पणजी: मशहूर पर्यावरणविद माधव गाडगिल ने चेतावनी दी है कि अगर गोवा ने पर्यावरण के मोर्चे पर ऐहतियात नहीं बरती तो उसका भी हश्र बाढ़ से तबाह हुए केरल जैसा हो सकता है। गाडगिल ने कहा कि कुछ अन्य राज्यों की तरह गोवा में भी ऐसी गतिविधियां हो रही हैं जिसकी मंशा केवल असीमित मुनाफा कमाना है। गाडगिल कुछ साल पहले बहस का विषय बनी पश्चिमी घाट संबंधी रिपोर्ट लिखने वाली समिति के अगुवा रहे हैं। उन्होंने केरल की विनाशकारी बाढ़ पर कहा, निश्चित ही सभी तरह की समस्याएं पश्चिमी घाट के पर्यावरण मोर्चे पर जमीनी स्तर पर सामने आएंगी। वैसे तो गोवा में पश्चिमी घाट केरल जैसा बहुत ऊंचा नहीं है, लेकिन मैं पक्का हूं कि गोवा भी ऐसी समस्याओं का सामना करेगा।
गाडगिल ने कहा कि कोई भी पर्यावरण संबंधी ऐहतियात नहीं बरतने की वजह पूर्णत: मुनाफा केंद्रित है। उन्होंने कहा, आपने गोवा में भी देखा है। केंद्र सरकार की ओर से गठित न्यायमूर्ति एमबी शाह आयोग ने अवैध खनन से 35000 करोड़ रुपये के अवैध मुनाफे का अनुमान लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यावरण नियमों को लागू कराने में शिथिल रही।
केरल में बाढ़ ने सबकुछ तहस नहस कर दिया है। राज्य में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 357 तक पहुंच गई है। 7 लाख से ज्यादा संख्या में लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। आज रविवार को केरल में लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। राज्य से रेल अलर्ट हटा दिया गया है। इसके बावजूद भी राज्या में तेज बारिश के बीच बचाव कार्य जारी है। राज्य के 11 जिलों में ऑरेंज और दो जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बताते चलें कि ऑरेंज अलर्ट तेज बारिश की संभावना के चलते व येलो अलर्ट बारिश के अनुमान के तहत जारी किया जाता है। केरल में बाढ़ से आई भीषण तबाही के बीच देश के कई राज्यों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। कल शनिवार को केरल के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल 500 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी।