ताज़ा खबरें
बीड मस्जिद विस्फोट मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों पर लगा यूएपीए
वक्फ बिल को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी, मुस्लिम संगठन कर रहे हैं विरोध
ट्रंप का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण,भारत के हित सर्वोपरि रखे सरकार:आनंद शर्मा
बीजेपी सरकार अर्थव्यवस्था के इस दोहरे दुष्चक्र के लिए दोषी: अखिलेश

नई दिल्ली: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के शिक्षक आज (मंगलवार) देशद्रोह के मामले में विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों द्वारा किए जा रहे कक्षाओं के बहिष्कार में शामिल हो गए और कहा कि वे विश्वविद्यालय लॉन में ‘राष्ट्रवाद’ पर कक्षाएं लेंगे। छात्र कल जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की रिहाई और उसके खिलाफ देशद्रोह का मामला हटाने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे । कल पटियाला हाउस अदालत परिसर में कन्हैया की पेशी के दौरान दस शिक्षकों और एक छात्र समूह पर हमला किया गया था जिसके बाद शिक्षक संघ ने कक्षाओं के बहिष्कार में छात्रों के साथ शामिल होने का फैसला किया। हमले का शिकार बने जेएनयू शिक्षक रोहित आजाद ने कहा, ‘प्रशासन न केवल छात्रों, बल्कि शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहा है और हम पर खुलेआम हमला किया जा रहा है जबकि कुलपति चुपचाप सब देख रहे हैं। सत्ता में बैठे कुछ लोगों के दुष्प्रचार के आधार पर पूरी दुनिया अब जेएनयू को राष्ट्र विरोधियों का गढ़ कह रही है।

नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर एसएआर गिलानी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक कार्यक्रम में देश विरोधी नारे लगाने के बाद उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। दिल्ली पुलिस ने रात ही उन्हें हिरासत में ले लिया था और आज सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। इससे पहले उन्हें मेडिकल के लिए अस्पताल भी ले जाया गया था। गिलानी की गिरफ्तारी धारा 124A/149/120B के तहत हुई है। गिलानी को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक कार्यक्रम के सिलसिले में डीयू के पूर्व प्रोफेसर एसएआर गिलानी को हिरासत में लिया गया है।

नई दिल्ली: जेएनयू परिसर में नौ फरवरी को आयोजित कार्यक्रम का आज (सोमवार) एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार उस भीड़ का हिस्सा है, जिसमें कुछ लोग भारत विरोधी नारे लगा रहे हैं। बहरहाल वीडियो में यह नहीं दिखता कि कन्हैया भारत विरोधी नारे लगा रहे हैं। एक जगह कन्हैया कुछ पुलिस अधिकारियों के नजदीक खड़े दिखते हैं और कुछ युवकों का परिचय पत्र जांच रहे हैं जो संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी पर लटकाने के खिलाफ आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए हुए थे। बहरहाल वीडियो में यह नहीं दिखता कि कन्हैया भारत विरोधी नारे लगा रहे हैं। पुलिस के एक सूत्र ने कहा कि वीडियो की वे जांच कर रहे हैं। जिस दिन कन्हैया को गिरफ्तार किया गया था, उस दिन एक अन्य वीडियो अदालत कक्ष में चलाया गया था। सात मिनट के वीडियो में आधा चेहरा ढंका एक युवक ‘आजाद कश्मीर’ की मांग करते हुए नारे लगाता दिख रहा है। उसकी पहचान अभी तक नहीं हुई है। इस वीडियो में कुछ युवक पुलिस अधिकारियों से परिसर से बाहर जाने के लिए कह रहे हैं।

नई दिल्ली: जेएनयू (एसयू) अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी को उचित ठहराते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी ने सोमवार को दावा किया कि उन्होंने परिसर में विवादित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रविरोधी नारे लगाए थे लेकिन कहा कि पुलिस को अब तक घटना को लेकर लश्करे तैयबा से जुड़ाव का सबूत नहीं मिला है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुलाकात के बाद बस्सी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘कन्हैया उस कार्यक्रम में मौजूद थे, जहां उन्होंने भाषण दिया और गैरकानूनी जमावड़े में भागीदारी की, जहां भारत विरोधी नारे लगाए गए। उनकी संलिप्तता और हमें जो अब तक सबूत मिला है उस वजह से देशद्रोह के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया है।’ आयुक्त ने दो बार कहा कि कन्हैया उस कार्यक्रम का हिस्सा थे जिसमें राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए। उन्होंने कहा कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी दिए जाने के खिलाफ जमावड़ा राष्ट्रविरोधी और गैरकानूनी था। मुद्दे पर जब जोर दिया गया तो उन्होंने कहा, ‘हां उन्होंने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए।’

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख