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चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार, 25 अप्रैल, 2022 को एक बिल पास करते हुए राज्यपाल से विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्त करने का अधिकार छीन लिया है। बिल के अनुसार, राज्य के विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति का अधिकार अब सरकार के पास होगा न कि राज्यपाल के पास।

तमिलनाडु में जब से सीएम स्टालिन के नेतृत्व में द्रुमक यानी डीएमके की सरकार बनी है, राज्य विधानसभा में प्रस्तावों के जरिये लगातार केंद्र सरकार की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक प्रणालियों को चुनौती दी जा रही है।

तमिलनाडु सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने प्रारंभिक चरण में विधेयक का विरोध किया। वहीं, मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक यानी एआईडीएमके के विधायक ने कांग्रेस विधायक दल के नेता के सेल्वापेरुन्थगई की ओर से एआईडीएमके की नेता एवं दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता से संबंधित टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए विधेयक के पारित होने से पहले सदन से वॉक आउट किया।

चेन्‍नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हिंदी पर जोर भारत की ‘अखंडता और बहुलवाद' के खिलाफ है और यह अभियान सफल नहीं होगा। अमित शाह द्वारा सात अप्रैल को दिये गये उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तमिलनाडु के सीएम ने कहा कि हिंदी को अंग्रेजी के विकल्प के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए, न कि स्थानीय भाषाओं के लिए, स्टालिन ने कहा कि यह विचार देश की अखंडता को बर्बाद कर देगा। तृणमूल कांग्रेस ने भी कहा है कि गैर हिंदी भाषी राज्यों पर हिंदी थोपने के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा। गौरतलब है कि शाह ने गुरुवार कोकहा था कि हिंदी को स्थानीय भाषाओं के नहीं, बल्कि अंग्रेजी के विकल्प के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने संसदीय राजभाषा समिति की 37वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णय किया है कि सरकार चलाने का माध्यम राजभाषा है और यह निश्चित तौर पर हिंदी के महत्व को बढ़ाएगा।

नई दिल्ली: तमिलनाडु में तीसरी ताकत के तौर पर उभरने के भाजपा के दावे पर राज्य के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने करारा प्रहार किया है। उन्होंने रविवार को एक इंटरव्यू में कहा कि ये दावा ऐसे ही है कि क्लास में एक बच्चा 90 फीसदी नंबर लाता है, दूसरा 50 फीसदी अंक और तीसरा 10%। दस फीसदी अंक लाने के साथ वो तीसरी ताकत बनने का दावा करता है। भाजपा द्वारा हालिया विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल करने के दावे को भी स्टालिन ने गलत बताया।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की संख्या कम हुईं और पंजाब में उसे दो सीटें मिलीं और कई बड़े नेता चुनाव हार गए। उनका एक डिप्टी सीएम समेत 10 मंत्री चुनाव हार गए। गोवा में भाजपा के कई दिग्गज नेता और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी चुनाव में पराजित हुए। लिहाजा पूरे तौर पर देखा जाए तो पांच विधानसभा चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए नकारात्मक रहे हैं। फरवरी में हुए स्थानीय निकाय चुनाव के बाद भाजपा ने तमिलनाडु में डीएमके-एआईएडीएमके के बाद सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने का दावा किया है।

नई दिल्ली: द्रमुक ने तमिलनाडु विधानसभा से पारित कई विधेयकों को राज्यपाल द्वारा मंजूरी देने में कथित तौर पर विलंब होने का विषय मंगलवार को लोकसभा में उठाया और कहा कि कानून का पालन होना चाहिए। सदन में शून्यकाल के दौरान द्रमुक के नेता टीआर बालू ने यह विषय उठाया और आरोप लगाया कि एम के स्टालिन सरकार द्वारा लाए गए सात विधेयकों को राज्यपाल मंजूरी नहीं दे रहे हैं। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह राज्य से जुड़ा विषय है।

द्रमुक नेता ने कहा, ‘‘क्या हम जंगलराज चला रहे हैं?...कानून का राज चलना चाहिए।’’ संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सदन में राज्यपाल के बारे में चर्चा के लिए अनुमति लेनी पड़ती है। द्रमुक के नेता अनुमति के बिना इस विषय पर चर्चा नहीं कर सकते।

शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के एक स्थानीय नेता की कथित हत्या का विषय उठाते हुए कहा कि इसकी अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच होनी चाहिए।

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