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श्रीनगर: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के दूसरे दिन वीरवार को उमर अब्दुल्ला ने अपनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रमुख प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा के साथ ही सरकार की तत्काल प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार की गई। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा तथा रोजगार क्षेत्र शामिल हैं।

अफसरों को निष्पक्ष काम के निर्देश

नवगठित कैबिनेट ने महत्वपूर्ण शासन चुनौतियों की समीक्षा की। साथ ही प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, सार्वजनिक शिकायतों को संबोधित करने और नौकरशाही के भीतर पारदर्शिता को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया। कैबिनेट ने चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति का भी मूल्यांकन किया। नई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना शामिल है। यह कैबिनेट बैठक क्षेत्र में वर्षों की राजनीतिक अनिश्चितता के बाद नेतृत्व की भूमिका में अब्दुल्ला की वापसी का प्रतीक है।

श्रीनगर: संविधान के अनुच्छेद-370 हटने के पांच साल बाद अब जम्मू-कश्मीर को नई सरकार मिल गई है। नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की मौजूदगी में सीएम पद की शपथ ग्रहण की। उमर अब्दुल्ला के साथ सुरिंदर चौधरी ने डिप्टी सीएम की शपथ ली। इसके अलावा, सकीना इट्टू और जावेद राणा और सतीश शर्मा ने भी मंत्री पद की शपथ ले ली है।

जम्मू-कश्मीर के नये मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजित भव्य समारोह में शपथग्रहण की।

राहुल, प्रियंका समेत कई नेता बने समारोह का हिस्सा

इंडिया गठबंधन दलों के कई नेता शपथ समारोह में शामिल हुए। लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, जेकेएनसी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, आप नेता संजय सिंह, सीपीआई नेता डी राजा सहित इंडिया गठबंधन के कई अन्य नेता समारोह में मौजूद रहे।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में आज (16 अक्टूबर 2024) का दिन काफी अहम है। एक तरफ जहां आज नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तो वहीं दूसरी ओर शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले कांग्रेस ने बड़ा फैसला किया है। कांग्रेस आलाकमान ने तय किया है कि वह उमर अब्दुल्ला सरकार में शामिल नहीं होगी। हालांकि बाहर से समर्थन जारी रहेगा। बता दें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में गठबंधन किया था और इस गठबंधन ने जीत हासिल की थी।

वहीं, दूसरी तरफ अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद हुए पहले विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन की जीत के बाद अब्दुल्ला केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में आज शपथ लेंगे। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा दिन में साढ़े 11 बजे शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में मंत्रियों को भी पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि खड़गे, राहुल, प्रियंका आज उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।

श्रीनगर: अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस की जीत के बाद उमर अब्दुल्ला केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए मंच तैयार है। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को डल झील के किनारे स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सुबह 11:30 बजे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। समारोह स्थल के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा को इस कार्यक्रम में कई वीवीआईपी शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए इंडिया गठबंधन के घटकों को निमंत्रण भेजे गए हैं।

नेकां के संभागीय अध्यक्ष कश्मीर नासिर असलम वानी ने कहा कि एलजी ने सोमवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष को केंद्र शासित प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया था। यह आमंत्रण केंद्र द्वारा जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन हटाए जाने के एक दिन बाद भेजा गया।

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