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नई दिल्‍ली: गोवा में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भाजपा नेतृत्व ने राज्य में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का निर्णय किया है और अस्वस्थ चल रहे मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर अपने पद पर बरकरार रहेंगे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘‘गोवा प्रदेश भाजपा की कोर टीम के साथ चर्चा कर यह निर्णय लिया गया है कि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ही गोवा सरकार का नेतृत्व करते रहेंगे।’’ शाह ने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल व विभागों में बदलाव शीघ्र ही किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पर्रिकर के दिल्ली के एम्स में भर्ती होने के बाद से ही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगाई जा रही थीं। इस संदर्भ में भाजपा नेतृत्व ने पार्टी महासचिव (संगठन) रामलाल एवं संयुक्त मंत्री बीएल संतोष को गोवा भेजा था। इन दोनों नेताओं ने पार्टी के विधायकों के साथ सहयोगी दलों के नेताओं से भी चर्चा की थी।

पणजी: गोवा में कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को राज्य की राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात की। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से कहा कि मनोहर पर्रिकर नीत सरकार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना चाहिए। बता दें, यह कदम उस समय उठाया गया है जब 62 साल के पर्रिकर को अग्नाशय के रोग के चलते दिल्ली में एम्स में भर्ती कराया गया है। गोवा के कांग्रेस विधायक मनोहर पर्रिकर सरकार बर्खास्त करने और वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए दावेदारी पेश करने की इजाजत देने की मांग को ले कर मंगलवार शाम को राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात की।

कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को राज्यपाल सिन्हा से मुलाकात का वक्त मांगा था, जिसके बाद मंगलवार शाम 6.30 बजे उन्हें बैठक का समय मिला। बता दें, यह कदम उस समय उठाया गया है जब 62 साल के पर्रिकर को अग्नाशय के रोग के चलते दिल्ली में एम्स में भर्ती कराया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत ने कहा कि अगर हमें मौका दिया जाता है तो फिर हम सदन में बहुमत साबित कर के दिखा देंगे। हालांकि, कामत ने इस बात की जानकारी नहीं दी कि वे बहुमत का आंकड़ा कैसे जुटाएंगे जबकि उनकी पार्टी के पास सिर्फ 16 विधायक ही हैं।

पणजी: गोवा में कांग्रेस ने अपने 14 विधायकों के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया है। इसके लिए कांग्रेस नेताओं ने राजभवन में एक चिट्ठी दी है। हालांकि, राज्यपाल और पार्टी विधायकों के बीच कोई भी मुलाकात नहीं हो सकी है। गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा को लिखे पत्र में राज्य कांग्रेस ने दावा किया है कि मनोहर पर्रिकर सरकार काम नहीं कर रही है। इस वजह से राज्य में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को निमंत्रण दिया जाना चाहिए।

राजभवन के बाहर मीडिया से बातचीत में विपक्ष के नेता चंद्रकांत कवेलकर ने कहा कि राज्यपाल से आज मुलाकात नहीं हो सकी है। हम कल एक बार फिर से मुलाकात करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि सरकार काम नहीं कर रही है। इस वजह से सरकार को तुरंत हटा देना चाहिए और हमें मौका मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य में हम सबसे अधिक संख्या वाली पार्टी हैं और इस वजह से हमनें सरकार बनाने का दावा पेश किया है। 

पणजी: भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षकों के राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए रविवार को गोवा पहुंचने की संभावना है। दूसरी ओर विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि वह घटनाक्रम पर नजर रख रही है और राज्य में सरकार बनाने की संभावनाएं टटोलेगी। अभी इस तटीय राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार है। मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बीमार रहने के कारण राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे पर्रिकर नई दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज करा रहे हैं।

भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षकों बी एस संतोष और राम लाल के रविवार शाम तक गोवा पहुंचने की संभावना है। वह राजनीतिक हालात का जायजा लेंगे और पार्टी के नेताओं तथा सहयोगी दलों के साथ चर्चा करेंगे। पर्रिकर नीत सरकार गोवा फॉरवर्ड पार्टी, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी और निर्दलीयों के सहयोग से राज्य में सत्तारूढ़ है। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, ''केंद्रीय पर्यवेक्षक जीएफपी, एमजीपी और निर्दलीय विधायकों से मुलाकात करने के बाद भाजपा विधायकों और पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

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