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श्रीनगर: गणतंत्र दिवस के अवसर पर जम्मू कश्मीर में मंगलवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तैनात भारत और पाकिस्तान के सैनिकों ने एक-दूसरे को मिठाई दी। रक्षा सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर-मुजफ्फराबाद रोड पर उरी सेक्टर के कमान पोस्ट पर सेना के 12 इंफैन्ट्री ब्रिगेड के जवानों ने अपने पाकिस्तानी समकक्षों को मिठाईयां भेंट की और उन्होंने भी मिठाई दी। उन्होंने बताया कि कश्मीर के तंगधार सेक्टर में तीतवाल में पाकिस्तानी जवानों के साथ भी मिठाईयों का आदान-प्रदान किया गया। संघर्ष विराम के उल्लंघन और सीमा से घुसपैठ के बावजूद भारत और पाकिस्तान के सैन्य कर्मियों के बीच नियंत्रण रेखा पर राष्ट्रीय महत्व के संबंधित दिनों में नियमित रूप से मिठाईयों का आदान-प्रदान होता है।

श्रीनगर: अपने पिता मुफ्ती मुहम्मद सईद के निधन के बाद से पीडीपी अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती मंगलवार को पहली बार सार्वजनिक समारोह में नजर आईं। उन्होंने यहां गणतंत्र दिवस की परेड में शिरकत की। श्रीनगर के बक्शी स्टेडियम में आयोजित परेड में शिरकत करने के लिए वह काले रंग का चश्मा और अपनी खास पहचान बन चुका लंबा चोगा पहनकर आई थीं। यहां कश्मीर के मंडलीय आयुक्त असगर समून ने समारोह की अध्यक्षता की और राष्ट्रीय तिरंगा लहराया। इस साल सात जनवरी को सईद के निधन के बाद से पीडीपी अध्यक्षा महबूबा पहली बार आज किसी सार्वजनिक समारोह में नजर आई थीं। सात जनवरी के बाद से महबूबा ने खुद को गुपकार स्थित अपने आवास तक सीमित कर रखा है।

श्रीनगर: दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में एक अज्ञात आतंकवादी को मार गिराया। पुलिस ने बताया कि कोकरनाग जिले में तड़के चार बजे मुठभेड़ शुरू हुई, जिसमें एक आतंकवादी मारा गया जिसकी पहचान किया जाना अभी बाकी है। पुलिस ने बताया कि इलाके में गोलीबारी रुक गई है तथा खोजबीन अभियान चलाया गया है। आतंकवादी के पास से एके 47 समेत कई हथियार बरामद हुए हैं।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन में देरी का काफी कुछ पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की इन कोशिशों से लेना देना जान पड़ता है कि वह अपनी पार्टी का सत्ताकेंद्र मुफ्ती परिवार में बनाए रखना चाहती हैं। वैसे पीडीपी आधिकारिक रूप से कहती है कि वह बीजेपी के साथ 10 महीने की गठबंधन सरकार के दौरान गठबंधन के एजेंडे के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रही है, लेकिन महबूबा ने अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के बाद की स्थिति में पिछले एक हफ्ते से अपनी पूरी ऊर्जा अपने छोटे भाई को राज्य की राजनीति में उतारने में लगाई हुई है। पीडीपी अध्यक्ष चाहती हैं कि उनके भाई चर्चित 'ओंकार' फिल्म के सिनेमाटोग्राफर तसद्दुक हुसैन अपने कंधों पर पार्टी प्रबंधन की कुछ जिम्मेदारियां लें। दिवंगत मुख्यमंत्री के 44 वर्षीय बेटे पिछले शनिवार को पीडीपी के कोर ग्रुप की बैठक उपस्थित हुए थे, जहां महबूबा को राज्य में सरकार गठन के सिलसिले में अंतिम निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया था।

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