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नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य पर प्रवर्तन निदेशालय ने शिकंजा कस दिया है। ईडी ने धन शोधन मामले में शनिवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। दरअसल इस केस में पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह भी आरोपी हैं। विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने मामले की सुनवाई की तारीख 24 जुलाई तय की और कहा कि उसी समय यह तय किया जाएगा कि क्या इस संबंध में अंतिम रिपोर्ट का संज्ञान लिया जाए अथवा नहीं। विशेष लोक अभियोजक नितेश राणा और एन के मट्टा द्वारा दाखिल इस चार्जशीट में तारणी इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंध निदेशक वकमुला चंद्रशेखर और एक अन्य राम प्रकाश भाटिया का नाम भी है।

 उल्लेखनीय है कि आनंद चौहान को निदेशालय ने नौ जुलाई 2016 को धनशोधन निरोधक अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था लेकिन बाद में दो जनवरी को उन्हें जमानत दे दी गई।

शिमला: हिमाचल से बड़े ही झकझोर देनेवाली ख़बर सामने आयी है जहां पर बारहवीं कक्षा में पढ़नेवाली लड़की के साथ पांच लड़कों ने तीन दिनों तक हैवानियत का खेल खेला। पुलिस ने बुधवार को बताया कि हिमाचल के मनाली टाउन में पांच लड़कों ने उससे लगातार बलात्कार किया।

12वीं कक्षा की लड़की से तीन दिन तक रेप

पुलिस ने बताया कि उन्हें इस बात की शिकायत मिली थी कि 17 जून को 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली दो लड़कियां गायब हैं। लड़कियां 20 तारीख को बरामद की गई। कुल्लू की सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि शुरुआती पूछताछ के दौरान उन्होंने किसी तरह के यौन उत्पीड़न की बात नहीं बताई। उसके बाद उनमें से एक ने बताया कि उसके साथ पंजाब के तीन युवक और दो स्थानीय युवकों ने बलात्कार किया।

17 जून से 20 जून के बीच हुई वारदात

एसपी शालिनी ने बताया कि यह घटना 17 जून से 20 जून के बीच की है। पुलिस ने पंजाब के बठिंडा से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि दो युवक अभी फरार हैं। सवालों का जवाब देते हुए शालिनी ने कहा- “कानून के मुताबिक अगर सहमति से भी शारीरिक संबंध बना है तो यह रेप माना जाएगा क्योंकि लड़की नाबालिग है।”

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला इस वक्त बड़े पैमाने पर जल संकट का सामना कर रही है, स्थानीय लोगों में पानी को लेकर झगड़े हो रहे हैं और पर्यटक भी ज्यादा दिनों तक इस खूबसूरत जगह पर नहीं रुक रहे हैं। पर्यावरण के जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ इस शहर का मामला नहीं है। पूरे राज्य के सिर पर पानी के गंभीर संकट का खतरा मंडरा रहा है। पानी की परेशानी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने शनिवार ने सभी सरकारी स्कूलों को 4 से 8 जून तक बंद रखने का फैसला किया है।

शिमला में पिछले 15 दिनों से पानी की कमी की स्थिति में शनिवार को आंशिक सुधार हुआ है। यहां पानी की आपूर्ति 2.25 करोड़ लीटर प्रति दिन से बढ़ाकर 2.80 करोड़ लीटर प्रति दिन कर दी गई है लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों में अपर्याप्त जल आपूर्ति की वजह से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला तथा अन्य हिस्सों में पिछले कुछ समय से गहराए जल संकट को गंभीरता से लेते हुए राजधानी में सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के आदेश दिए। अदालत ने इसी के साथ सेना को भी गोल्फ कोर्स पर पेयजल की बर्बादी बंद करने के आदेश देने को कहा है। न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश संजय करोल तथा न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने आज शिमला नगर निगम को निर्देश दिए कि कम से कम एक सप्ताह के लिये सभी निर्माण कार्यों पर पाबंदी लगाई जाए।

खंडपीठ ने आज मामले की सुनवाई की और इस मौके पर नगर निगम आयुक्त तथा उपायुक्त उपस्थित हुए। खंडपीठ ने कहा कि निगम तथा जिला प्रशासन को सेना को गोल्फ कोर्स पर पीने के पानी की बर्बादी रोकने को कहना चाहिए तथा शहर में पेयजल के एटीएम लगाने चाहिए। अदालत ने कहा कि पानी की किल्लत झेल रहे लोगों को राहत देने के लिये बेहतर होगा कि मंत्रियों, जज और अधिकारियों सहित वीआईपी लोगों को पानी के टैंकर मुहैया न कराये जाए।

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