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नई दिल्ली: दिल्ली की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। आज सोमवार को समूची दिल्ली ट्रैफिक में फसी हुई थी। पुलिस वाले इस व्यवस्था को संभालने के लिए बसों को मन चाहे रास्तों पर जाने के लिए कह रहे थे। सवाल यह है कि बस में सवार लोग आखिर अपने गंतव्य तक कैसे पहुंचेंगे, क्या बस में सफर करने वाला व्यक्ति इंसान नही है, जो बस में सवार होते वक्त अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बस मे सवार हुई थी। जी मैं उस हकीकत को आपके सामने रख रहा हूॅं, जिससे आप हर दिन दिल्ली में रूबरू होते है। दिल्ली पुलिस जब ट्रैफिक को व्यवस्थित करने का प्रयास करती है, तब डाईबर्जन के नाम पर बसों को कहीं भी मोड देते हैं, जबकि कार अपने रास्ते पर चलती रहतीं हैं। अब सवाल यह है कि कार में बैठा अकेला व्यक्ति और बस मे सवार सौ लोगों में किस की सुविधा तलाश रही है यह दिल्ली पुलिस ?

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ मामले की सुनवाई से पहले पटियाला हाउस कोर्ट परिसर के अंदर वकीलों और जेएनयू के छात्रों के बीच हाथापाई हुई। वहीं कन्हैया कुमार की देशद्रोह के आरोप में की गई गिरफ्तारी पर बढ़ते गतिरोध पर विश्वविद्यालय के छात्र उनकी रिहाई होने तक के लिए हड़ताल पर चले गए। इससे पहले रविवार को शिक्षकों ने इस मुद्दे पर छात्रों का समर्थन किया था। कन्हैया को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था और सोमवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश कुमार ने छात्रों से अपील की है कि वे हड़ताल और विरोध का सहारा नहीं लें ताकि विश्वविद्यालय में अकादमिक कार्य बाधित नहीं हो।

नई दिल्ली: जेएनयू से शुरु हुआ विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की रिहाई को लेकर आज (सोमवार) वहां हड़ताल है और पढ़ाई-लिखाई ठप है। आज कन्हैया की पुलिस हिरासत खत्म हो रही है और उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। वामपंथी संगठनों ने आज जेएनयू बचाओ अभियान चलाया हुआ है। इसी वजह से वीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन जारी है और शिक्षक व छात्र हड़ताल पर हैं। जेएनयू के कुलपति जगदीश कुमार ने इस मामले पर कहा,"मैं जेएनयू कम्युनिटी से अपील करता हूं कि ये हमारी जिम्मेदारी है हालात सामान्य हो जाएं और हम अपनी एकेडमिक एक्टिविटी कर सकें।" उन्होंने कहा,"हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के पक्ष में हैं। अगर कोई दिक्कत है तो उसे बातचीत से सुलझाया जा सकता है, इसके लिए हड़ताल पर जाने की आवश्यकता नहीं है।" वीसी ने कहा,"हमने जांच के लिए हाई लेवल इंक्वायरी कमेटी बनाई है जो इस मामले को देख रही है। वे लोग सुबूत भी जमा कर रहे हैं।

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार अपने सालाना बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र पर खर्च करेगी और प्रशिक्षण कार्यक्रमों व ढांचागत सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित कर गुणवत्तपूर्ण शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाएगी। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया, 'हम अपने सालाना बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च करेंगे। देश में कुल बजट का शिक्षा क्षेत्र पर खर्च का यह शायद सबसे अधिक प्रतिशत है।' सिसोदिया दिल्ली विधानसभा में 2016-17 के लिए बजट मार्च में पेश करेंगे। उनके पास वित्त और शिक्षा मंत्रालय का भी प्रभार है। साल 2015-16 में आप सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए 9,836 करोड़ रुपये आबंटित किए थे, जिसमें से 4,570 करोड़ रुपये योजनागत व्यय के तहत दिए गए जो करीब 106 प्रतिशत अधिक है।

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