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नई दिल्ली: चेन्नई की आई ड्रॉप कंपनी की जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार देर रात तमिलनाडु ड्रग कंट्रोलर एंड मेंबर्स ने ग्लोब फार्मा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड में बन रहे उत्पादों की जांच की। ग्लोब फार्मा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कंपनी ने अमेरिका में कथित तौर पर अपने आई ड्रॉप के इस्तेमाल से अंधापन और मौत की खबरों के बीच दवाई की अपनी खेप को वापस ले लिया था।

तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर डॉ. पीवी विजयालक्ष्मी ने मीडिया को बताया कि हमने अमेरिका भेजी गई दवाई की खेप से भी सैंपल लिया है। ये वो सैंपल हैं जो कच्चे माल से अलग हैं। हम अमेरिका से बोलतबंद सैंपल का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, मैंने अभी तक इस मामले को लेकर प्राथमिक जांच रिपोर्ट तमिलनाडु सरकार को सौंप दिया है। चेन्नई स्थित इस कंपनी पर ड्रग कंट्रोलर एंब मेबर्स के सदस्यों ने शुक्रवार देर रात दो बजे जांच की। जांच के दौरान ही अधिकारियों ने फिलहाल उत्पादन करने वाली कंपनी को आंख से जुड़े सभी तरह के उत्पादों के उत्पादन पर रोक लगाने का आदेश दिया है।

नई दिल्ली: चेन्नई स्थित दवा कंपनी ने अपने आई ड्रॉप के उत्पादन को फिलहाल रोक दिया है। इस आई ड्रॉप के इस्तेमाल से कथित तौर पर अमेरिका में कई लोगों के आंखों की रोशनी जाने और कुछ की मौत की बात भी सामने आई है। अमेरिका की तरफ से किए जा रहे इस तरह के कथित दावों के बाद पहले कंपनी ने इस दवाई की खेप को वापस लेने का फैसला किया था, लेकिन अब खबर आ रही है कि कंपनी ने इस दवाई के प्रोडक्शन को भी रुकवा दिया है।

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) चेन्नई स्थित ग्लोबल फार्मा हेल्थकेयर द्वारा निर्मित एज़रीकेयर आर्टिफिशियल टीयर्स आई ड्रॉप्स की बंद बोतलों का परीक्षण कर रहा है। वहीं, यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने कहा कि वह इस कंपनी के उत्पादों को आयात करने से फिलहाल रोकने जा रहा है। अमेरिका की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के अनुसार एफडीए उपभोक्ताओं और स्वास्थ्य देखभाल चिकित्सकों को संभावित बैकटेरिया कंटामिनेशन के कारण एज़रीकेयर आर्टिफिशियल टियर और डेलसम फार्मा की आर्टिफिशियल टियर को खरीदने से मना कर रहा है।

चेन्नई: तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि का कहना है कि उन्‍होंने राज्‍य का नाम बदलने का सुझाव कभी नहीं दिया। उन्‍होंने बुधवार को कहा कि यह कहना 'गलत और दूर की कौड़ी' है कि उन्होंने 'तमिझगम' पर अपनी हालिया टिप्पणियों के साथ राज्य का नाम बदलने का सुझाव दिया था। राज्यपाल ने कहा कि जिन लोगों ने अनुमान लगाया, उन्होंने उनके भाषण के आधार को "बिना समझे" ऐसा किया। उन्होंने कहा कि काशी के साथ तमिल लोगों के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक जुड़ाव पर बोलते हुए उन्होंने "तमिझगम" शब्द का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा कि उन दिनों तमिलनाडु नहीं था। "इसलिए ऐतिहासिक सांस्कृतिक संदर्भ में, मैंने तमिझगम शब्द को अधिक उपयुक्त अभिव्यक्ति के रूप में संदर्भित किया था।

राज्यपाल के आधिकारिक आवास राजभवन से एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "मेरे (टीएन राज्यपाल आरएन रवि) भाषण के आधार को समझे बिना, तर्क दिया गया है कि राज्यपाल 'तमिलनाडु' शब्द के खिलाफ हैं।" तमिलनाडु बनाम तमिलगम के उपयोग पर मुद्दा तब शुरू हुआ, जब राज्यपाल ने विधानसभा में तमिलनाडु को 'तमिलगम' कहा।

चेन्नई: तमिलनाडु की सत्ताधारी डीएमके के एक सदस्य को राज्‍यपाल आरएन रवि को सार्वजनिक रूप से गाली और धमकी देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। राज्‍यपाल और राज्‍य सरकार के बीच चल रहे विवाद के बीच इस सप्‍ताह विधानसभा में एक भाषण को लेकर विवाद अलग स्‍तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद पार्टी की एक सभा में शिवाजी कृष्णमूर्ति ने भाषण के कुछ हिस्सों को छोड़ने के लिए राज्‍यपाल के खिलाफ जमकर जुबानी हमला बोला था।  परंपरा के अनुसार, यह भाषण राज्य सरकार की ओर से लिखा गया था और इसमें बीआर अंबेडकर और पेरियार जैसे नेताओं से जुड़े संदर्भों को राज्‍यपाल ने नहीं पढ़ा था।

डीएमके सदस्य ने कहा था कि अगर राज्यपाल आरएन रवि अंबेडकर का नाम नहीं ले सकते हैं तो उन्हें कश्मीर चले जाना चाहिए ताकि चरमपंथियों द्वारा उनकी हत्या कर दी जाए। डीएमके नेता शिवाजी कृष्‍णमूर्ति ने कहा, "अगर यह आदमी तमिलनाडु में अंबेडकर के नाम का उच्चारण करने से इंकार करता है।

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