फैक्ट्रियों, कामगारों और निर्यात पर गहरा असर पड़ा है। ये दोनों शहर मिलकर तमिलनाडु और अन्य राज्यों के लाखों लोगों को रोजगार देते थे। लेकिन अगस्त 2025 में अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत किए जाने के बाद से हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

दो लाख से ज्यादा लोगों की नौकरियां गईं

उद्योग जगत के सूत्रों के अनुसार, अनुमान है कि कपड़ा और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में अब तक दो लाख से ज्यादा लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं। अगर कास्टिंग, पंप और औद्योगिक वाल्व जैसे सहायक उद्योगों को भी शामिल किया जाए, तो प्रभावित लोगों की संख्या तीन लाख से ज्यादा हो सकती है। कई छोटी और मझोली फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं। कई जगहों पर काम के घंटे कम कर दिए हैं और नए ऑर्डर भी तेजी से घट रहे हैं। इसका असर निर्यात पर पड़ा है।

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) की पहली किस्त (ट्रांश) को लेकर सहमति लगभग बन चुकी है और इसे जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है। हालांकि, इस पर हस्ताक्षर की कोई तय समयसीमा अभी नहीं दी जा सकती। यह जानकारी गुरुवार को वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने दी।

उन्होंने बताया कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह में भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर के बीच वर्चुअल बैठक हुई थी। इसके बाद से दोनों देशों की वार्ता टीमें लगातार संपर्क में हैं और सहमति बनाने की दिशा में बातचीत जारी है।

वाणिज्य सचिव ने कहा कि इस व्यापार समझौते से भारतीय निर्यात पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ में राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में अमेरिका ने अधिकांश भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया हुआ है, जो दुनिया में सबसे अधिक में से एक है।

नई दिल्ली: भारत के अनलिस्टेड शेयर बाजार में बड़ा बदलाव आ सकता है, क्योंकि बाजार नियामक सेबी इस बाजार को रेगुलट करने पर विचार कर रहा है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरपर्सन तुहिन कांत पांडे ने गुरुवार को कहा कि नियामक विचार कर रहा है कि उसे अनलिस्टेड स्टॉक मार्केट को रेगुलेट करना चाहिए या नहीं, जो कि फिलहाल सेबी के कार्यक्षेत्र से बाहर है।

देश की आर्थिक राजधानी में एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया के 2025-26 के वार्षिक सम्मेलन के दौरान बोलते हुए, सेबी प्रमुख ने कहा कि इस मुद्दे पर कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ चर्चा की जा रही है।

उन्होंने विस्तार से बताया,"सबसे पहले सेबी को यह जांच करनी होगी कि क्या उसके पास उन कंपनियों को विनियमित करने का कानूनी अधिकार है जो स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध नहीं हैं और इस तरह का विनियमन कितनी हद तक विस्तारित हो सकता है।" अनलिस्टेड स्टॉक मार्केट में वह कंपनियां शामिल होती हैं, जो कि फिलहाल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध नहीं है।

नई दिल्ली: देश में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के बीच बेरोजगारी दर दिसंबर महीने में मामूली रूप से बढ़कर 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि नवंबर में यह 4.7 प्रतिशत थी। बृहस्पतिवार को सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी 'आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण' (पीएलएफएस) रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 3.9 प्रतिशत पर स्थिर रही जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 6.5 प्रतिशत से बढ़कर 6.7 प्रतिशत हो गई।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण पुरुषों में बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि शहरी महिलाओं में यह 9.3 प्रतिशत से घटकर 9.1 प्रतिशत पर आ गई। दिसंबर महीने में देश के कुल श्रमबल में हल्की बढ़त देखी गई और कुल कार्यशील जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 53.2 प्रतिशत से बढ़कर 53.4 प्रतिशत हो गया।

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