ताज़ा खबरें
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद

नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने आदेश जारी किया कि अगले साल जून तक बांग्लादेश से सटी असम की सीमा पूरी तरह सील कर दी जाए। यह आदेश जारी कर मोदी सरकार ने असम में बीजेपी के सत्ता में आने के महज एक हफ्ते के भीतर पार्टी का एक बड़ा चुनावी वादा पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। बीजेपी ने वादा किया था कि सत्ता में आने पर पड़ोसी देश से अवैध घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए बांग्लादेश से लगी असम की सीमा सील की जाएगी। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक उच्च-स्तरीय बैठक में यह आदेश जारी किया। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, 'बैठक के दौरान गृहमंत्री ने निर्देश दिया कि असम में भारत-बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सील किया जाए।' हाल ही में संपन्न हुए असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पड़ोसी देश से अवैध घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए बांग्लादेश से लगी असम की सीमा सील करने का वादा किया था। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा है कि दो साल में बांग्लादेश से लगी सीमाओं को सील करना उनकी दो शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। गृहमंत्री ने यह निर्देश भी दिया कि सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा के लिए प्रौद्योगिकी का पूरा इस्तेमाल किया जाए।

गुवाहाटी: असम में आरएसएस संचालित स्कूल में पढ़ने वाले एक मुस्लिम छात्र ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप किया है। परीक्षा परिणाम आने के बाद संघ परिवार ने दावा किया है कि इसमे ‘‘आरएसएस के बारे में मिथ्या प्रचार को चूर-चूर कर दिया है।’’ छात्र सरफराज ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे इस स्कूल का छात्र होने पर गर्व है। मेरे स्कूल के कारण ही मैं प्रदेश में पहले स्थान पर आ सका हूं।’’ मंगलवार को घोषित परीक्षा परिणाम में 16 वर्षीय छात्र ने 600 में से 590 अंक (98.3 प्रतिशत) हासिल किए हैं। सरफराज ने संस्कृत लेख लेखन प्रतियोगिता में कई पुरस्कार जीते हैं। कुछ साल पहले उसने गुवाहाटी में आयोजित ‘गीता पाठ’ में भी पहला स्थान पाया था। आठवीं तक हमेशा संस्कृत में शत-प्रतिशत अंक लाने वाले सरफराज का कहना है, ‘‘मुझे गायत्री मंत्र सहित संस्कृत में प्रार्थनाएं पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं है।’’ सरफराज को सम्मानित करते हुए असम के शिक्षा मंत्री हिमंत बिश्व शर्मा ने कहा कि उसकी शिक्षा का खर्च सरकार वहन करेगी और उसके नाम पर पांच लाख रुपए सावधि जमा किये जाएंगे।

गुवाहाटी: असम में सर्वानंद सोनोवाल की अगुवाई वाली भाजपा-एजीपी-बीपीएफ गठबंधन सरकार के मंत्रिमंडल की पहली बैठक में जो कुछ फैसले लिये गये, उनमें अंतरराज्यीय चैक गेट हटाने और मुख्यमंत्री के काफिले को कम से कम रखने जैसे फैसले शामिल हैं। सोनोवाल ने कहा कि जनता की आकांक्षाएं हमसे बहुत हैं और सरकार को उसके चुनावी वादे पूरे करने होंगे तथा जनता से संपर्क को बनाये रखना होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी मंत्रिपरिषद से राज्य के कल्याण के लिए काम करने और जनता की शिकायतों का जल्द से जल्द निवारण करने को कहा। सीएमओ ने कहा कि सोनोवाल ने अपने मंत्रियों से कहा कि ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ की केंद्रीय नीति की तर्ज पर जनता के कल्याण के लिए अधिक से अधिक समय दें।

गुवाहाटी: असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरण गोगोई ने राज्य विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के लिए आज (बुधवार) अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की और जनता की आकांक्षाएं पूरी नहीं कर पाने पर खेद जताया। गोगोई से जब संवाददाता सम्मेलन में पूछा गया कि क्या वह कांग्रेस के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेंगे तो उन्होंने कहा, ‘हां, मैं चुनावी हार के लिए जिम्मेदार हूं। मैं नेता हूं। अगर मैं जिम्मेदार नहीं हूं तो कौन होगा?’ उन्होंने कहा कि संभवत: उनकी सरकार जनता की आकांक्षाओं पर खरी नहीं उतरी और इसलिए वे चुनाव में हार गये। गोगोई ने कहा, ‘हम इस बात का विश्लेषण करेंगे कि हमें ऐसी हार क्यों मिली। हमने कुछ गलतियां की होंगी। हम इसके लिए जनता से खेद प्रकट करते हैं। हम अब पार्टी को मजबूत करेंगे। हम पार्टी के पुनर्गठन पर काम कर रहे हैं। गलतियां पता लगाने और जनता के पास जाने की चुनौती है।’ इस बार के हालात 1985 में असम गण परिषद के सत्ता में आने के समय जैसे बताते हुए उन्होंने कहा कि तब भी विदेशियों के मुद्दे ने मुख्य भूमिका निभाई थी और इस बार भी ऐसा ही हुआ। गोगोई ने कहा, ‘एजीपी ने समय का फायदा उठाया था और अब भाजपा ने।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख