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पटना: बिहार कैबिनेट ने 24 अप्रैल से तीन स्तरीय पंचायत चुनावों को दस चरणों में कराने की मंगलवार को अनुमति दे दी। कैबिनेट सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने कहा, ‘‘राज्य कैबिनेट ने पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी कि राज्य में दस चरणों में चुनाव आयोजित कराए जाएं। इसने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने के कार्यक्रम को मंजूरी दी है।’’ उन्होंने कहा कि चुनाव आयोजित कराने के लिए 28 फरवरी को साझा अधिसूचना जारी किए जाने को भी मंजूरी दी गई। मेहरोत्रा ने कहा कि पंचायत चुनाव 24 अप्रैल, 28 अप्रैल, दो, छह, 10, 14, 18, 22, 26 और 30 मई को आयोजित कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दो, चार, आठ, 10, 11, 26, 28, 30 मार्च और चार तथा सात अप्रैल को अलग से अधिसूचना जारी होगी। अधिकारियों ने कहा कि बिहार में करीब 8500 ग्राम पंचायत हैं जिनमें इतनी ही संख्या में मुखिया और सरपंच का चुनाव होना है।

पटना: आरक्षण पर गैर-राजनीतिक समिति बनाने के आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान को 'संविधानेतर' बताते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि आरएसएस और भाजपा दलितों व ओबीसी का आरक्षण खत्म करना चाहते हैं। कैबिनेट की बैठक के बाद कुमार ने संवाददाताओं से कहा, 'आरएसएस प्रमुख ने पहले भी बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान बयान दिया था कि आरक्षण नीति की समीक्षा के लिए समिति बनाई जानी चाहिए। लेकिन संविधान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आरक्षण सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ों को दिया जाएगा और इस आधार पर दलितों और पिछड़े तबके को आरक्षण मिला है। अब आरएसएस प्रमुख 'संविधानेतर' बातें कर रहे हैं।' नीतीश कुमार ने कहा, 'केंद्र सरकार की विचारधारा भी आरएसएस वाली है। वे (आरएसएस और बीजेपी) दलितों व पिछड़ों को आरक्षण दिए जाने से नाखुश हैं, वे आरक्षण को खत्म करना चाहते हैं।'

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां मंगलवार को दिल्ली में केंद्र सरकार की पुलिस के रहते बिगड़ती कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में जंगलराज है तो देश में फासीवाद है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जबरन अपने विचारों को देश पर थोप रही है और इस कारण देश की मौजूदा हालत अराजक हो गई है। बिहार मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सियासी हमला बोलते हुए कहा कि जो उनके विचारों से असहमत हैं, वे उनकी नजर में देशद्रोही हैं। आखिर जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया के खिलाफ अब तक कोई सबूत क्यों नहीं ढूंढ़ पाए। नीतीश ने कहा कि अपने विचार प्रकट करने का आधिकार सबको है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि पूंजीवाद या सामंतवाद के खिलाफ बोलना देशद्रोह है क्या? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा आरक्षण संबंधी दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि जो विचार आरएसएस के हैं, वहीं विचार भाजपा के भी हैं। सबको पता है कि आरएसएस की मानसिकता आरक्षण विरोधी है।

पटना: बिहार सरकार ने आज (शुक्रवार) 21 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। रत्न संजय कटियार को विशेष सतर्कता इकाई और विशेष शाखा का नया आईजी बनाया गया है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक हाल में पुलिस महानिरीक्षक रैंक में प्रोन्नत किये जाने वाले और फिलहाल गया में मगध रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक कटियार को पटना में आईजी :विशेष सतर्कता इकाई: बनाया गया है। वह आईजी :सुरक्षा:, विशेष शाखा का भी अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। आईजी के तौर पर प्रोन्नत किये जाने वाले अवधेश कुमार शर्मा सशस्त्र पुलिस, उत्तरी खंड के डीआईजी हैं। उन्हें पटना में आईजी (आधुनिकीकरण) के तौर पर स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, उमाशंकर सुधांसु और नागेंद्र प्रसाद सिंह समेत अन्य आईपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है।

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