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जम्मू: सियाचिन में हुए हिमस्खलन की चपेट में आने से शहीद हुए नौ सैनिकों के शव शनिवार को लद्दाख क्षेत्र के सियाचिन बेस कैंप लाए गए। मौसम साफ होने पर इन्हें रविवार को लेह ले जाया जाएगा। सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, मौसम बहुत कम समय के लिए हल्का-सा साफ हुआ और साहसिक कदम उठाते हुए सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिये सियाचिन में शहीद हुए नौ सैनिकों के शव बेस कैंप के नजदीक स्थित हवाई पट्टी लाए गए। प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार को भी तीन बार शव लाने की कोशिशें की गई थीं, लेकिन खराब मौसम के चलते तीनों ही प्रयास विफल रहे थे। प्रवक्ता के मुताबिक, जम्मू एवं कश्मीर के पर्तापुर लाए जाने के तुरंत बाद शवों पर रसायन का लेप लगाया गया, ताकि उन्हें खराब होने से बचाया जा सके। वहीं एक प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। उन्होंने बताया कि अगर मौसम सही रहा तो शवों को रविवार सुबह लेह ले जाया जाएगा। फिर लेह से शवों को नई दिल्ली ले जाया जाएगा।

श्रीनगर: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की सीमा से सटे कुपवाड़ा जिले में एक मुठभेड़ के दौरान सेना ने लश्कर ए तैयबा (एलईटी) के पांच संदिग्ध आतंकियों को मार गिराया, जबकि रात भरी चली इस मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गये। रक्षा प्रवक्ता ने आज (शनिवार) बताया, ‘‘कुछ आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर जानरेशी गांव में कल सेना के तलाशी अभियान के दौरान यह मुठभेड़ शुरू हुयी।’’ उन्होंने बताया कि सेना के कमांडर ने जब एक घर की तलाशी ली, तो छिपे हुये आतंकियों ने तेज गोलीबारी शुरू कर दी और हथगोले फेंके। उन्होंने बताया, ‘‘आतंकियों द्वारा घर की उपरी मंजिल पर छिपे आतंकियों पर गोलीबारी किये जाने के नुकसान के बावजूद उन्होंने तुरंत जवाबी कार्रवाई की।’’

जम्मू: सियाचिन ग्लेशियर में छह दिन तक 35 फुट बर्फ के नीचे दबे रहे जवान लांस नायक हनुमंतप्पा की हालत बेहद नाजुक है। भारतीय सेना के इस बहादुर जवान ने शांति वाले क्षेत्रों की पोस्टिंग के बजाय मुश्किल क्षेत्रों को चुना और संघर्ष के क्षेत्रों में 10 साल तक डटे रहे। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'बहादुर सैनिक ने उच्च स्तर का पहल दिखाया और अपनी 13 साल की कुल सेवा में से 10 साल मुश्किल और चुनौतीपूर्ण जगहों में सेवा दी है।' इस बार भी हनुमंतप्पा मुश्किलों से भरे सियाचिन में तैनात थे। पाकिस्तान के साथ लगी नियंत्रण रेखा के करीब 19 हजार 600 फुट की ऊंचाई पर हिमस्खलन ने उनकी चौकी को अपनी जद में लिया। उस उंचाई पर तापमान शून्य से 45 डिग्री सेल्सियस कम था।

जम्मू: हिमस्खलन में दब जाने के सात दिन बाद सियाचिन ग्लेशियर में बर्फ के ढेर के नीचे से बाकी सभी आठ जवानों के शव आज (मंगलवार) निकाल लिये गये। एक जवान का शव कल मिला था और एक बहादुर सैनिक आज चमत्कारिक तरीके से जिंदा मिला। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज यहां कहा, ‘‘बाकी सभी आठ जवानों के शव हिमस्खलन वाली जगह से मिल गये हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तीन फरवरी को तड़के जवानों की चौकी के पास हुए हिमस्खलन के बाद बर्फ के 30 फुट नीचे दब गये 10 जवानों का पता लगाने और उन्हें निकालने के लिए सियाचिन में शुरू किये गये अभियान में इन्हें निकाला गया।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘लांस नायक हनमंथप्पा कोप्पड को 30 फुट बर्फ के नीचे से जीवित निकालने में सफलता का श्रेय बचाव दलों के दृढ़संकल्प को जाता है जो कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं।’’

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