श्रीनगर: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के दूसरे दिन वीरवार को उमर अब्दुल्ला ने अपनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रमुख प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा के साथ ही सरकार की तत्काल प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार की गई। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा तथा रोजगार क्षेत्र शामिल हैं।
अफसरों को निष्पक्ष काम के निर्देश
नवगठित कैबिनेट ने महत्वपूर्ण शासन चुनौतियों की समीक्षा की। साथ ही प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, सार्वजनिक शिकायतों को संबोधित करने और नौकरशाही के भीतर पारदर्शिता को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया। कैबिनेट ने चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति का भी मूल्यांकन किया। नई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना शामिल है। यह कैबिनेट बैठक क्षेत्र में वर्षों की राजनीतिक अनिश्चितता के बाद नेतृत्व की भूमिका में अब्दुल्ला की वापसी का प्रतीक है।
इससे पहले शपथ ग्रहण के तत्काल बाद प्रशासनिक सचिवों के साथ बैठक कर उन्होंने कार्यपालिका और नौकरशाही के बीच सुचारू समन्वय स्थापित करने तथा सरकार से लोगों की दूरी को कम करने पर जोर दिया था। बैठक में उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, सकीना इत्तू, जावेद राणा, जावेद अहमद डार व सतीश शर्मा तथा मुख्य सचिव अटल डुल्लू मौजूद रहे।
डिप्टी सीएम के नेतृत्व में मिला प्रतिनिधिमंडल
डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से गुपकार स्थित आवास पर मुलाकात की। इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी कोषाध्यक्ष शम्मी ओबराय, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार नसीर असलम वानी व संभागीय अध्यक्ष जम्मू रतन लाल गुप्ता मौजूद रहे।