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श्रीनगर: लद्दाख क्षेत्र में लगातार घुसपैठ के बाद चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नियंत्रण रेखा पर स्थित अग्रिम चौकियों पर देखा गया जिससे सुरक्षा बल सजग हो गए हैं। घटनाक्रमों की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि सेना ने उत्तर कश्मीर के नौगांव सेक्टर के सामने स्थित अग्रिम चौकियों पर पीएलए के वरिष्ठ अधिकारियों को देखा। इसके बाद पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों के कुछ संवाद पकड़ में आए जिनसे पता चलता है कि चीनी सैनिक नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों में कुछ निर्माण कार्य करने आए हैं। सूत्रों ने कहा कि सेना ने इस मुद्दे पर आधिकारिक रूप से पूरी तरह चुप्पी साधे हुई है लेकिन वह विभिन्न खुफिया एजेंसियों को नियंत्रण रेखा पर पीएलए सैनिकों की मौजूदगी की लगातार सूचनाएं दे रही है। पिछले साल के आखिर में पीएलए सैनिकों को पहली बार देखा गया था और तब से तंगधार सेक्टर के सामने भी उनकी मौजूदगी देखी गयी है। इस इलाके में चीनी सरकार के स्वामित्व वाली चाइना गेझौबा ग्रुप कंपनी लिमिटेड 970 मेगवाट की झेलम-नीलम पनबिजली परियोजना का निर्माण कर रही है।

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा ने राज्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 80,000 करोड़ रुपये के पैकेज के क्रियान्वयन पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से चर्चा की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल ने पैकेज के क्रियान्वयन के लिए उठाए गए कदमों के बारे में गृह मंत्री को जानकारी दी। इस पैकेज में पांच बिंदुओं-मानवीय राहत, आपदा प्रबंधन, सामाजिक बुनियादी ढांचा, आर्थिक बुनियादी ढांचा और विकास पर खर्च- का उल्लेख है। जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन है। ऐसे में वोहरा प्रशासनिक प्रमुख हैं और राज्य के मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।

लेह: चीनी सैनिक लद्दाख सेक्टर में इस सप्ताह एक बार फिर भारतीय सीमा में घुस आए। चीन के सैनिक पानगोंग झील इलाके के समीप भारतीय क्षेत्र में करीब 6 किलोमीटर अंदर तक घुस गए थे। सूत्रों ने बताया कि यह आठ मार्च की घटना है। उस दिन पीएलए के करीब 11 सैनिक पानगोंग के निकट फिंगर-8 और सिरजाप-1 में काल्पनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए।इन जवानों की अगुवाई कर्नल स्तर का एक अधिकारी कर रहा था। सूत्रों ने कहा कि चीन के सैनिक चार वाहनों से भारत की ठाकुंच सुरक्षा चौकी से दाखिल हुए और भारतीय क्षेत्र के 5.5 किलोमीटर अंदर तक पहुंच गए। इन वाहनों में दो हल्के, एक मध्यम और एक भारी वाहन था। सूत्रों के मुताबिक आईटीबीपी के एक गश्ती दल ने जल्द ही इन चीनी सैनिकों का प्रतिरोध किया और रोका। इसके बाद कुछ घंटे के लिए दोनों तरफ के जवान एक दूसरे के आमने-सामने रहे। फिर स्थिति सहज हो गई और दूसरा पक्ष अपने पुराने स्थल पर लौट गया। इस घटना को लेकर सेना की प्रतिक्रिया फिलहाल नहीं मिल पाई है।

जम्मू: नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर के शांति वाले और आतंकवाद रहित क्षेत्रों में आफ्सपा के जारी रहने पर सवाल उठाया और कहा कि सुरक्षाबलों को इसे देखना चाहिए । फारूक ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘इसका (आफ्सपा हटाने) फैसला मैं नहीं ले सकता, यह सुरक्षाबलों द्वारा किया जाना है ।’ उन्होंने हालांकि कहा कि इसे उन स्थानों से हटा लिया जाना चाहिए जहां ‘इसकी जरूरत नहीं है’ और उन स्थानों से जहां ‘आतंकवाद नहीं है ।’ उनसे पूछा गया था कि क्या जम्मू कश्मीर में आफ्सपा जारी रहना चाहिए । जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की सुरक्षाबलों के संबंध में की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि इस तरह के बयान ऐसे समय सशस्त्र बलों की छवि खराब कर रहे हैं जब युवा अधिकारी मातृभमि के लिए अपना बलिदान दे रहे हैं । कन्हैया ने कहा था कि सुरक्षाबल कश्मीर घाटी में ‘मानवाधिकार उल्लंघन में शामिल’ हैं।

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