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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चुनाव आयोग के पत्र को लेकर राजभवन की चुप्पी पर बुधवार को एक बार फिर तंज कसा। प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में जब उनसे पूछा गया कि अभी तक राजभवन की तरफ से कुछ स्पष्ट क्यों नहीं किया जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि यह सवाल आपलोगों को जिनसे पूछना चाहिए, उनकी बजाय आप मुझसे पूछ रहे हैं। हम तो उनके कहने के बाद बोलेंगे। अब बोलने की बारी जनता की है। जिसे बोलना है, उससे पूछना चाहिए।

संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका कठघरे में

इस संबंध में सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि वह मेरा क्लास रूम था। सभी वहां स्टूडेंट थे। वहां सबको बोलना चाहिए था। यह भी कहा कि इसमें क्या होगा, ये मैं नहीं बोल सकता। इससे जुड़े लोग ही बोलेंगे। जिसकी जिम्मेदारी है, उनको बोलना चाहिए। बगैर उनके बोले मैं क्या बोल सकता है।

इससे पूर्व सोमवार को सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा का उत्तर देते हुए उन्होंने राजभवन पर निशाना साधा था। राज्यपाल की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा था कि वे पिछले दरवाजे से दिल्ली जाकर बैठ गए।

रांची: झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में विपक्ष के हंगामे के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने आज विश्वास मत पेश किया, जिसे जीत लिया है। हेमंत सोरेन सरकार को 81 में से 48 मत मिले हैं। वोटिंग के वक्त विपक्ष ने वॉकआउट किया था। वहीं हेमंत सोरेन ने विधानसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी भाजपा पर चुनाव जीतने के लिए दंगों को हवा देकर देश में "गृहयुद्ध जैसी स्थिति" का प्रयास करने का आरोप लगाया। अपने भाषण में उन्होंने यहां तक कह डाला कि ये वहीं सामंतवादी मनुवादी लोग हैं जो आज देश का राष्ट्रपति महिला आदिवासी को बनाकर आदिवासी मुख्यमंत्री की सत्ता छिनने का तैयारी कर रहा हैं।

वहीं विश्वासमत जीतने के बाद झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने एक ट्वीट भी किया ओर लिख, जीते हैं हम शान से विपक्ष जलते रहें हमारे काम से, लोकतंत्र जिंदाबाद!

विधानसभा के विशेष सत्र से पहले ⁦सोरेन ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा था कि जो जाल हमारे लिए बिछाए हैं, उसी जाल में समेटकर बाहर कर दिया जायेगा।

रांची: झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। वहीं हंगामे के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने विश्वास मत पेश कर दिया है। विधानसभा के विशेष सत्र से पहले ⁦सोरेन ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा था कि जो जाल हमारे लिए बिछाए हैं, उसी जाल में समेटकर बाहर कर दिया जायेगा। ⁦सोरेन और उनकी पार्टी झामुमो ने भाजपा पर संकट का फायदा उठाने की कोशिश करने और चुनी हुई सरकार को गिराने का आरोप लगाया है।

दूसरी तरफ विपक्षी भाजपा का कहना है कि हेमंत सोरेन को एक विधायक के रूप में अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने खुद को खनन पट्टा देकर चुनावी मानदंडों का उल्लंघन किया है। पार्टी ने नए सिरे से चुनाव का आह्वान किया है और मांग की है कि मुख्यमंत्री "नैतिक आधार पर" इस्तीफा दें।

वहीं छत्तीसगढ़ में डेरा डाले झारखंड के सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के कम से कम 30 विधायक विधानसभा के विशेष सत्र में भाग लेने के लिए रविवार को एक विशेष विमान से रांची पहुंच गए हैं। झारखंड के ये विधायक 30 अगस्त से रायपुर के पास एक रिजॉर्ट में डेरा डाले हुए थे।

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान विश्वास मत हासिल करेंगे। छत्तीसगढ़ में डेरा डाले झारखंड के सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के कम से कम 30 विधायक विधानसभा के विशेष सत्र में भाग लेने के लिए रविवार को एक विशेष विमान से रांची पहुंच गए हैं। झारखंड के ये विधायक 30 अगस्त से रायपुर के पास एक रिजॉर्ट में डेरा डाले हुए थे। वहीं हेमंत सोरेन ने कल विधायकों के साथ बैठक भी की थी। सोरेन ने रविवार शाम को संवाददाताओं से कहा था कि विपक्ष झारखंड सरकार के खिलाफ ‘‘साजिश रच रहा है।'' वे इस तरह के किसी भी प्रयास में सफल नहीं होंगे।

विपक्षी भाजपा का कहना है कि हेमंत सोरेन को एक विधायक के रूप में अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने खुद को खनन पट्टा देकर चुनावी मानदंडों का उल्लंघन किया है। पार्टी ने नए सिरे से चुनाव का आह्वान किया है और मांग की है कि मुख्यमंत्री "नैतिक आधार पर" इस्तीफा दें। वहीं सोरेन और उनकी पार्टी झामुमो ने भाजपा पर संकट का फायदा उठाने की कोशिश करने और चुनी हुई सरकार को गिराने का आरोप लगाया है।

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