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वाशिंगटन: अमेरिकी ट्रंप प्रशासन में सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) का नेतृत्व कर रहे एलन मस्क लगातार कई बड़े फैसले ले चुके हैं। इसी कड़ी में अब उन्होंने भी अमेरिकी संघीय कर्मचारियों को लेकर एक नया आदेश जारी किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार अरबपति एलन मस्क ने शनिवार (22 फरवरी) को कहा कि यदि सभी अमेरिकी संघीय कर्मचारी अपने कार्य सप्ताह का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत करने में सफल नहीं होते हैं, तो नौकरी जा सकती है।

एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर किया एलान

सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर एलन मस्क ने कहा, "राष्ट्रपति के निर्देशों के अनुरूप सभी संघीय कर्मचारियों को शीघ्र ही एक ईमेल प्राप्त होगा, जिसमें यह पूछा जाएगा कि पिछले सप्ताह उन्होंने क्या किया? जवाब न देने पर इस्तीफा माना जाएगा।" मस्क ने हालांकि ये साफ तरह से नहीं बताया है कि इसमें कर्मचारियों को क्या करना जरूरी रहेगा और इसके लिए टाइम लिमिट कितनी है। मस्क को अमेरिकी सरकार के खर्च और अपव्यय को कम करने में मदद करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तेल अवीव: इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम के भविष्य को लेकर तमाम आशंकाओं के बीच हमास ने छह इजरायली बंधकों को शनिवार को रिहा कर दिया। इन छह लोगों में तीन इजरायली पुरुष शामिल हैं, जिन्हें नोवा संगीत समारोह से पकड़ा गया था, जब सात अक्टूबर, 2023 को हमास के आतंकवादियों ने हमला किया था। इस हमले के बाद इजराइल ने गाजा पट्टी में लगभग 16 महीने का अभियान शुरू किया था। एक अन्य व्यक्ति का अपहरण दक्षिणी इजराइल में किया गया था।

रेड क्रॉस को सौंपे गए बंधक

बंधकों में से दो को हमास ने लगभग एक दशक तक बंधक रखा था, जब से वे दोनों अकेले ही गाजा में घुसे थे। गाजा में दो अलग-अलग समारोहों में सैकड़ों फिलिस्तीनियों के सामने नकाबपोश, सशस्त्र हमास लड़ाकों द्वारा मंच पर लाकर पांचों को रेड क्रॉस को सौंप दिया गया। मध्य शहर नुसेरात में, तीन इजरायली युवाओं ओमर वेंकर्ट, ओमर शेम टोव को रेड क्रॉस के वाहनों में बिठाया गया जो इजरायल के लिए रवाना हो गए।

वाशिंगटन: अमेरिकी संस्था यूएसएड की फंडिंग को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों से भारत में शुरु हुआ बवाल थमा भी नहीं है कि ट्रम्प ने एक और बयान दे दिया। पहले उन्होंने कहा था कि अमेरिका से मिले 21 मिलियन डॉलर का मकसद किसी और को चुनाव जिताना था। उनके इस बयान पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया थी कि यह बयान बेहद परेशान करने वाला है।

लेकिन अब (शुक्रवार 21 फरवरी को) ट्रम्प ने इस मामले पर ताजा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि 21 मिलियन डॉलर ‘भारत में मतदान बढ़ाने के लिए दिए गए थे जो मेरे दोस्त प्रधानमंत्री मोदी को मिले थे।’

ट्रम्प ने यह बयान गवर्नर्स वर्किंग एसोसिएशन की बैठक में दिया है। इस बैठक में उन्होंने अपनी सरकार द्वारा सरकारी खर्चों में की जा रही कटौती के बारे में बात की। ट्रम्प अपने साथ एक कागज लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि, “मैं अपने साथ पूरी सूची लेकर आया हूं, जिसमें डीओजीई के बारे में आपने बात की है। और यह नाम हैं जिन्हें मुझे लगता है कि मैं पढ़ सकता हूं।”

वाशिंगटन: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने जेलेंस्की पर हमला तेज करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के मकसद से शांति वार्ता में जेलेंस्की की उपस्थिति आवश्यक नहीं है।

फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित अपने घर से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि जहां उनकी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ "अच्छी बातचीत" हुई है, वहीं यूक्रेन के साथ उनके संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन के पास वार्ता में कोई बड़ी भूमिका नहीं है, जो संघर्ष के समाधान को जटिल बना रहा है।

जेलेंस्की की शांति वार्ता में भागीदारी महत्वपूर्ण नहीं: ट्रंप 

ट्रंप की ताजा टिप्पणी उनके पूर्व के रुख से एक बड़ा बदलाव दर्शाती है। पहले जेलेंस्की की आलोचना करते हुए उन्हें "बिना चुनाव वाला तानाशाह" बताया था, लेकिन अब ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की की शांति वार्ता में भागीदारी महत्वपूर्ण नहीं है। उनके अनुसार, जेलेंस्की की उपस्थिति ने शांति वार्ता को और मुश्किल बना देगी।

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