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मुंबई: मनोहर पर्रिकर की तबीयत को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जल्द से जल्द इस मामले पर हलफनामा दाखिल करें। बॉम्बे हाईकोर्ट की पणजी बेंच ने गोवा सरकार को बुधवार तक सीएम स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी देने संबंधित एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। स्थानीय नेता ट्राजनो डिमेलो की याचिका पर सुनवाई करते हुए जज आरएम बोर्डे ने गोवा के मुख्य सचिव को ये निर्देश दिया। गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं।

ट्राजनो डिमेलो ने सीएम पर्रिकर की स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी लेने के संबंध में एक याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की थी। इस याचिका में ये भी कहा गया था कि सीएम पर्रिकर एक महीने से अधिक समय से उन्होंने अपने निजी आवास से बाहर किसी भी समारोह या आधिकारिक बैठक में हिस्सा नहीं लिया है। सीएम पर्रिकर के हेल्थ बुलेटिन नियमित समयांतराल पर जारी किए जाने की मांग की थी।

नई दिल्ली: बीमार चल रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर पद से त्यागपत्र देना चाहते थे लेकिन भाजपा आला कमान ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।गोवा फारवर्ड पार्टी के प्रमुख और राज्य के कृषि मंत्री विजय सरदेसाई ने गुरूवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'वह (पर्रिकर) मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहते थे। जब वह गणेश चतुर्थी पर्व पर अस्पताल में भर्ती हुये तो उन्होंने अपने सभी मंत्रालय अन्य मंत्रियों को सौंपने की इच्छा जाहिर की थी। लेकिन उसके बाद कई चीजें हुईं। भाजपा आलाकमान ने इसमें हस्तक्षेप किया। त्यागपत्र देना या न देना पूरी तरह से उनके (पर्रिकर) के हाथ में नहीं था।

गौरतलब है कि पर्रिकर अग्नेयाशय की बीमारी से पीडि़त हैं और नई दिल्ली के एम्स से उन्हें 14 अक्टूबर को छुट्टी दी गई थी तब से वे घर पर स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।

पणजी: गोवा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) ने शनिवार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री पद से मनोहर पार्रिकर को हटाकर उनके मंत्री सुदीन धवलीकर को दिया जाय। एमजीपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भाजपा उनकी मांगों को नहीं मांगती है तो वह राज्य में लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव भाजपा के खिलाफ लड़ेगी। पर्रिकर एडवांस पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे हैं और करीब नौ महीनों तक उनका गोवा, मुंबई, न्यूयॉर्क और दिल्ली के अस्पतालों में इलाज चला है। 14 अक्टूबर को एम्स से डिस्चार्ज होने के बाद वे घर पर आराम कर रहे हैं।

एमजीपी का कहना है कि बीमार मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को अपना प्रभार सौंप देना चाहिए, क्योंकि उनके नेतृत्व में बीते आठ महीनों से राज्य प्रशासन शक्तिहीन हो गया है। पिछले महीने विधानसभा की दो सीटें खाली हुई थीं, सुभाष शिरोड़कर और दयानंद सोप्ते ने अपने पद से इस्तीफा देकर कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे।

पणजी: गोवा में मछली के आयात पर 6 माह के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रतिबंध लगाने का कारण मछली से कैंसर का खतरा है। दरअसल गोवा के तटीय इलाकों में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि मछली को सुरक्षित रखने के लिए फॉर्मैलिन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी केमिकल वाली मछली को खाने से खाने वाले को कैंसर हो सकता है।

गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने बताया कि अगर आवश्यकता पड़ी तो मछली के बैन की अवधि छह महीने के लिए बढ़ाई जा सकती है। गोवा में मछली व्यापार पर हजारों लोगों की आजीविका कायम है। गोवा के छोटे-छोटे खुदरा मछली विक्रेताओं का क्या होगा जो अपनी आजीविका के लिए बाजार में और घर-घर जाकर मछली बेचते हैं।

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