ताज़ा खबरें
टैरिफ से सहमा बाजार:सेंसेक्स 931 अंक गिरा, निफ्टी 23000 से फिसला
बजट में दलित-आदिवासी के लिए उचित हिस्सा कानूनन जरूरी हो: राहुल
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल
वक्फ विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
'वक्फ बिल को थोपा गया, अदालत कर देगी खारिज': अभिषेक सिंघवी
वक्फ विधेयक राज्यसभा से भी पारित,पक्ष में पड़े 128 वोट, विपक्ष में 95

पटना: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा कि हम और नीतीश अलग थे, इसलिए भाजपा का दांव लोकसभा चुनाव में चल गया। संसद में जिस तरह केंद्र के मंत्री भाषण दे रहे हैं, यह देख अफसोस होता है कि हम वहां नहीं हैं। हम वहां होते तो उनको जवाब मिलता। भाजपा के लोग आरएसएस के गुरु गोलवरकर द्वारा बनाए गए विचार पर चलते हैं। उनकी विचारधारा कहती है कि दलितों और गरीबों का दमन करो। लालू ने कहा कि बिहार में गरीबों को मानसिक आजादी 1990 के बाद मिली, जब हमारी सरकार यहां बनी। लालू बोले, जेएनयू में कन्हैया ने मेरे और नीतीश कुमार के सवालों को उठाया तो केंद्र सरकार उसे देशद्रोही कह रही है। जबकि वह खुद देशद्रोही है। नरेंद्र मोदी के शासन में ही जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान का झंडा फहराया गया। मेरे बार-बार कहने पर भी केंद्र जातीय जनगणना से भागता रहा। भाजपा के लोग बोलते हैं कि लालू प्रसाद राज्य सरकार नहीं चलने देंगे। वे लोग मौका खोज रहे हैं। लोगों में गलत संदेश न जाए, इसलिए फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाते हैं हम और नीतीश कुमार।

पटना: राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा कि कुछ लोगों को बिहार में महागठबंधन की सरकार पच नहीं रही है। जंगलराज का आरोप जनता ने नकार दिया। डॉलर के सहारे बिहार पर कब्जा जमाने की कोशिश को जनता ने नाकाम किया। महागठबंधन की सरकार से बिहार की साख पूरी दुनिया में बढ़ी है। एसके मेमोरियल हॉल में शनिवार को आयोजित सम्मेलन में लालू ने केंद्र पर आरोप लगाया कि रोहित के मामले को दबाने के लिए कन्हैया पर निशाना साधा जा रहा है। भाजपा के लोग राष्ट्रवाद का प्रमाण पत्र बांट रहे हैं। हिंदू, मुस्लिम, सिख व ईसाई के खून में राष्ट्रवाद है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि उन्हें हटाने की साजिश हो रही है, इसका खुलासा करना चाहिए। स्वच्छता अभियान का क्या हुआ। जर्सी गाय रूपी रेलवे को दिवालिया बनाने वाले लोग मेक इन इंडिया का नारा देकर विदेश से बोगी लाकर बुलेट ट्रेन चलाने की बात कर रहे हैं।

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीबीसी के एक जर्नलिस्ट को उद्धरित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शनिवार को प्रहार किया और दावा किया कि लोकसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने के कारण उनके समर्थकों की संख्या घटती जा रही है। बिहार विधानमंडल के समवेत सदन में राज्यपाल रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब देते हुए नीतीश ने कहा कि ब्रिटेन के एक जर्नलिस्ट हैं लेंस प्राईस, जो वहां के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के साथ भी जुड़े हुए थे और उन्होंने 2014 में ‘मोदी इफेक्ट’ नामक पुस्तक लिखी थी पर अब वे लिख रहे हैं कि जबकि वे प्रधानमंत्री हैं ‘मोदी इफेक्ट’ ‘मोदी डिफेक्ट’ हो गया है। यह 25 फरवरी को जारी ओपेन मैगजीन में छपा है ‘मोदी इफेक्ट’ बिकम्स ‘मोदी डिफेक्ट’। उन्होंने कहा, ‘‘समझ लें भाजपा वाले कि अब ‘मोदी इफेक्ट’ ‘मोदी डिफेक्ट’ में परिणत हो गया है।

पटना: वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल योजनाकार 71 हजार 501 करोड़ में लगभग 78 फीसदी राशि केवल 10 विभागों पर खर्च होगी। बाकी विभागों पर 22 फीसदी राशि खर्च होगी। युवाओं व गांवों पर जोर देते हुए सरकार ने बजट में दस महत्वपूर्ण सेक्टर पर 55 हजार करोड़ से अधिक खर्च करने का निर्णय लिया है। सबसे अधिक पैसा 10 हजार 950 करोड़ शिक्षा पर खर्च होगा, जो कुल योजनाकार का 15.31 फीसदी है। दूसरे स्थान पर ऊर्जा विभाग है, जिसमें 9658 करोड़ खर्च होगा। यह कुल योजनाकार का 13.51 फीसदी है। ग्रामीण कार्य विभाग में 5954 करोड़ खर्च होगा जो कुल योजनाकार का 8.33 फीसदी है। इसके बाद पथ निर्माण को 7.90 फीसदी तो ग्रामीण विकास पर कुल योजनाकार की 7.58 फीसदी राशि खर्च होगी। स्वास्थ्य विभाग छठे पायदान पर है। इसके बाद समाज कल्याण, योजना एवं विकास विभाग, कृषि, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का स्थान है। 10 विभागों में सात ऐसे विभाग में जिनमें पांच हजार करोड़ से लेकर 11 हजार करोड़ के बीच खर्च होगा। बाकी विभागों पर 16 हजार 135 करोड़ खर्च होगा जो कुल योजनाकार का 22.57 फीसदी है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख