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पटना: बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने शनिवार को स्पष्ट किया कि वह प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं। लेकिन उत्प्रेरक की भूमिका हमेशा निभायेंगे ताकि गैर भाजपाई दलों में एकजुटता आ सके। पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दौरान नीतीश के पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचन पर मुहर लगाई गई। नीतीश ने कहा कि जब गैर भाजपाई दलों की एकजुटता की बात करते हैं तो उन पर कितना प्रहार हो रहा है। ‘संघ मुक्त भारत’ के पक्षधर पार्टियों को एकजुट होने बयान पर क्या-क्या नहीं कहा जा रहा है। वह नेतृत्व या सर्वोच्च पद (प्रधानमंत्री) की दावेदारी कहां कर रहे हैं। वह तो लोगों से सिर्फ एकजुट होने के लिए कह रहे हैं और इसके लिए कोशिश करते रहेंगे। लोकतंत्र में लोगों को एकजुट करना क्या गुनाह है। नीतीश ने 1997 में केंद्र सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का उदाहरण देते हुए कहा कि आज जो भाजपा को भ्रम हो गया है कि अब उनका पूरा का पूरा वर्चस्व है और अगर वह लोग एकजुट होकर आपसी तालमेल बनाएंगे तब इनका मुकाबला ठीक ढंग से हो सकेगा।

पटना: बिहार की राजधानी पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शनिवार को जनता दल यूनाइटेड की राष्ट्रीय परिषद की बैठक नीतीश कुमार को विधिवत रूप से जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया। इससे पहले बैठक की अध्यक्षता करते हुए जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद के लिए अनुमोदन का प्रस्ताव रखा जिसपर सभी ने अपनी सहमति दी। 'संघ-मुक्त भारत' की जोरदार नारेबाजी के बीच राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के साथ चलना कठिन था इसलिए हमने उनके साथ गठबंधन तोड़ने का निर्णय लिया। भाजपा का नया रूप अब किसी भी तरह से हमें या हमारी पार्टी को मंजूर नहीं है। जेडीयू की कमान संभालते ही नीतीश कुमार ने भाजपा पर जबरदस्त तरीके से हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान बिहार में बाहर से पैसे लाकर झोंके गये, फिर भी एनडीए को पराजय का सामना करना पड़ा। नीतीश कुमार ने कहा कि जमीन से वास्ता नहीं रखने वाले नेता बिहार में अपना विश्लेषण कर रहे थे। टीवी पर विद्वान परिचर्चा कर रहे थे। बावजूद इसके हमने अपना आपा नहीं खोया और नतीजा महागंठबंधन के पक्ष में आया। नीतीश ने कहा, आज हमारी सरकार लोगों की सेवा में डूबी है।

पटना: लोजपा सुप्रीमों और केंद्रीय खाद्य एवं जनवितरण मंत्री रामविलास पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘पीएम मेटेरियल’ बताए जाने को ‘तुच्छ विषय’ बताते हुए आज (गुरूवार) कहा कि यह ‘वाहियात’ प्रश्न है जिसका वह जवाब देना नहीं चाहते। पटना में आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान पासवान से नीतीश को ‘पीएम मेटेरियल’ बताए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘यह एक ‘वाहियात’ सवाल है जिसका वे जवाब देना नहीं चाहते। कौन ‘पीएम मेटेरियल’ है। ‘मेटेरियल क्या होता है? यह बहस ही फालतू है इसलिए उसका जवाब देना जरूरी नहीं है।’ पासवान ने कहा कि बिहार की वर्तमान सरकार के सत्ता में आए कुछ ही महीने हुए हैं और अब तक तीन दरोगा की हत्या हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ करना है तो अपराध मुक्त बिहार बनाओ। प्रधानमंत्री बनने का जब समय आएगा तो चुनाव लड़ जाना। कौन रोकता है।

पटना: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को कहा कि अगर भारत ने अपनी जनसंख्या नीति को नहीं बदला और हर धर्म के लिए दो बच्चों की नीति को लागू नहीं किया, तो भारत में बेटियां सुरक्षित नहीं रहेंगी और पाकिस्तान की तरह उन्हें भी (बेटियां) हमें पर्दे में रखना पड़ेगा। यह भाषण गिरिराज ने बुधवार को पश्चिम चम्पारण के बगहा में दिया। गिरिराज ने अपने इस नए बयान से एक और विवाद को जन्म दिया है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक गिरिराज सिंह ने कहा 'हिंदू को दो और मुसलमान को भी दो ही बच्चे होने चाहिए। हमारी आबादी घट रही है। बिहार में सात जिले ऐसे हैं जहां हमारी जनसंख्या घट रही है। जनसंख्या नियंत्रण के नियम को बदलना होगा। तभी हमारी बेटियां सुरक्षित रहेंगी। नहीं तो हमें भी पाकिस्तान की तरह अपनी बेटियों को पर्दे में बंद करना होगा।' गिरिराज के कहने का आशय बिहार के किशनगंज और अररिया जैसे जिलों से था, जहां मुस्लिम आबादी हिंदुओं के मुकाबले बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में हिंदुओं की आबादी 90 फीसदी थी, जो आज कम होकर 72-74 फीसदी रह गई है।

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