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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. आरबीआई ने महंगी ईएमआई से राहत नहीं दी है। सेंट्रल बैंक ने अपने पॉलिसी रेट यानि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट 6.50 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। फरवरी 2023 के बाद से ही रेपो रेट की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की तीन दिवसीय बैठक 4 दिसंबर को शुरू हुई थी और बैठक में लिए गए फैसलों का आज एलान किया गया है।

महंगाई पर नियंत्रण के साथ ग्रोथ भी जरूरी

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा हमारा लक्ष्य महंगाई पर नियंत्रण रखना है और ग्रोथ को बनाए रखते हुए कीमतों को स्थिर रखना है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कीमतों को स्थिर रखना सबसे जरूरी है पर साथ में ग्रोथ को बनाए रखना भी जरूरी है और यही आरबीआई के एक्ट में भी कहा गया है। आरबीआई गवर्नर के अनुसार मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने 4-2 बहुमत से ब्याज दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया, जबकि एसडीएफ दर 6.25% और एमएसएफ दर 6.75% पर बनी हुई है।

मुंबई: टमाटर और आलू की कीमतें बढ़ने से नवंबर के महीने में घरेलू शाकाहारी भोजन साल भर पहले की तुलना में सात प्रतिशत तक महंगा हो गया। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की मासिक 'रोटी चावल दर' रिपोर्ट कहती है कि नवंबर महीने में शाकाहारी थाली की कीमत सालाना आधार पर सात प्रतिशत बढ़कर 32.7 रुपये हो गई। वहीं, मांसाहारी थाली के दाम दो प्रतिशत बढ़े हैं।

शाकाहारी थाली महंगी होने का मुख्य कारण टमाटर की कीमतों में 35 प्रतिशत और आलू की कीमतों में 50 प्रतिशत की उच्च बढ़ोतरी है। पिछले महीने टमाटर के दाम 53 रुपये प्रति किलो और आलू के दाम 37 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए। इसके अलावा, दालों की कीमतों में भी 10 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। हालांकि रिपोर्ट कहती है कि दिसंबर महीने में नई फसलों की आवक आने से इन उत्पादों के दाम गिरने की संभावना है।

नवंबर में आयात शुल्क में बढ़ोतरी की वजह से वनस्पति तेल की कीमतें भी 13 प्रतिशत तक बढ़ गईं। राहत की बात यह रही कि एलपीजी की कीमतों में कटौती से ईंधन लागत 11 प्रतिशत घट गई।

नई दिल्ली: फ्रांस की ऊर्जा कंपनी टोटलएनर्जीज एसई ने सोमवार को अपने एक बयान में कहा कि वह अडानी समूह की कंपनियों में तब तक कोई नया निवेश नहीं करेगी, जब तक कि अडानी समूह के संस्थापक गौतम अडानी को रिश्वतखोरी के आरोपों से बरी नहीं कर दिया जाता। अपने आगे के बयान में ऊर्जा सेक्टर की दिग्गज कंपनी टोटलएनर्जीज ने कहा कि उसे कथित भ्रष्टाचार की जांच के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

टोटलएनर्जीज ने पूरे मामले पर क्या कहा

टोटलएनर्जीज ने इस पूरे मामले पर कहा, "यह अभियोग ना तो एजीईएल (अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड) और ना ही अडानी टोटल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) से संबंधित किसी कंपनी पर लगाया गया है।" कंपनी ने आगे कहा, "जब तक अडानी समूह के व्यक्तियों के खिलाफ आरोप और उनके परिणामों को स्पष्ट नहीं किया जाता, तब तक टोटलएनर्जीज अडानी समूह की कंपनियों में कोई नया निवेश नहीं करेगी।" आपको बता दें, टोटलएनर्जीज अडानी समूह की कंपनियों में सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में से एक है।

नई दिल्ली: अडानी समूह के संस्थापक और चेयरमैन गौतम अडानी व उनके भतीजे सागर अडानी को अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) ने समन जारी किया है। एसईसी ने उन्हें आकर्षक सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए 265 मिलियन डाॅलर (2,200 करोड़ रुपये) की रिश्वत देने के आरोप पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा है। अडानी के अहमदाबाद स्थित शांतिवन फार्म आवास और उनके भतीजे सागर के उसी शहर स्थित बोदकदेव आवास पर समन भेजकर 21 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया गया है।

न्यूयॉर्क ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की आरे से से 21 नवंबर को भेजे गए नोटिस में कहा गया है, "इस समन की आप तक तामील के 21 दिनों के भीतर (जिस दिन आपको यह समन मिला, उसे छोड़कर)...आपको वादी (एसईसी) को संलग्न शिकायत का उत्तर या संघीय सिविल प्रक्रिया नियम 12 के अंतर्गत एक प्रस्ताव तामील कराना होगा।" इसमें कहा गया है, "यदि आप जवाब देने में विफल रहते हैं, तो शिकायत में मांगी गई राहत के लिए आपके खिलाफ डिफॉल्ट रूप से निर्णय दर्ज किया जाएगा। आपको अपना जवाब या प्रस्ताव भी अदालत में दाखिल करना होगा।"

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