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बीजेपी सरकार अर्थव्यवस्था के इस दोहरे दुष्चक्र के लिए दोषी: अखिलेश

रांची: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को केंद्र सरकार और प्रधान न्यायाधीश के साथ-साथ अन्य हितधारकों से कहा कि वे उन मामलों से निपटने के लिए एक प्रणाली तैयार करें जहां अदालत का फैसला लागू नहीं होता है। राष्ट्रपति ने यहां झारखंड उच्च न्यायालय के नए भवन का उद्घाटन करते हुए कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को सही मायने में न्याय मिले।

मुर्मू ने कहा, ‘‘प्रधान न्यायाधीश (डॉ डीवाई चंद्रचूड़़) और केंद्रीय कानून मंत्री (अर्जुन राम मेघवाल) और कई वरिष्ठ न्यायाधीश यहां मौजूद हैं। उन्हें उन मामलों से निपटने के लिए एक प्रणाली तैयार करनी चाहिए जहां (अदालत के) फैसले लागू नहीं होते हैं।'' उन्होंने कहा कि वह प्रधान न्यायाधीश और सरकार से आग्रह करेंगी कि वे ‘‘यह सुनिश्चित करें कि लोगों को सही अर्थों में न्याय दिया जाए।''

राष्ट्रपति ने कहा कि अनुकूल फैसला आने के बाद भी लोगों की खुशी कभी-कभी अल्पकालिक होती है, क्योंकि अदालत के आदेश लागू नहीं होते हैं। मुर्मू ने अपने संबोधन के दौरान हिंदी में बोलने के लिए प्रधान न्यायाधीश की सराहना भी की। उन्होंने कहा, ‘‘न्याय की भाषा समावेशी होनी चाहिए।''

नई दिल्ली: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) ने न्यायपालिका की जिम्मेदारी को लेकर विशेष टिप्पणी की है। उन्होंने बुधवार को कहा कि न्यायपालिका के भवन में जब फरियादी अपने मुकदमों को लेकर कदम रखते हैं, तो उनकी आस्था को कायम रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।

झारखंड हाईकोर्ट की नई इमारत का किया शुभारंभ

सीजेआई डीवाई चंद्रचू़ड झारखंड हाईकोर्ट की नई इमारत का शुभारंभ के मौके पर बोल रहे थे। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भी मौजूद थीं। सीजेआई ने कहा कि मैं जब सुप्रीम कोर्ट में सात साल तक जज रहा, तब मुझे न्याय और अन्याय का एहसास हुआ। उन्होंने आगे कहा कि ईंट और पत्थर से बनी इमारत आधुनिक राज्य और आधुनिक राष्ट्र का प्रतीक बन सकती है।

"निचली अदालत को सक्षम बनाना बेहद जरूरी": सीजेआई

सीजेआई ने कहा कि सजा होने के पहले छोटे अपराधों में हजारों नागरिक जेलों में महीनों- सालों बंद रहते हैं। उनके पास ना साधन हैं ना जानकारी। बेगुनाह होने का सिद्धांत ही मूल सिद्धांत है।

जमशेदपुर: झारखंड में जमशेदपुर के शास्त्रीनगर में एक धार्मिक झंडे के कथित अपमान के बाद दो गुटों के बीच पथराव हुआ और उग्र भीड़ ने आगजनी भी की, जिसके बाद रविवार शाम को क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिंसक भीड़ ने दो दुकानों और एक ऑटो-रिक्शा को आग लगा दी।

अधिकारियों ने कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। अधिकारियों ने कहा कि कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

उप-संभागीय अधिकारी (धलभूम) पीयूष सिन्हा ने कहा, ‘‘दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।''

पूर्वी सिंहभूम जिले की उपायुक्त विजया जाधव ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने उनकी साजिश को विफल करने के लिए आम नागरिकों से सहयोग का अनुरोध किया।

धनबाद: झारखंड के धनबाद शहर के जोड़ा फाटक इलाके में बुधवार शाम एक बहुमंजिला बिल्डिंग में आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, एक विवाह समारोह के दौरान गैस सिलेंडर फटने से यह हादसा हुआ। बता दें, धनबाद में पिछले एक सप्‍ताह में आग लगने की यह दूसरी घटना है। आग शहर के व्यस्ततम इलाके, बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के शक्ति मंदिर के समीप 13 मंजिला आशीर्वाद टावर अपार्टमेंट के दूसरे तल में लगी, जिसने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया। सूचना मिलते ही अग्निशमन की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।

कलेक्‍टर संदीप कुमार ने बताया कि 8 से 10 लोगों को निकाला गया है जिसकी हालत गंभीर हैं, इसमें कुछ डेथ भी हैं। इन्‍हें मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। उन्‍होंने कहा कि हादसे में कितने लोगों की मौत कितने हुई, कितनी इंजरी है, यह बाद में स्‍पष्‍ट हो पाएगा। हमारी प्राथमिकता आग से प्रभावित क्षेत्र से लोगों को बाहर निकालना था, जो हो गया है। आग के आगे बढ़ने का खतरा नहीं है, इस पर काबू पा लिया गया है। एक अन्‍य सवाल पर कहा कि आग के कारण को लेकर अभी कुछ भी कहना मुश्किल है।

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