श्रीनगर: नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने आज कहा कि अगर पीडीपी और भाजपा सरकार नहीं बनाते तो उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर में फिर से चुनाव कराने को तैयार है। उन्होंने पीडीपी को समर्थन देने से इंकार करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों के बाद सरकार बनाने की नेकां की पेशकश को ठुकरा दिया गया था और इससे भाजपा राज्य में सत्ता में आ गई। उमर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हम पीडीपी और भाजपा से पूछना चाहते हैं कि सरकार के लिए हमें कितना और इंतजार करना होगा? या तो आप सरकार बनाईए या अगर आप तैयार नहीं हैं तो कृपया राज्यपाल को सूचित कीजिए ताकि वह विधानसभा भंग कर दें और हम फिर से चुनावों की तैयारी करें।’ उन्होंने कहा, ‘अगर पीडीपी और भाजपा सरकार नहीं बनाती है तो फिर से चुनाव होंगे और हम विधानसभा चुनावों के लिए तैयार हैं।’
राज्य में वर्तमान में राज्यपाल का शासन है जहां पीडीपी और भाजपा के बीच गठबंधन है। नेकां के युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए उमर ने कहा, ‘यह स्थिति राज्य के लिए घातक है। मेरा मानना है कि जम्मू कश्मीर जैसे राज्य में अनिश्चितता की स्थिति खतरे से खेलने के समान है। दोनों दलों को अपने हितों से उपर उठना चाहिए और राज्य के बारे में सोचना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘हमारी पेशकश भाजपा को राज्य में सत्ता से दूर रखने के लिए थी। उस वक्त सईद ने एक मिनट भी इंतजार नहीं किया और हमारी पेशकश ठुकरा दी। अब उन्हें फिर से पेशकश करने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि वे भाजपा को सत्ता में लाए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘श्रीनगर में आरएसएस की अब शाखाएं हैं और जम्मू में अपने मार्च में उन्होंने हथियार लहराए। वे हमारे गुज्जर भाईयों के घर जला रहे हैं और फिर पुलिस उन पर गोलीबारी करती है। इस स्थिति में पीडीपी को पेशकश करने का कोई मतलब नहीं है। अगर सईद ने तब हमारी पेशकश स्वीकार कर ली होती तो राज्य में शायद ऐसी स्थिति नहीं बनती।’