ताज़ा खबरें
पीएम मोदी ने पहले वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज 'पंबन' का किया उद्घाटन
बीड मस्जिद विस्फोट मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों पर लगा यूएपीए
वक्फ बिल को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी, मुस्लिम संगठन कर रहे हैं विरोध
ट्रंप का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण,भारत के हित सर्वोपरि रखे सरकार:आनंद शर्मा
बीजेपी सरकार अर्थव्यवस्था के इस दोहरे दुष्चक्र के लिए दोषी: अखिलेश

नई दिल्ली: प्रेस क्लब में देश विरोधी नारे लगाने के सिलसिले में गिरफ्तार किये गये दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर एसएआर गिलानी की जमानत याचिका पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दी। गिलानी को राष्ट्रद्रोह के आरोप में गिरफ्तार गिलानी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। गिलानी पर 10 फरवरी को प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के समर्थन में देश विरोधी नारे लगाने का आरोप है। मामले में पुलिस गिलानी को 15 फरवरी की रात को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी और अगले दिन अदालत में पेश किया। गिलानी को जमानत से इनकार पर पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रेस क्लब के कार्यक्रम में सरकार के खिलाफ नफरत फैलाई जा रही थी। पुलिस ने कहा जमानत मिली तो प्रभावित होगी जांच मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर गिलानी की याचिका खारिज कर दी। बहस के दौरान पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि वह मामले में चल रही जांच को प्रभावित कर सकते हैं और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।

नई दिल्ली: पटियाला हाउस कोर्ट में पत्रकारों, जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों पर 15 जनवरी को हमले के सिलसिले में दिल्ली पुलिस द्वारा समन किए गए तीन में से कोई भी वकील पेश नहीं हुआ। तीन में से एक वकील की पहचान विक्रम सिंह चौहान के रूप में हुई है लेकिन पुलिस ने शेष दो वकीलों के नामों का खुलासा नहीं किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘तीनों में से कोई भी वकील पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुआ।’

नई दिल्ली: देशद्रोह के आरोप का सामना कर रहे जेएनयू छात्र संघ अध्‍यक्ष कन्हैया कुमार द्वारा आज (बुधवार) न्यायपालिका एवं संविधान पर पूरा विश्वास जताए जाने के बयान पर दिल्‍ली पुलिस ने कहा कि वह उसकी जमानत का विरोध नहीं करेगी। कन्हैया ने रिमांड सुनवाई के लिए पेश किये जाने पर मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट लवलीन से कहा, 'मैंने पहले भी कहा है। मैं भारतीय हूं। मुझे देश के संविधान एवं न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है।' उसने सुनवाई के शुरू में एक बयान में कहा, 'मेरे विरूद्ध मीडिया ट्रायल पीड़ादायक है। अगर मेरे खिलाफ सबूत है कि मैं गद्दार हूं तो कृपया मुझे जेल भेज दीजिए। यदि मेरे खिलाफ सबूत नहीं है तो मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए।' कन्हैया पर पिछले हफ्ते जेएनयू में हुए एक कार्यक्रम के सिलसिले में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था और उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

नई दिल्ली: वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक कुमार वर्मा दिल्ली पुलिस के अगले आयुक्त होंगे। वह मौजूदा पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी की जगह लेंगे जो 29 फरवरी को सेवानिवत्त हो रहे हैं। केंद्र शासित क्षेत्र कैडर के 1979 बैच के 58 वर्षीय अधिकारी वर्मा फिलहाल तिहाड़ जेल के महानिदेशक हैं और वह 17 महीनों तक राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष पुलिस अधिकारी के पद पर सेवा देंगे। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने वर्मा के नाम को दिल्ली पुलिस के अगले आयुक्त के रूप में हरी झंडी दिखा दी है और जल्द ही एक औपचारिक आदेश आने की संभावना है। वर्मा ऐसे वक्त में प्रभार संभालेंगे जब दिल्ली पुलिस जेएनयू विवाद से निपटने को लेकर गंभीर आलोचना का सामना कर रही है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख