जम्मू: सियाचिन में हुए हिमस्खलन की चपेट में आने से शहीद हुए नौ सैनिकों के शव शनिवार को लद्दाख क्षेत्र के सियाचिन बेस कैंप लाए गए। मौसम साफ होने पर इन्हें रविवार को लेह ले जाया जाएगा। सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, मौसम बहुत कम समय के लिए हल्का-सा साफ हुआ और साहसिक कदम उठाते हुए सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिये सियाचिन में शहीद हुए नौ सैनिकों के शव बेस कैंप के नजदीक स्थित हवाई पट्टी लाए गए। प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार को भी तीन बार शव लाने की कोशिशें की गई थीं, लेकिन खराब मौसम के चलते तीनों ही प्रयास विफल रहे थे। प्रवक्ता के मुताबिक, जम्मू एवं कश्मीर के पर्तापुर लाए जाने के तुरंत बाद शवों पर रसायन का लेप लगाया गया, ताकि उन्हें खराब होने से बचाया जा सके। वहीं एक प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। उन्होंने बताया कि अगर मौसम सही रहा तो शवों को रविवार सुबह लेह ले जाया जाएगा। फिर लेह से शवों को नई दिल्ली ले जाया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि जिन सैनिकों की मौत हुई हैं उनमें कर्नाटक स्थित हासन के सूबेदार टीटी नागेश; मैसूर के सिपाही पीएन महेश; तमिलनाडु स्थित वेल्लोर जिले के हवलदार इलम अलए एम, तेनी जिले के लांस हवालदार एस कुमार, कृष्णागिरी के सिपाही एन राममूर्ति शामिल हैं। उनमें महाराष्ट्र स्थित सतारा जिले के सिपाही नर्सिंग असिस्टेंट एसवी सूर्यवंशी और आंध्र प्रदेश स्थित कुर्नूल जिले के सिपाही एस मुश्ताक अहमद भी शामिल हैं। इस बीच आंध्र प्रदेश सरकार ने शहीद अहमद के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। बता दें कि इसी हादसे में कर्नाटक स्थित धारवाड़ जिले के लांस नायक हनुमनथप्पा छह दिन बाद 35 फीट बर्फ के नीचे से जीवित निकाले गए थे। लेकिन उनकी नई दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।