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श्रीनगर: पिछले साल हुए उधमपुर हमले में संलिप्तता के चलते वांछित एक पाकिस्तानी ईनामी आतंकी पुलवामा जिले में हुई मुठभेड़ में मारा गया है जबकि लश्कर-ए-तोएबा का एक शीर्ष कमांडर और चार अन्य उग्रवादी स्थानीय लोगों की कथित मदद के चलते बच निकलने में कामयाब हो गए। एनआईए ने ओकाशा को गिरफ्तार करवाने में मददगार साबित होने वाली जानकारी देने वाले के लिए पांच लाख रुपये का ईनाम घोषित किया था। एनआईए ने उधमपुर आतंकी हमले में उसकी संलिप्तता के सिलसिले में विभिन्न आतंकी ठिकानों पर छापा मारकर उसकी तस्वीर जुटाई थी। उधमपुर आतंकी हमले में लश्कर-ए-तोएबा के पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नवेद याकूब को गिरफ्तार किया था। सूत्रों ने कहा कि लश्कर का कश्मीर प्रमुख अबु दुजाना बच निकलने वालों में शामिल है। ये लोग मुठभेड़ स्थल से बच निकलने में इसलिए कामयाब रहे क्योंकि स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बलों पर कथित तौर पर पथराव करके उनका ध्यान भटका दिया था। एक अधिकारी ने कहा कि मुठभेड़ उस समय हुई जब सुरक्षाबल अवंतीपुरा के पुछल इलाके में तलाशी अभियान चला रहे थे।

श्रीनगर: पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को भाजपा के साथ जम्मू-कश्मीर में फिर से सरकार बनाने का बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा, उनके दिवंगत पिता मुफ्ती सईद का भाजपा के साथ गठबंधन करने का निर्णय उनके बच्चों के लिए एक वसीयत की तरह है। इसे अमल में लाना है, भले ही ऐसा करते हुए वे मिट जाएं। महबूबा मुफ्ती ने कहा, मेरे लिए मेरे पिता का निर्णय पत्थर की लकीर है। किन्तु जो गठबंधन का एजेंडा उनके पिता ने तय किया था वह भी बहुत महत्वपूर्ण है। बिल्कुल मुफ्ती साहब के शब्दों की तरह। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता का निर्णय सदैव राज्य के लोगों के हित में हुआ करता था। बहरहाल, महबूबा ने यह भी कहा कि निर्णय का एक अन्य पहलू दोनों दलों के बीच गठबंधन के एजेंडा के क्रियान्वन के जरिये राज्य के लोगों को लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा, सईद का भाजपा के साथ सरकार बनाने के लिए गठबंधन करना राज्य की एकता को कायम रखने तथा शांति एवं विकास के लिए था। महबूबा ने कहा, वह तभी सरकार बनाएंगी जब वे महसूस करेंगी कि उनके पिता का स्वप्न पूर्ण होगा।

जम्मू: पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती से सकारात्मक संदेश मिलने के बाद भाजपा ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में जल्द सरकार गठन की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि यह लोगों की इच्छा है। भाजपा नेता निर्मल सिंह ने यहां पत्रकारों को बताया, ‘मेरा मानना है कि जम्मू-कश्मीर में बगैर वक्त गंवाए सरकार बनानी चाहिए।’ पूर्व उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग चाहते हैं कि भाजपा-पीडीपी सरकार बनाए, क्योंकि कांग्रेस के शासनकाल में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। पिछले साल मार्च में दोनों पार्टियों के बीच हुए गठबंधन के वक्त की कोशिशों का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा, ‘गठबंधन का एजेंडा तैयार करने में दो महीने का वक्त लगा था।’ जम्मू-कश्मीर की 87 सदस्यीय विधानसभा में पीडीपी के 27 और भाजपा के 25 विधायक हैं।

जम्मू: पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने दो महीने की अनिश्चिय की स्थिति के बाद आज (शुक्रवार) भाजपा के साथ सरकार बनाने को लेकर आगे बढ़ने के संकेत दिये और कहा कि उन्हें इसको लेकर होने वाली आलोचनाओं का ‘‘डर नहीं’’ है लेकिन चाहती हैं कि केंद्र एक ‘‘संकेत’’ दे कि वह जम्मू कश्मीर के लोगों के कल्याण के लिए ‘‘सब कुछ’’ करेगा। इसके कुछ घंटे बाद महबूबा ने राज्यपाल एन एन वोहरा से एक घंटे तक मुलाकात की और ‘‘राजनीतिक मुद्दों’’ एवं राज्य की ‘‘विभिन्न चुनौतियों’’ पर चर्चा की जहां गत आठ जनवरी से राज्यपाल शासन लगा हुआ है। उन्होंने वोहरा से मुलाकात करने से पहले अपने दिवंगत पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ‘‘भाजपा के साथ एक पार्टी के तौर पर हाथ नहीं मिलाया था बल्कि वह गठबंधन केंद्र सरकार और जम्मू कश्मीर के लोगों के बीच था’’ जिसका उद्देश्य राज्य के लोगों की भलाई था।’’ उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यता अभियान की यहां शुरूआत करते हुए कहा, ‘‘हमारे लिए मेरे पिता द्वारा किये गये निर्णय, यदि उससे उद्देश्य और उस आकांक्षा की पूर्ति होती है तो, मुझे इस बात की परवाह नहीं कि लोग मुझ पर भाजपा के साथ आगे बढ़ने का आरोप लगाते हैं, चाहे उन्हें अच्छा लगे या बुरा।

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