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नई दिल्ली: भारत का घरेलू एयर ट्रैफिक नवंबर 2025 में सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 15.2 मिलियन तक पहुंच गया है। इसमें बढ़ोतरी की वजह फेस्टिव सीजन की मांग होना है। यह जानकारी मंगलवार को एक रिपोर्ट में दी गई।

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट में कहा गया कि इंडिगो की उड़ानों में आई परेशानी के बाद दिसंबर 2025 के मध्य में ऑपरेशन सामान्य हो गए थे। हालांकि, मौसमी कारणों ने ऑन-टाइम परफॉरमेंश (ओटीपी) और कैंसिलेशन पर दबाव बनाया है। हालांकि, दिसंबर 2025 तक के डेली ट्रेंड से पता चलता है कि साल-दर-साल आधार पर वृद्धि दर सपाट रही है, इसकी मुख्य वजह महीने के पहले 15 दिन में इंडिगो के ऑपरेशन में लगातार परेशानियां बने रहना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडिगो को मौसम, सॉफ्टवेयर की समस्याओं और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों को लागू करने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे नवंबर-25 में उसका मार्केट शेयर महीने-दर-महीने आधार पर 200 आधार अंक गिरकर 63.6 प्रतिशत हो गया।

नई दिल्ली: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी में फिर से शानदार तेजी दिखाई दी। इससे पहले के सत्र में रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरने के बाद दोनों कीमती धातुओं में उछाल देखने को मिली।

खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 12,298 रुपए यानि 5.48 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,36,727 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,382 रुपए यानी 1.02 प्रतिशत बढ़कर 1,36,324 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। कारोबारी सत्र के दौरान चांदी ने 2,36,980 रुपए का तो सोने ने 1,36,403 रुपए का इंट्रा डे हाई बनाया।

वैश्विक बाजारों में सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई। स्पॉट गोल्ड 4.5 प्रतिशत गिरकर 4,330.79 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि फरवरी डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 4.6 प्रतिशत गिरकर 4,343.60 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज नई दिल्‍ली में नीति आयोग में प्रमुख अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों से बातचीत की। बातचीत मुख्‍य रूप से आत्‍मनिर्भरता और संरचनात्‍मक बदलाव: विकसित भारत का एजेंडा विषय पर हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 2047 की ओर भारत की विकास यात्रा के मुख्‍य स्‍तंभों का उल्‍लेख किया। विकसित भारत को समग्र राष्‍ट्र की आकांक्षा बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्‍य सरकार की नीतियों में परिलक्षित होता है। उन्‍होंने वैश्विक क्षमता निर्माण का लक्ष्‍य प्राप्‍त करने के लिए मिशन मोड में सुधारों पर बल दिया।

प्रधानमंत्री ने दीर्घावधि विकास के लिए विभिन्‍न सेक्‍टर में मिशन मोड में सुधारों का आह्वान किया। मोदी ने कहा कि भारत का नीति निर्माण और बजट प्रक्रिया 2047 के लक्ष्‍य के अनुरूप होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत को वैश्विक कार्यबल और अंतर्राष्‍ट्रीय बाजारों के लिए महत्‍वपूर्ण केन्‍द्र बनाने पर बल दिया।

बातचीत के दौरान अर्थशात्रियों ने विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में उत्‍पादकता और प्रतिस्‍पर्धा बढ़ाने के बारे में विचार साझा किए।

नई दिल्ली: साल 2025 में शेयर बाजार का रुझान अपेक्षाकृत असंतुलित रहा, जिसमें छोटी और मझोली कंपनियों का प्रदर्शन बड़ी कंपनियों के मुकाबले फीका पड़ गया। पिछले दो वर्षों की तेज बढ़ोतरी के बाद उच्च मूल्यांकन और मुनाफावसूली से ये दोनों श्रेणियां दबाव में रहीं जबकि बीएसई सेंसेक्स ने स्थिरता एवं बेहतर रिटर्न दिया।

आंकड़ों के मुताबिक, मझोली कंपनियों का मानक सूचकांक बीएसई मिडकैप में इस साल 24 दिसंबर तक 360.25 अंक यानी 0.77 प्रतिशत की मामूली बढ़त ही दर्ज की गई जबकि छोटी कंपनियों का सूचकांक बीएसई स्मॉलकैप में अब तक 3,686.98 अंक यानी 6.68 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

इसके उलट बीएसई पर सूचीबद्ध 30 बड़ी कंपनियों का सूचकांक सेंसेक्स इस दौरान कुल 7,269.69 अंक यानी 9.30 प्रतिशत उछला है। इससे स्पष्ट है कि निवेशकों ने अनिश्चित वैश्विक माहौल में अपेक्षाकृत सुरक्षित और स्थिर माने जाने वाले बड़े शेयरों को प्राथमिकता दी है।

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