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पटना: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को कहा कि अगर भारत ने अपनी जनसंख्या नीति को नहीं बदला और हर धर्म के लिए दो बच्चों की नीति को लागू नहीं किया, तो भारत में बेटियां सुरक्षित नहीं रहेंगी और पाकिस्तान की तरह उन्हें भी (बेटियां) हमें पर्दे में रखना पड़ेगा। यह भाषण गिरिराज ने बुधवार को पश्चिम चम्पारण के बगहा में दिया। गिरिराज ने अपने इस नए बयान से एक और विवाद को जन्म दिया है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक गिरिराज सिंह ने कहा 'हिंदू को दो और मुसलमान को भी दो ही बच्चे होने चाहिए। हमारी आबादी घट रही है। बिहार में सात जिले ऐसे हैं जहां हमारी जनसंख्या घट रही है। जनसंख्या नियंत्रण के नियम को बदलना होगा। तभी हमारी बेटियां सुरक्षित रहेंगी। नहीं तो हमें भी पाकिस्तान की तरह अपनी बेटियों को पर्दे में बंद करना होगा।' गिरिराज के कहने का आशय बिहार के किशनगंज और अररिया जैसे जिलों से था, जहां मुस्लिम आबादी हिंदुओं के मुकाबले बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में हिंदुओं की आबादी 90 फीसदी थी, जो आज कम होकर 72-74 फीसदी रह गई है।

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने 2019 के लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम की वकालत करते हुए कहा कि अगर नीतीश प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनते हैं, तो आरजेडी उनका समर्थन करेगी। पटना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश की इतनी तारीफ हो रही है कि उनका कद काफी ऊंचा हो गया है। नीतीश के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की दौड़ में शामिल होने पर आरजेडी के समर्थन के सवाल के जवाब में लालू ने कहा, "इसमें कोई दो राय है क्या? अगर नीतीश प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित होते हैं, तो आरजेडी उनका समर्थन करेगी।" लालू ने जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। लालू ने नीतीश के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आरएसएस देश तोड़ देगा।

पटना : जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘संघ मुक्त’ भारत के आहवान पर भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को कहा कि अगर हिम्मत है तो मुख्यमंत्री बिहार में संघ पर प्रतिबंध लगाये। बिहार विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता सुशील ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि जनता ने भूख-प्यास, अपराधियों के भय और भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने के लिए नीतीश कुमार को जनादेश दिया लेकिन इन सारे मुद्दों पर अपनी विफलता से ध्यान हटाने के लिए उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जैसे देशभक्त संगठन से मुक्ति दिलाने का शिगूफा छेड़ दिया है। उन्होंने कहा कि वह संघ पर प्रतिबंध लगाने की भूमिका बना रहे हैं। कांग्रेस भी संघ पर रोक लगाकर इसका परिणाम देख चुकी है। अगर हिम्मत है तो मुख्यमंत्री बिहार में संघ पर प्रतिबंध लगाये। भाजपा इस चुनौती का सामना करने को तैयार है। सुशील ने आरोप लगाया कि संघ पर जब भी प्रतिबंध लगाया गया, जन समर्थन से इसकी ताकत और बढ़ी। अयोध्या में राम मंदिर, कश्मीर में धारा 370 और देश में समान आचार संहिता के मुद्दे पर संघ और भाजपा की विचारधारा पहले जैसी है। फिर भी नीतीश कुमार 17 साल तक भाजपा के साथ रहे। वे भाजपा की मदद से दो बार केंद्रीय मंत्री और तीन बार मुख्यमंत्री बने। भाजपा की विचारधारा तब भी यही थी, लेकिन नीतीश कुमार को तब संघ से कोई परहेज नहीं था।

पटना: जेडीयू के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को 'संघ मुक्त' भारत की बात करते हुए 'लोकतंत्र की रक्षा' के लिए गैर भाजपा दलों के एकजुट होने की अपील की। पटना में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि 'संघ मुक्त' भारत बनाने के लिए सभी गैर भाजपा दलों को एक होना होगा। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने 'कांग्रेस मुक्त' भारत का नारा दिया था। नीतीश ने कहा कि भाजपा और उसकी बांटने वाली विचारधारा के खिलाफ एकजुटता ही लोकतंत्र को बचाने का एकमात्र रास्ता है। वह न तो किसी व्यक्ति विशेष और न ही किसी दल के खिलाफ हैं, पर आरएसएस की बांटने वाली विचारधारा के खिलाफ हैं। नीतीश ने 2014 के लोकसभा चुनाव के पूर्व भाजपा के वर्तमान नेतृत्व पर प्रहार करते हुए इस दल से 2013 में ही संबंध तोड़ लिया था। नीतीश इन दिनों वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए बिहार की तर्ज पर ही राष्ट्रीय स्तर पर गैर- भाजपा दलों को एकजुट करने के प्रयास में लगे हुए हैं।

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