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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट से लैंड फॉर जॉब मामले में मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को झटका लगा है। कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों को तलब किया है। सभी को 11 मार्च को कोर्ट के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है।

सीबीआई के आरोप पत्र पर कोर्ट ने लिया संज्ञान

स्पेशल सीबीआई जज विशाल गोगने ने केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दायर आरोप पत्रों पर संज्ञान लेने के बाद आदेश दिया। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में 30 सरकारी कर्मचारियों और 78 लोगों को नामजद किया है। इस मामले में भोला यादव और प्रेम चंद गुप्ता को तलब किया गया है। कोर्ट का आरोप है कि प्रेम चंद गुप्ता लालू यादव के सहयोगी के रूप में काम करते थे।

इससे पहले अदालत ने 21 फरवरी को इस पर फैसला सुरक्षित रखा था। विशेष जज विशाल गोगने को उसी दिन निर्णय देना था। लेकिन, सीबीआई की ओर से कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण देने के बाद सुनवाई टाल दी गई थी।

वाशिंगटन: अमेरिका द्वारा लगातार ऐसे बायन दिए जा रहा हैं और कदम उठाए जा रहे हैं, जिसका असर सीधे तौर पर भारत पर पड़ा रह है। अब अमेरिका ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने चार भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन कंपनियों को ईरान से संबंध की सजा दी गई है।

ईरान से संबंधों की दी सजा

दरअसल अमेरिका ने ईरान को कमजोर करने के लिए उसके पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्रीज से जुड़ी 16 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इस सूची में यह चार भारतीय कंपनियां भी शामिल हैं। अमेरिकी वित्त विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जिन भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें कॉसमॉस लाइन्स इंक, बीएसएम मरीन एलएलपी, ऑस्टिनशिप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड और फ्लक्स मैरीटाइम एलएलपी शामिल हैं।

अमेरिका द्वारा भारतीय कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध पर अब तक भारत की ओर से कोई कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। भारत के ईरान और अमेरिका दोनों बेहतर संबंध हैं।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): केंद्र द्वारा अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक के मसौदे को संशोधित करने की बात कहने के बाद समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को वकीलों को बधाई दी।

भाजपाई दिखाना चाहते थे कि वे अपनी मनमानी थोप सकते हैं: अखिलेश

यादव ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा,‘‘ प्रिय अधिवक्ताओ। निरंकुशता के खिलाफ एकता की जीत के लिए आपको बधाई हो। ‘एडवोकेट्स (अमेंडमेंट) बिल’ लाकर एक बार फिर से भाजपाई ये दिखाना चाहते थे कि वे अपनी मनमानी किसी पर भी थोप सकते हैं।’’

प्रभावित पक्ष को प्रक्रिया में शामिल करना लोकतांत्रिक परंपरा है: अखिलेश

उन्होंने कहा, "जोड़-तोड़ या किसी भी तरह से बने या मिले बहुमत का मतलब यह नहीं होता कि आप जिसके लिए बदलाव ला रहे हैं उसी की उपेक्षा और हानि कर दें। परिवर्तन से प्रभावित होने वाले पक्ष को उस प्रक्रिया में शामिल करना ही लोकतांत्रिक परंपरा है। ऐसे तो पुराने राजा भी अपने मन से शासन करते थे और फ़ैसले कर लेते थे।"

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): कांग्रेस ने रविवार को एलान किया कि गुजरात के अहमदाबाद में 8 और 9 अप्रैल को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का अधिवेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें बीजेपी की ‘जनविरोधी’ नीतियों से उत्पन्न चुनौतियों, संविधान पर उसके कथित हमले और आगे का ‘रोडमैप’ तैयार करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

कांग्रेस महासचिव और संगठन प्रभारी के सी वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा कि आगामी अधिवेशन न केवल महत्वपूर्ण विचार-विमर्श के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा, बल्कि आम लोगों की चिंताओं को दूर करने और राष्ट्र के लिए एक मजबूत वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के कांग्रेस पार्टी के सामूहिक संकल्प को भी प्रदर्शित करेगा।

के सी वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण अधिवेशन देश भर से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधियों को एक साथ लाएगा, जहां वे बीजेपी की जनविरोधी नीतियों और संविधान तथा उसके मूल्यों पर लगातार हमलों से उत्पन्न चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे और पार्टी की भावी कार्ययोजना तैयार करेंगे।’’

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