ताज़ा खबरें
सीबीएसई 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं साल में दो बार होंगी, नए नियम जारी
'शराब नीति के कारण दिल्ली सरकार को 2,000 करोड़ का हुआ घाटा'
लैंड फॉर जॉब केस: लालू-तेजस्वी और अन्य आरोपियों को कोर्ट से समन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पिछड़ा वर्ग आयोग की विभिन्न नियुक्तियों में 'अपने' लोगों को नजरअंदाज किये जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वह अपने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का जिम्मा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लौटा दिया। राजभर ने कहा कि उन्होंने पिछड़ा वर्ग आयोग के विभिन्न पदों पर नियुक्ति के लिए 28 लोगों की सूची प्रस्तावित की थी। उन्हें जानकारी मिली है कि उनमें से 27 लोगों की उपेक्षा कर दी गयी। आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर मनमाने ढंग से नियुक्ति कर दी गयी। ऐसे में मंत्री बने रहने का क्या औचित्य है।

उन्होंने कहा कि वह पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का जिम्मा मुख्यमंत्री योगी को लौटा दिया। हालांकि दिव्यांग कल्याण महकमे की जिम्मेदारी वह अपने पास रखेंगे। सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष राजभर ने कहा कि सरकार ने सामाजिक न्याय समिति की पिछली मई में दी गयी सिफारिशों को अब तक लागू नहीं किया है और ना ही लागू करने की उसकी कोई मंशा नजर आती है। उन्होंने कहा कि समिति ने पिछड़े वर्गों को पिछड़ा, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा की श्रेणियों में बांटने की सिफारिश की थी। प्रदेश में पिछड़े वर्ग की आबादी 44 प्रतिशत है।

लखनऊ: समाजवादी पार्टी सदस्यों ने अपने अध्यक्ष अखिलेश यादव को प्रयागराज जाने से रोके जाने के मुद्दे पर विधानसभा में तीसरे दिन भी खासा हंगामा किया। इस कारण सदन की कार्यवाही गुरुवार को भी बाधित रही। सदन में सपा सदस्यों ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी एवं आपराधिक धाराओं में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। इस मामले में बसपा सदस्यों ने भी सपा का साथ दिया। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सपा-बसपा सदस्यों से शांति की अपील की जिसे अनसुना किए जाने के बाद विधानसभा की कार्यवाही 40 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को रोके जाने के विरोध में कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे लेकिन पुलिस ने उन पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया। शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किसी भी दल का मौलिक अधिकार होता है लेकिन सरकार ने उनके इस अधिकार को भी छीनने की कोशिश की।

लखनऊ: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सपा-बसपा गठबंधन के कारण भाजपा की दिल्ली से विदाई तय है। भाजपा सरकार देश के लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। अखिलेश का यह बयान सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के नरेंद्र मोदी के दुबारा प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जाहिर करने के एक दिन बाद आया है।

अखिलेश ने गुरुवार को जारी बयान में कहा है कि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन कर भाजपा के सामने मजबूत चट्टान खड़ी कर दी है। चूंकि लखनऊ के रास्ते से ही चलकर दिल्ली का दरवाजा खुलता है इसलिए उत्तर प्रदेश की भूमिका आगामी लोकसभा चुनावों में निर्णायक रहेगी। पार्टी की चुनावी रणनीति के कारण भाजपा की दिल्ली से बेदखली तय है। अब जनता ने भी मन बना लिया कि वह दुबारा भाजपा को सत्ता में नहीं लाएगी। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी गठबंधन की मजबूती के चलते भाजपा को एक सीट भी जीत पाना मुश्किल होगा।

लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ जवानों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए। प्रियंका ने एक बयान जारी कर कहा, आज जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों के हाथ अब तक शहीद हुए 30 जवानों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं, दुख प्रकट करती हूं। उनके परिवारों की वेदना मैं अच्छी तरह समझती हूं। मैं जानती हूं इस शोक की घड़ी में सांत्वना के शब्द पर्याप्त नहीं होते, फिर भी शहीद परिवार के पीछे न केवल कांग्रेस बल्कि पूरा देश खड़ा है।

उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर में आए दिन हमारे जवान शहीद हो रहे हैं, जो गहरी चिंता का विषय है। मैं सरकार से मांग करती हूं कि इन घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख