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पटना: बिहार में अग्निकांड को लेकर जारी सरकारी परामर्श से गुस्साए एक युवक के जनता दरबार के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर चप्पल फेंकी, जिसके बाद वहां मौजूद सुरक्षा बलों ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 'जनता दरबार में मुख्यमंत्री' के बाद पत्रकारों के बातचीत के दौरान नीतीश से घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि चप्पल उनके दाईं ओर छाती पर उस समय लगी, जब वह एक आवेदन पढ़ने में तल्लीन थे। हालांकि यह घटना कैमरे में कैद नहीं हो सकी। नीतीश ने इसकी पुष्टि करते हुए संवाददाता सम्मेलन के दौरान अपने सफेद कुर्ते पर उस चप्पल के दाग दिखाते हुए मजाहिए लहजे में कहा कि चप्पल इतनी गंदी थी कि उसके निशान उनके कपड़े पर उभर आए हैं। अरवल जिला निवासी गिरफ्तार युवक का नाम भी नीतीश कुमार है और वह 'जनता दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में अपनी फरियादी के रूप में आया था और वहां तैनात सुरक्षा बल उसकी मंशा को समझ पाते उसने अपने पावं से चप्पल निकाली और उसे नीतीश की ओर फेंक दिया। बाद में सुरक्षा बलों ने उसे पकड लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पटना: जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान काले झंडे दिखाने वाले पटना विश्वविद्यालय के दो छात्रों को पुलिस ने रविवार को हिरासत में ले लिया। कन्हैया के समर्थकों ने काला झंडा दिखाने वाले दोनों छात्रों की पिटाई भी की। पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में एआईएसएफ एवं एआईवाईएफ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को कन्हैया कुमार द्वारा संबोधित किए जाने के दौरान इन दोनों छात्रों ने उनका विरोध करते हुए रूमाल रूपी काला कपड़ा दिखाया। इस पर कन्हैया के समर्थकों ने दोनों छात्रों की बुरी तरह पिटाई कर दी और उन्हें वहां मौजूद पुलिस के हवाले कर दिया। काला झंडा दिखाने वाले छात्र ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे थे। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बताया कि हिरासत में लिए गए दोनों छात्रों से पूछताछ की जा रही है। गांधी मैदान थाना अध्यक्ष निखिल कुमार ने बताया कि हिरासत में लिए गए छात्रों के नाम नीतीश कुमार और मणिकांत मणि हैं और वे स्वयं को राष्ट्रवादी विद्यार्थी परिषद का सदस्य बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार और मणिकांत मणि क्रमश: सीतामढ़ी और समस्तीपुर जिले के निवासी हैं और वर्तमान में वे पटना विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं।

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री तथा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के आरएसएस की विचारधारा को देश और समाज को बांटने वाले बताते हुए ‘संघ मुक्त’ भारत का आहवान करने तथा वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के पूर्व गैर भाजपायी दलों के एकजुट होने की अपील से उनकी प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर जारी चर्चा के बीच लोजपा सुप्रीमो एवं केंद्रीय खाद्य एवं जनवितरण मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि नीतीश जी अपने मुंह मियां मिट्ठू बन रहे हैं, अगले 15 साल तक प्रधानमंत्री पद के लिए रिक्ति नहीं है। पटना स्थित लोजपा प्रदेश कार्यालय में आज आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान राकांपा प्रमुख शरद पवार के नीतीश की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी का समर्थन किए जाने को लेकर पूछे गए एक प्रश्न पर पासवान ने दावा किया कि पवार ने संजीदगी में नहीं बल्कि हल्के रूप में लेते हुए उक्त बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि अगले 15 साल तक प्रधानमंत्री पद के लिए रिक्ति नहीं है क्योंकि नरेंद्र मोदी इस पद पर बने रहेंगे और उनके सामने कोई भी चेहरा नहीं टिक सकता है।

पटना: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने यहां शनिवार को कहा कि राजनीति में विकल्प की तलाश नहीं, बल्कि विकल्प की राजनीति होनी चाहिए। इसकी शुरुआत अब हो चुकी है। लोकतंत्र में किसी पर अपनी विचारधारा थोपी नहीं जा सकती है। गृह राज्य बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर शनिवार को पटना पहुंचे कन्हैया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, देश अभी जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें सिर्फ कथनी की बात हो रही है, करनी की नहीं। कथनी और करनी में काफी अंतर है। हम ऐसी विचारधारा के खिलाफ खड़े हुए हैं जिसमें व्यक्ति विशेष की बात की जा रही है। राजद्रोह के आरोप का सामना कर रहे छात्र नेता ने कहा कि अब विकल्प की राजनीति शुरू हो चुकी है। ऐसे में तमाम दलों को एकजुट होकर इस लड़ाई में एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भारत माता के हाथ से तिरंगा हटाकर भगवा ध्वज थमाने की कोशिश की जा रही है, समाज में असहिष्णुता बढ़ रही है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, राज्य में शराबबंदी से पहले आबकारी नीति का मूल्यांकन होना चाहिए था। शराबबंदी ठीक है, लेकिन पूर्ण शराबबंदी लागू नहीं होनी चाहिए।

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