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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की एकल पीठ में राज्य के निलंबित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एडीजीपी जी. पी. सिंह के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो तथा राजद्रोह मामलों में बृहस्पतिवार को एक साथ सुनवाई हुई। न्यायालय ने पूरे मामले में राज्य शासन से जवाब और केस डायरी तलब की है। अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। अधिवक्ता किशोर भादुड़ी ने बताया कि एक जुलाई को छत्तीसगढ़ एसीबी ने जी. पी. सिंह पर आय से अधिक लगभग 10 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने का आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13-1 और 13-2 के तहत मामला दर्ज किया था।

कार्रवाई पर रोक की मांग
भादुड़ी ने बताया कि याचिकाकर्ता जीपी सिंह ने पूरी कार्यवाही को पूर्वाग्रह से ग्रसित बताते हुए नौ जुलाई को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने न्यायालय से अंतरिम राहत की मांग करते हुए अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को लेकर राज्य पुलिस पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की दरख्वास्त की थी।

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल अनुसुईया उइके के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों को सदन में रखा। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिस बल को बहुआयामी चुनौतियों से जूझना पड़ता है, इसलिए सरकार ने पुलिसकर्मियों को आम जनता के प्रति संवेदनशील बनाने पर ध्यान दिया तो दूसरी ओर सुरक्षा बलों की आवश्यकताओं को देखते हुए अनेक कल्याणकारी निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि रिस्पांस भत्ता, नाश्ता तथा भोजन दरों में बढ़ोतरी, स्पंदन अभियान, संवेदना कार्यक्रम, अनुकम्पा नियुक्ति, शहीद जवानों के आश्रितों के लिए अनुग्रह राशि तीन लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए तथा शहीदों के आश्रित परिवारों को अनुग्रह अनुदान जैसी योजनाओं का व्यापक असर हुआ है। साथ ही उन्होंने बताया  कि राज्य में नक्सल गतिविधियों सहित अन्य अपराधों में कमी आई है।

रायपुर: पुलवामा हमले की दूसरी बरसी पर शनिवार के दिन शहीदों को याद किया गया। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बघेल ने पुलवामा हमले को लेकर सरकार के सामने कुछ सवाल भी दाग दिए। दरअसल, ट्विटर के माध्यम से बघेल ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहां 300 किलो आरडीएक्स कैसे पहुंचा? ट्विटर पर भूपेश बघेल द्वारा लिखा गया, "सवाल तो है साहेब! जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहां 300 किलो आरडीएक्स कैसे पहुंचा? कौन था इस साजिश के पीछे? पुलवामा हमले में शहीद हुए वीर जवानों को कोटि-कोटि नमन। राष्ट्र उनकी शहादत को सलाम करता है।"

बता दें साल 2019 में 14 फरवरी के दिन कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर जैश-ए-मोहम्मद के एक फिदायीन आतंकी दस्ते ने बम धमाका किया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। ऐसा कई बार कहा जा चुका है कि साजिश के तहत पाकिस्तान ने यह हमला करवाया था।

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने शनिवार को कहा कि कोविड -19 वैक्सीन- कोवाक्सिन को इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि इसका परीक्षण अभी पूरा नहीं हुआ है और इसके अंतिम परिणाम की प्रतीक्षा है। उऩ्होंने कहा, “कोवैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण की प्रक्रिया अभी चल रही है। टीके को आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया है (ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया द्वारा)। जब तक इसके पूरे परिणाम नहीं निकलते, तब तक इसके उपयोग से बचा जाना चाहिए।"

जब उनसे पूछा गया कि राज्य को ये वैक्सीन  दिए जाने पर क्या इसे लोगों को बांटा जाएगा, तो मंत्री ने कहा, “मेरी राय में, इसे राज्य में अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। अभी तक मैं इस टीके को स्वीकार करने के लिए लोगों को बताने के लिए आश्वस्त नहीं हूं।”

कोवैक्सीन स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन है जिसे भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) के सहयोग से भारत बायोटेक द्वारा निर्मित किया जा रहा है।

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