ताज़ा खबरें
वक्फ विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी डीएमके: सीएम स्टालिन
'वक्फ संशोधन बिल सिर्फ साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए': सोनिया गांधी
लोकसभा से पास हुआ वक्फ बिल: पक्ष में 288, विरोध में पड़े 232 वोट

देहरादून: भाजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान बीते सोमवार को उत्तराखंड पुलिस के घोड़े शक्तिमान को कथित रूप से लाठी से हमला कर घायल करने के मामले में मसूरी के भाजपा विधायक गणेश जोशी को शुक्रवार को 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। गौर हो कि विधायक गणेश जोशी पर घोड़े पर लाठी से हमला करने और कथित तौर पर टांग तोड़ने का आरोप है। दूसरी ओर, बीजेपी ने इस गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताया है और विधायक को रिहा करने की मांग की है। इससे पहले, उत्तराखंड पुलिस के घोड़े शक्तिमान को कथित रूप से लाठी से हमला कर गिराने के आरोपी मसूरी के भाजपा विधायक गणेश जोशी को आज सुबह पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायक जोशी को गिरफ्तार कर नेहरू कालोनी पुलिस थाने लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। इस बीच, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पुलिस द्वारा विधायक जोशी को गिरफ्तार करने के लिये राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार विपक्ष के विधायक को एक झूठे मामले में फंसा रही है।

इससे पहले, गुरुवार को उत्तराखंड पुलिस ने इसी मामले में नैनीताल जिले के हल्द्वानी से भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नेता प्रमोद बोरा को गिरफ्तार किया था। बोरा पर आरोप है कि उसने शक्तिमान की लगाम इस प्रकार से खींची कि वह अनियंत्रित हो कर गिरा और उसका पूरा वजन उसके शरीर के पिछले हिस्से पर आ गया और उसकी पिछली टांग की हड्डियां टूट गईं। उत्तराखंड पुलिस के प्रशिक्षित घोड़े शक्तिमान पर कथित रूप से लाठी से हमला कर उसे घायल करने के आरोप में भाजपा विधायक गणेश जोशी और उनके सहयोगियों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस बीच, शक्तिमान की जान बचाने के लिये चिकित्सकों ने कल देर रात ऑपरेशन कर उसकी टूटी टांग काट दी और उसकी जगह कृत्रिम पैर लगा दिया। गत चौदह मार्च को घायल होने के एक दिन बाद शक्तिमान के पैर की सर्जरी हुई थी लेकिन उसकी स्थिति बिगड़ जाने के कारण पैर काटने का निर्णय लिया गया। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते ने कहा कि चिकित्सकों के अनुसार, घोड़े की जान बचाने के लिये उसकी टांग काटना जरूरी था। टांग काटने का ऑपरेशन करने के बाद चिकित्सकों की टीम ने उसकी जगह घोड़े को एक कृत्रिम पैर लगाया जिसकी सहायता से वह खड़ा हो गया। राज्य सरकार की कथित नाकामियों के विरोध में भाजपा सदस्यों द्वारा चौदह मार्च को विधानसभा का घेराव किए जाने के दौरान घोड़े के साथ हुए हादसे को स्पष्ट करते हुए दाते ने बताया कि आगे से भाजपा विधायक गणेश जोशी के लाठी से हमला करने और दूसरी तरफ से बोरा द्वारा लगाम खींचने से घोड़े का सारा भार उसके पीछे के हिस्से पर आ गया और वह गिर गया जिससे उसकी पिछली टांग की हड्डी टूट गई। मुख्यमंत्री हरीश रावत भी शक्तिमान को देखने दो बार जा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि घोड़े के अभी तक तकलीफ में होने और अपने पैरों पर खड़ा न होने के कारण हम चिंतित हैं । लोगों को निर्णय करना होगा कि कौन गलत है। उधर, भाजपा के प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत घोड़े को सर्जरी के तुरंत बाद खड़ा करने का प्रयास किया गया जिससे ठीक होने के बजाय वह और घायल हो जाए। चौहान ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि जिस घोड़े की टांग में मल्टीपल फ्रैक्चर हो, उसे सर्जरी के दूसरे ही दिन खड़ा करने का प्रयास किया गया। हड्डी टूटने पर हुई किसी भी सर्जरी के बाद चिकित्सक चोट वाले हिस्से को आराम देने की सलाह देते हैं जबकि घोड़े को खड़ा करने का प्रयास करके उसे और तकलीफ देने का प्रयास किया गया।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख