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नई दिल्ली: भारतीय रुपया शुक्रवार को फिर 90 के स्तर से नीचे फिसल गया और 22 पैसे टूटकर 90.20 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। निराशाजनक वृहत आर्थिक आंकड़ों और विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने से रुपया दबाव में रहा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी तथा आयातकों की मजबूत डॉलर मांग ने निवेशकों की धारणा को और कमजोर किया। उन्होंने कहा कि हालांकि कच्चे तेल की कमजोर कीमतों और घरेलू शेयर बाजारों में उछाल ने गिरावट को कुछ हद तक अंकुश लगाया। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा किसी भी हस्तक्षेप से रुपये को निचले स्तर पर समर्थन मिल सकता है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, डॉलर के मुकाबले 89.95 पर खुला। कारोबार के दौरान 90.25 प्रति डॉलर के निचले और 89.92 प्रति डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंचा। अंत में डॉलर के मुकाबले 90.20 (अस्थायी) पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 22 पैसे की गिरावट है। रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.98 पर बंद हुआ था।

मुंबई: बिजली, बैंक और धातु शेयरों में मजबूत खरीदारी से शुक्रवार को प्रमुख इक्विटी सूचकांक निफ्टी अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद 182 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स में 573 अंकों की तेजी दर्ज की गई। कारोबारियों के मुताबिक, घरेलू संस्थागत निवेशकों की तरफ से पूंजी निवेश का सिलसिला जारी रहने और एशियाई बाजारों में मजबूती से घरेलू शेयर बाजारों को तगड़ा समर्थन मिला।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 573.41 अंक यानी 0.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ 85,762.01 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 623.67 अंक चढ़कर 85,812.27 तक पहुंच गया था।

इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 182 अंक यानी 0.70 प्रतिशत बढ़कर 26,328.55 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय निफ्टी 193.45 अंकों की बढ़त के साथ 26,340 का अपना सर्वकालिक उच्च स्तर भी हासिल किया।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): आज से नए साल 2026 की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही 1 जनवरी से कुछ ऐसे नए नियम लागू हो रहे हैं, जिनका आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ सकता है।

8वां वेतन आयोग लागू, कर्मचारियों-पेंशनर्स को फायदा

आज से यानी 1 जनवरी, 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू हो रहा है। केंद्र सरकार इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है। इससे प्रत्यक्ष तौर पर करीब 50 लाख कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। नए वेतन आयोग से सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 20 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर महंगा

सरकार ने 1 जनवरी 2026 से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 111 रुपए की बढ़ोतरी की है। हालांकि राहत की बात यह है कि यह बढ़ोतरी सिर्फ 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर लागू की गई है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

नई दिल्ली: पाइप के जरिए खाना पकाने की गैस आपूर्ति करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने बुधवार को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रसोई गैस की कीमतों में 70 पैसे प्रति यूनिट की कटौती की घोषणा की। कंपनी ने बताया कि नई दरें एक जनवरी से लागू होंगी।

आईजीएल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि नए साल के अवसर पर उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पाइप से आने वाली रसोई गैस की कीमत घटाई गई है। कटौती के बाद दिल्ली में गैस की कीमत 47.89 रुपये प्रति इकाई, गुरुग्राम में 46.70 रुपये और नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा गाजियाबाद में 47.76 रुपये प्रति इकाई हो जाएगी।

कंपनी ने बताया कि कीमतों में यह कटौती पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड द्वारा हाल ही में गैस पाइपलाइन शुल्क व्यवस्था में किए गए बदलाव के बाद की गई है।

इससे पहले थिंक गैस ने भी कई राज्यों में सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में कटौती की घोषणा की थी।

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