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न्यूयॉर्क/नई दिल्ली: उद्योगपति गौतम अडानी पर अमेरिकी अभियोजकों ने भारत में सौर बिजली अनुबंध हासिल करने के लिए अनुकूल शर्तों के बदले भारतीय अधिकारियों को 25 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने का आरोप लगाया है।

अमेरिकी अभियोजकों ने अडानी (62), उनके भतीजे सागर अडानी और अन्य पर सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए 2020 से 2024 के बीच भारतीय सरकारी अधिकारियों को 25 करोड़ डॉलर से अधिक की रिश्वत देने का आरोप लगाया। एक अनुमान के अनुसार इससे समूह को संभावित रूप से दो अरब डॉलर से अधिक का लाभ हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब उन अमेरिकी बैंकों और निवेशकों से छुपाया गया, जिनसे अडानी समूह ने इस परियोजना के लिए अरबों डॉलर जुटाए थे।

अमेरिकी कानून अपने निवेशकों या बाजारों से जुड़े विदेशों में भ्रष्टाचार के आरोपों को आगे बढ़ाने की अनुमति देता है। अडानी समूह से इस संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन फिलहाल उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।

नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी दुनिया के 100 ताकतवर कारोबारियों में शामिल हैं। अंबानी 'फॉर्च्यून मैगजीन' के पावरफुल बिजनेसमैन 2024 की सूची में शामिल होने वाले अकेले भारतीय हैं। इसमें भारतीय मूल के अन्य छह लोग भी शामिल हैं, जो विदेश में बसे हैं। ये लोग बड़े व्यवसायों के संस्थापक, मुख्य कार्यकारी और नवप्रवर्तक हैं।

फॉर्च्यून की सूची में 12वें स्थान पर अंबानी

फॉर्च्यून ने हाल ही में इस सूची को जारी किया है। इसमें अंबानी को 12वें स्थान पर रखा गया है। फॉर्ब्स के मुताबिक, अंबानी एशिया और भारत के सबसे अमीर शख्स हैं, जिनकी कुल संपत्ति करीब 7.6 लाख करोड़ रुपये (98 अरब डॉलर) है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की बाजार पूंजी (मार्केट कैप) 13 नवंबर 2024 तक 16.96 लाख करोड़ है। रिलायंस इंडस्ट्रीज पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल, एंटरटेनमेंट, टेलीकॉम और अन्य क्षेत्रों में काम कर रही है। अंबानी परिवार अगली पीढ़ी को अपने व्यापार साम्राज्य का उत्तराधिकारी बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

नई दिल्ली: भारत की थोक महंगाई दर अक्तूबर में सालाना आधार पर बढ़कर 2.36 प्रतिशत हो गई। सितंबर में यह 1.84 प्रतिशत थी। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण यह इजाफा हुआ। गुरुवार को इससे जुड़े सरकारी आंकड़े जारी किए किए। मीडिया की ओर से किए गए सर्वेक्षण में, थोक मूल्य सूचकांक का उपयोग करके मापी गई थोक मुद्रास्फीति या थोक महंगाई दर 2.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई थी।

इससे पहले, भारत की खुदरा मुद्रास्फीति अक्तूबर में अप्रत्याशित रूप से बढ़कर 14 महीने के उच्च स्तर 6.2% पर पहुंच गई, जो सितंबर में 5.5% थी। महंगाई बढ़ने से अर्थव्यवस्था में मंदी के संकेत दिखने लगने हैं। इस कारण भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से मौद्रिक नीति में ढील का फैसला लेने में देरी हो सकती है। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि सब्जी, फलों और खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोतरी उछाल का प्रमुख कारण है। खुदरा महंगई दर अक्तूबर में अगस्त 2023 के बाद पहली बार केंद्रीय बैंक के मुद्रास्फीति लक्ष्य की बाहरी सीमाओं को पार कर लिया।

नई दिल्ली: अक्तूबर महीने में भारत की खुदरा महंगाई दर सालाना आधार पर बढ़कर 6.21 प्रतिशत हो गई, यह पिछले महीने के 9 महीने के उच्चतम स्तर 5.49 प्रतिशत से और अधिक है। महंगाई दर में इजाफे का मुख्य कारण खाने-पीने के चीजों की बढ़ती कीमतें हैं। अक्तूबर में खुदरा महंगाई दर 14 महीनों में पहली बार, यानी अगस्त 2023 के बाद से पहली बार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की 6 प्रतिशत की टॉलरेंस बैंड को पार कर गई है।

मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर में बढ़कर 6.21 प्रतिशत हो गई, जो इससे पिछले महीने 5.49 प्रतिशत थी। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी के कारण मुद्रास्फीति बढ़ी है। यह भारतीय रिजर्व बैंक के टॉलरेंस बैंड के ऊपरी स्तर को पार कर गई है।

अक्तूबर 2023 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 4.87 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों से पता चलता है कि खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति अक्टूबर में बढ़कर 10.87 प्रतिशत हो गई, जबकि सितम्बर में यह 9.24 प्रतिशत और एक वर्ष पूर्व इसी महीने में 6.61 प्रतिशत थी।

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