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लंदन: ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूक्रेनी राष्ट्रपति को “तानाशाह” कहे जाने के तुरंत बाद एक फोन कॉल में वोलोदिमीर जेलेंस्की को समर्थन की पेशकश की। ट्रंप की यह टिप्पणी रूस के साथ संघर्ष से निपटने के उनके तरीके की आलोचनाओं के बाद आई थी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री के आवास व कार्यालय ‘डाउनिंग स्ट्रीट’ की ओर से बुधवार रात को जारी बयान में कहा गया, “प्रधानमंत्री (स्टार्मर) ने यूक्रेन के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नेता के रूप में राष्ट्रपति जेलेंस्की के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया और कहा कि युद्ध के दौरान चुनावों को स्थगित करना पूरी तरह से उचित था, जैसा कि ब्रिटेन ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किया था।”

जेलेंस्की का पांच साल का कार्यकाल पिछले साल मई में समाप्त हो गया था, लेकिन रूस के साथ देश में चल रहे संघर्ष के बीच घोषित मार्शल लॉ के तहत चुनाव स्थगित हैं। डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा, “प्रधानमंत्री ने यूक्रेन में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रयासों के प्रति अपना समर्थन दोहराया, जिससे रूस को भविष्य में किसी भी आक्रमण से रोका जा सके।”

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ट्रंप ने जेलेंस्की को धमकाते हुए कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध उनके बिना भी खत्म किया जा सकता है। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि जेलेंस्की को जल्द से जल्द समझदारी से आगे बढ़ना चाहिए, नहीं तो उनके पास कोई देश नहीं बचेगा। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रूस के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत चल रही है और यह केवल उनका प्रशासन ही कर सकता है।

यह बयान उस समय आया जब जेलेंस्की ने शिकायत की कि सऊदी अरब के रियाद में हुई अमेरिकी और रूसी राजनयिकों की बैठक में यूक्रेन को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि उनके देश को बाहर रखकर कोई शांति समझौता किया गया तो वे उसे स्वीकार नहीं करेंगे। ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद जेलेंस्की ने उन पर हमला करते हुए कहा कि ट्रंप गलत सूचनाओं के जाल में जी रहे हैं। ट्रंप ने तुरंत पलटवार करते हुए जेलेंस्की को “बिना चुनावों के तानाशाह” कह दिया।

नई दिल्ली: बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने बॉर्डर पर 150 गज की भूमि में फेंसिंग का मुद्दा भारत के सामने उठाया और कुछ आपत्तियां जताई हैं। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच शून्य रेखा के दोनों ओर 150 गज की दूरी पर बगैर सहमति के किसी भी मुल्क को कोई ढांचा बनाने की अनुमति नहीं है क्योंकि ये नो मेन्स लैंड है।

भारत इस एरिया में बाड़ लगा रहा है, जिस पर बांग्लादेश को एतराज है। वो इसको डिफेंस डेवलपमेंट के तौर पर देखता है, जिसके लिए दोनों मुल्कों की सहमति जरूरी है। हालांकि, भारत इसको डिफेंस स्ट्रक्चर नहीं मानता और उसका कहना है कि सिर्फ अवैध घुसपैठ, आपराधिक गतिविधयों और चारे के लिए बॉर्डर क्रॉस करने वाले मवेशियों को रोकने के लिए यह किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, दिल्ली में बीजीबी और बीएसएफ के बीच तीन दिवसीय 55वां महानिदेशक स्तरी सीमा समन्वय सम्मेलन संपन्न हुआ। बीजीबी महानिदेशक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट बाड़ लगाए जाने का मुद्दा वार्ता के दौरान सबसे अधिक फोकस वाला एजेंडा था।

कीव: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के एक सलाहकार ने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका ने अपनी स्थिति कमजोर कर ली है और यूक्रेन पर किसी भी संभावित शांति वार्ता से पहले रूस को कूटनीतिक नेतृत्व सौंप दिया है।

जेलेंस्की के सलाहकार मिखाइलो पोडोल्यक ने सऊदी अरब में अमेरिका और रूस के शीर्ष राजनयिकों के बीच हुई बैठक के बाद यह दावा किया।

पोडोल्यक की यह टिप्पणी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह कहे जाने के एक दिन बाद आई है कि युद्ध के लिए कीव जिम्मेदार है।

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बगैर ही अमेरिका और रूस के बीच वार्ता आयोजित की गई।

पोडोल्याक ने कहा, ‘‘ऐसे देश को प्रभुत्व क्यों सौंपा जाना चाहिए जो एक हमलावर है, अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है और यूक्रेन के खिलाफ हमलों का जिम्मेदार है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इस रणनीति को अब भी नहीं समझ पाए हैं।’’

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