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चेन्नई: चेन्नई में 25 वर्षीय एक व्यक्ति की हिरासत में मौत के मामले में तमिलनाडु के कई पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया जाना तय है। पूर्व में इस मामले को संदिग्ध मौत की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। लेकिन पोस्टमार्टम जांच में मृतक विग्नेश के शरीर पर 13 चोट के निशान मिलने के बाद इसे हत्या के मामले में बदल दिया गया था। पिछले महीने कथित तौर पर भांग ले जाने और एक पुलिसकर्मी पर हमला करने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद 25 वर्षीय विग्नेश की मौत हो गई। इस मामले में एक सब-इंस्पेक्टर, एक कॉन्स्टेबल और एक होमगार्ड को सस्पेंड कर दिया गया है।

कल कई पुलिसकर्मियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हम एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम भी लागू करेंगे। आज हम जानकारी साझा करेंगे कि कितने (पुलिसकर्मियों) को गिरफ्तार किया जाएगा।" शुक्रवार को, राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति पर विपक्ष के नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी ने जवाब देते हुए, मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने विधानसभा को बताया, "जैसा कि विपक्ष के नेता ने कहा, पोस्टमॉर्टम में तेरह चोटों के निशान मिले हैं।

चेन्नई: तमिलनाडु के छात्रों को राष्ट्रीय प्रवेश पात्रता परीक्षा (नीट) से छूट देने के लिए राज्य विधानसभा में लाये गए नीट-रोधी विधेयक को राज्यपाल आर. एन. रवि ने राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने बुधवार को यह जानकारी दी। स्टालिन ने विधानसभा में कहा कि उन्हें राज्यपाल के सचिव ने सूचित किया है कि विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया है।

स्टालिन ने कहा, “नीट से छूट दिलाने के हमारे संघर्ष के तौर पर, अगला कदम उठाते हुए हमें विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी दिलाने के लिए केंद्र पर जोर डालने का संयुक्त प्रयास करना चाहिए।” तमिलनाडु भाजपा प्रमुख के अन्नामलाई ने मीडियाकर्मियों से कहा, "राज्यपाल ने संवैधानिक मानदंडों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय को एनईईटी विरोधी विधेयक भेजा है। बता दें कि तमिलनाडु के मंत्री मा. सुब्रमण्यम और थंगम थेन्नारसु ने भी राज्यपाल से मुलाकात की थी और उनसे राष्ट्रपति को नीट विरोधी विधेयक भेजने का आग्रह किया था।

मदुरै (तमिलनाडु): प्रथम वर्ष के छात्रों को पारंपरिक हिप्पोक्रेटिक शपथ के बजाय संस्कृत में विवादास्पद शपथ लेने की अनुमति देने के लिए तमिलनाडु के मदुरै में सरकारी मेडिकल कॉलेज के डीन का तबादला कर दिया गया है और उन्हें प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि मेडिकल छात्रों ने शनिवार को अपने प्रेरण समारोह के दौरान संस्कृत शपथ "चरक शपथ" अंग्रेजी में अनुवाद कर ली थी। वहीं डीन ने दावा किया कि छात्रों ने खुद ही शपथ ली थी।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नारायणन थिरुपति ने दावा किया कि डीन को हटाने का निर्णय एक राजनीतिक कदम है। उन्होंने मीडिया को बताया, "हिप्पोक्रेटिक शपथ लेने का एक तरीका है। एनएमसी ने पुराने भारतीय चिकित्सा पद्धति (महर्षि चरक शपथ) की सिफारिश की। अनावश्यक राजनीति से बचा जाना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "केंद्र ने कहा कि यह वैकल्पिक है। आपने डीन को निलंबित क्यों किया? द्रमुक को हमेशा पश्चिमी मॉडल पसंद आया है।"

तंजावुर: तमिलनाडु के तंजावुर जिले में दर्दनाक हादसा हुआ है। कालीमेडु में अप्पर मंदिर की रथ यात्रा के दौरान कई लोग हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से 11 लोगों की मौत हो गई है। हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं। घायलों को तंजावुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। पीएम मोदी और राज्य के सीएम ने घटना पर दुख जताया है।

मृतकों में कुछ बच्चे भी शामिल

पुलिस ने बताया कि मृतकों में कुछ बच्चे भी शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया।

ये हादसा उस वक्त हुआ जब बुधवार तड़के रथ यात्रा निकाली जा रही थी। रथ यात्रा के दौरान आसपास के गांवों से कई श्रद्धालु आए हुए थे। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रथ एक मोड़ से गुजर रहा था। इसी दौरान रथ पर खड़े लोग एक हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गए। करंट की चपेट में आने से रथ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। राहत और बचाव कार्य जारी है।

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