आरएस पुरा, जम्मू: पाकिस्तान की ओर से भारतीय क्षेत्र तक खोदी गयी 30 मीटर लंबी सुरंग का पता लगाए जाने को भारतीय सीमा सुरक्षा बल ने एक बड़ी सफलता बताते हुए आज कहा कि इसे जम्मू क्षेत्र में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के मकसद से खोदा गया था। जम्मू फ्रंटियर के बीएसएफ के इंस्पेक्टर जनरल राकेश शर्मा ने बताया, ‘ हम मासिक आधार पर की जाने वाली नियमित जांच कर रहे थे कि हमें एक पूरी तरह निर्मित सुरंग मिली।’ उन्होंने बताया कि इसे जेसीबी मशीन से खोदा गया था। उन्होंने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘ इसका मकसद जम्मू क्षेत्र में आतंकवादियों की घुसपैठ कराना था।’’ कल इस सुरंग का पता लगाए जाने को बड़ी सफलता बताते हुए आईजी ने कहा कि यदि इसका पता समय पर नहीं लगाया जाता तो पाकिस्तान भारतीय क्षेत्र में ‘फिदायिन ’ और अन्य आतंकवादियों को भेजने में सफल हो जाता । शर्मा ने बताया, ‘ घास साफ करने के हमारे प्रयासों पर पाकिस्तान विरोध जता रहा था क्योंकि उसे लग रहा था कि बीएसएफ सुरंग का पता लगा लेगा।
हमने पाकिस्तान के प्रयासों का विरोध किया और साफ सफाई अभियान को जारी रखा और इसी दौरान सुरंग का पता चला।’ उन्होंने बताया कि सुरंग जमीन से दस फुट नीचे थे और पाकिस्तान की ओर से लेकर भारत की ओर तक यह 30 मीटर लंबी थी। आईजी ने बताया, ‘ लेकिन हमारी ओर इसका सिरा बंद था। निकासी मार्ग नहीं था क्योंकि वे अभी इसे पूरा नहीं कर पाए थे । यह सीमावर्ती बाड़ पर बंद हो रही थी।’ उन्होंने बताया, ‘ एक व्यक्ति इस सुरंग के अंदर आराम से बैठ सकता था और इसके भीतर घूम सकता था। यह हमारी तरफ अल्लाह माई दी कोठी बीओपी और पाकिस्तान की ओर अफजल चौकी के क्षेत्र में थी ।’ उन्होंने साथ ही बताया कि मामले की जांच जारी है । वर्ष 2012 के बाद से क्षेत्र में बीएसएफ ने यह चौथी सुरंग खोज निकाली है ।