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नई दिल्ली: उत्तराखंड में हुई सियासी हलचल के बीच विधानसभा स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने बागी विधायकों को दल-बदल विरोधी कानून के तहत नोटिस दिया है। वहीं बागी कांग्रेस विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को कहा कि मौजूदा कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई है। राज्य भाजपा के प्रभारी श्याम जाजू ने कहा, 'हरीश रावत सरकार ने बहुमत खो दिया है। बागी कांग्रेस विधायकों के समर्थन से उत्तराखंड में नई सरकार बनाने के लिए आज (शनिवार को) भाजपा के पास जरूरी पर्याप्त संख्या है।' उत्तराखंड विधानसभा के स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को दल-बदल विरोधी कानून के तहत नोटिस दिया है। इससे पहले कुंजवाल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत और संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश से मुलाकात की थी। रावत ने इसके बाद कहा कि सरकार बहुमत साबित कर सकती है। साथ ही उन्होंने बागी विधायकों को गलती मानकर माफी मांगने की मोहलत भी दी है। जाजू ने बताया कि पार्टी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के समक्ष समर्थक विधायकों को पेश करने की मंशा रखती है और उसने इस बात पर जोर दिया कि अल्पमत में होने के कारण रावत को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

देहरादून: उत्तराखंड में चार साल पुरानी कांग्रेस सरकार शुक्रवार रात संकट में घिर गई। उसके नौ विधायकों ने बगावत का झंडा बुलंद करते हुए सरकार गठन का दावा पेश करने वाली भाजपा का समर्थन किया है। पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और दिग्गज भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय समेत कई नेताओं ने इस मसले पर राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। राज्यपाल से की रावत सरकार की बर्खास्तगी की मांग पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद भगत सिंह कोश्यारी के नेतृत्व में भाजपा का एक तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल केके पॉल से मिला और कहा कि हरीश रावत सरकार अल्पमत में आ गई है और इसे बर्खास्त किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में उत्तराखंड मामलों के भाजपा प्रभारी श्याम जाजू और महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल थे। राजभवन के सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने कांग्रेस के बागी विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया है। बहुगुणा और रावत ने मिलाया भाजपा के सुर में सुर सत्तर-सदस्यीय राज्य विधानसभा में कांग्रेस के अभी 36 विधायक हैं, लेकिन अब पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और कृषि मंत्री हरक सिंह रावत के साथ सात अन्य कांग्रेस सदस्यों ने विपक्षी दल भाजपा के साथ सुर में सुर मिलाते हुए बजट पारित कराने के लिये मत विभाजन की मांग करते हुए उनके साथ सदन में धरना दिया।

देहरादून: भाजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान बीते सोमवार को उत्तराखंड पुलिस के घोड़े शक्तिमान को कथित रूप से लाठी से हमला कर घायल करने के मामले में मसूरी के भाजपा विधायक गणेश जोशी को शुक्रवार को 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। गौर हो कि विधायक गणेश जोशी पर घोड़े पर लाठी से हमला करने और कथित तौर पर टांग तोड़ने का आरोप है। दूसरी ओर, बीजेपी ने इस गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताया है और विधायक को रिहा करने की मांग की है। इससे पहले, उत्तराखंड पुलिस के घोड़े शक्तिमान को कथित रूप से लाठी से हमला कर गिराने के आरोपी मसूरी के भाजपा विधायक गणेश जोशी को आज सुबह पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायक जोशी को गिरफ्तार कर नेहरू कालोनी पुलिस थाने लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। इस बीच, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पुलिस द्वारा विधायक जोशी को गिरफ्तार करने के लिये राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार विपक्ष के विधायक को एक झूठे मामले में फंसा रही है।

देहरादून: उत्तराखंड में भाजपा विधायक गणेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे पूछताछ हो रही है। इससे पहले घायल हुआ घोड़ा शक्तिमान गुरुवार को खड़ा हो गया है। गुरुवार की शाम शक्तिमान के ज़ख़्मी पैर को काटना पड़ा जिसके बाद उसे कृत्रिम पैर लगाया गया। पुणे से आए डॉक्टरों की टीम ने फ़ैसला लिया था कि घोड़े की जान बचाने के लिए उसके पिछले पैर को काटना ही पड़ेगा। ये घटना क़रीब एक हफ़्ते पहले की है। जब एक प्रदर्शन के दौरान शक्तिमान का पैर बुरी तरह ज़ख़्मी हो गया था। पहले तो बीजेपी विधायक पर घोड़े को पीटने का आरोप लगा था लेकिन बाद में एसएसपी ने साफ़ किया था कि घोड़ा किसी की पिटाई की वजह से जख्मी नहीं हुआ था बल्कि पैर फंसने की वजह से उसे चोट लगी थी। देहरादून के एसएसपी सदानंद दाते ने कहा कि घोड़े का फ्रेक्चर ठीक नहीं हो पाया था इसलिए सर्जरी की करनी पड़ी।

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