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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में रियासी जिले के एक सुदूरवर्ती गांव में शनिवार तड़के भूस्खलन से एक मकान के ढह जाने के की वजह से एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि माहोरे के बद्दर गांव में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की वजह से एक मकान ढह गया। उन्होंने बताया कि परिवार के सातों सदस्यों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

मृतकों में बच्चे भी शामिल

अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान नजीर अहमद (38), उसकी पत्नी वजीरा बेगम (35) और उनके बेटों बिलाल अहमद (13), मोहम्मद मुस्तफा (11), मोहम्मद आदिल (आठ), मोहम्मद मुबारक (छह) और मोहम्मद वसीम (पांच) के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि नजीर और उनका परिवार सो रहा था, तभी पहाड़ी ढलान पर स्थित उनका घर भूस्खलन के कारण गिरे मलबे की चपेट में आ गया और वे सभी उसके नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने शवों को मलबे से बाहर निकाला। जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में रात भर मध्यम से भारी बारिश हुई।

जम्मू: जम्मू के वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले रास्ते पर मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे भूस्खलन हुआ, जिसकी चपेट में यह लोग आ गए। कई लोग घायल भी हुए हैं।

बचाव अभियान जारी

अधिकारियों ने बताया कि अर्धकुआरी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव दल जुटे हुए हैं और कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन कटरा शहर से पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक 12 किलोमीटर के घुमावदार रास्ते के लगभग बीच में हुआ।

मंदिर तक जाने के दो रास्ते हैं। हिमकोटि मार्ग पर सुबह से ही यात्रा स्थगित कर दी गई थी, लेकिन पुराने रास्ते पर अपराह्न 1.30 बजे तक यात्रा जारी रही, जब अधिकारियों ने बारिश के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाते हुए इसे स्थगित करने का फैसला किया।

जम्मू: कटरा में भारी बारिश के चलते माता श्री वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर अर्धकुंवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास मंगलवार को भूस्खलन हुआ है, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई है और 14 अन्य घायल हो गए हैं। करीब छह लोग घायल हो गए और कुछ के दबे होने की आशंका है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भी अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए भूस्खलन होने की जानकारी साझा की है। भूस्खलन के बाद बड़े स्तर पर राहत-बचाव कार्य किया जा रहा है। रियासी पुलिस-प्रशासन और एनडीआरएफ अलर्ट मोड पर हैं।

लगातार भारी बारिश के कारण मंगलवार दोपहर त्रिकुटा पहाड़ी पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग पर भूस्खलन हो गया, जिससे करीब 14 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के कारण माता वैष्णो देवी की यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन के बाद बचाव अभियान जारी है, दोपहर करीब 3 बजे भूस्खलन हुआ था।

जम्मू: किश्तवाड़ में बादल फटने से आई आपदा के कुछ ही दिन बाद अब कठुआ में बादल फटा है। रविवार (17 अगस्त) को कठुआ जिले के जोड़ इलाके में बादल फटने से भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। मलबे की चपेट में कई घर आ गए हैं। मौत का आंकड़ा बढ़कर 7 हो गया है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी है कि जंगलोट क्षेत्र में बादल फटने की सूचना मिलने के बाद उन्होंने एसएसपी कठुआ शोभित सक्सेना से बात की। शुरुआती समय में इस आपदा में 4 लोगों की मौत की सूचना मिली थी। रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच समय के साथ मौत का आंकड़ा बढ़कर 7 हो गया।

इसके अलावा, रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्ग को नुकसान पहुंचा है, जबकि पुलिस स्टेशन कठुआ प्रभावित हुआ है। नागरिक प्रशासन, सेना और अर्धसैनिक बल तुरंत बचाव कार्य में जुट गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे का एक हिस्सा भी मलबे की चपेट में आया है। नेशनल हाईवे की एक ट्यूब को बंद कर दिया गया है। अभी नुकसान का अंदाजा लगाना मुश्किल है।

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