गोवा: गोवा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली सरकार में शामिल गोवा फॉर्वर्ड पार्टी (जीएफपी) नहीं चाहती है कि लोकसभा चुनाव के साथ राज्य विधानसभा के चुनाव भी करवाए जाएं। जीएफपी ने शनिवार को कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव साथ-साथ करवाने का प्रस्ताव क्षेत्रीय भावनाओं के खिलाफ है। जीएफपी के अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने संवाददाताओं से कहा, 'प्रस्ताव पूरी तरह अव्यवहारिक है। यह कारगर नहीं होगा।
सरदेसाई यहां विधि आयोग द्वारा एक साथ चुनाव करवाने के प्रस्ताव पर आयोजित बैठक में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर प्रस्ताव को अमल मे लाया गया तो क्षेत्रीय मसले ठंडे बस्ते में चले जाएंगे। शहर एवं ग्राम नियोजन और कृषि मंत्री विजय सरदेसाई ने कहा, 'सुझाव अच्छा है, लेकिन इससे क्षेत्रीय मुद्दे कमजोर पड़ जाएंगे। अगर एक साथ चुनाव हुए तो हमारे जैसे क्षेत्रीय दल और मसलों की अहमियत कम हो जाएगी। यही कारण है कि हम इसका विरोध कर रहे हैं। यह क्षेत्रीय भावना के खिलाफ है।'
विधि आयोग ने एक साथ चुनाव करवाने के मसले पर शनिवार और रविवार को परामर्श करने के लिए सभी राष्ट्रीय और राज्यों के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को बुलाया है। आयोग ने 'एक साथ चुनाव: संवैधानिक और कानूनी परिप्रेक्ष्य' नामक एक मसौदा तैयार किया है और इसे अंतिम रूप देने और सरकार के पास भेजने से पहले इस पर राजनीतिक दलों, संविधान विशेषज्ञों, नौकरशाहों, शिक्षाविदों और अन्य लोगों सहित सभी हितधारकों से इस पर सुझाव मांगे हैं। चुनाव आयोग ने पहले ही कह दिया है कि वह एक साथ चुनाव करवाने में सक्षम है, बशर्ते कानूनी रूपरेखा और लॉजिटिक्स दुरुस्त हो।
वहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भी एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने का विरोध किया और इसे असंवैधानिक बताया। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, 'संविधान के बुनियादी ढांचे को बदला नहीं जा सकता। हम एक साथ चुनाव कराने के विचार के खिलाफ हैं, क्योंकि यह संविधान के खिलाफ है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।'