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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का केंद्र सरकार के साथ टकराव साफ दिख रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सात समन भेजने के बाद भी पूछताछ के लिए सीएम सोरेन ईडी ऑफिस नहीं पहुंचे। अब केंद्र के साथ टकराव को बढ़ाते हुए, झारखंड सरकार ने सभी विभागों को निर्देश जारी किया है कि वे केंद्रीय एजेंसियों के किसी भी सावल का जवाब न दें या फिर उनको सीधे कोई भी दस्तावेज न सौंपें। विभागों को सभी सवालों के लिए कैबिनेट सचिवालय या सतर्कता विभाग को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।

झारखंड सरकार ने कहा है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया को सरल बना रही है कि अधूरी जानकारी न सौंपी जाए, एक्सपर्ट सोरेन सरकार के इस कदम को प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों के साथ असहयोग के रूप में देख रहे हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा झारखंड में कांग्रेस के साथ गठबंधन में सरकार चला रही है तो वहीं इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता समेत गुट के कई सदस्य कथित तौर पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के लिए केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमला कर रहे हैं।

रांची: झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने वृद्धावस्‍था पेंशन के लिए योग्‍यता आयु 60 साल से घटाकर 50 साल करने और राज्‍य में अपने ऑफिस स्‍थापित करने वाली कंपनियों में 75 फीसदी नौकरियों को स्‍थानीय लोगों के लिए आरक्षित करने का एलान किया है। सोरेन ने अपनी सरकार की चौथी वर्षगांठ पर यह घोषणाएं की हैं। इसके साथ ही उन्‍होंने युवाओं को फ्री कोचिंग देने की भी घोषणा की और केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक लाख छत्तीस हजार करोड़ दूसरे राज्यों को मिल रहा है, लेकिन हमें पैसा नहीं मिलता है।

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड देश का सबसे गरीब राज्य है। यह कोरोना और सूखे से जूझता रहा है। यहां सबसे ज्यादा किसान और मजदूर रहते हैं। ऐसे राज्‍य के लिए आपदाएं अभिशाप के बराबर है। कोरोना के दौरान कई राज्‍यों में इंसानों की मौत हुई, लेकिन ऐसी स्थिति में झारखंड सरकार में कोई अफरातफरी नहीं हुई।

साथ ही सोरेन ने दावा किया कि झारखंड जैसे गरीब राज्यों ने दूसरे राज्यों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की और महामारी के दौरान गरीब मजदूरों को बचाया गया, लेकिन दो मंत्रियों की जान चली गई।

रांची: कांग्रेस के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय ने रविवार को कहा कि सांसद धीरज साहू से उनसे जुड़े परिसरों से बड़ी मात्रा में मिली नकदी को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पांडेय ने इसके साथ ही स्पष्ट किया कि धीरज साहू का यह निजी मामला है और पार्टी का इससे कोई लेना देना नहीं है।

रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में पांडेय ने कहा, ‘‘वह कांग्रेस के सांसद हैं। उन्हें आधिकारिक बयान देकर बताना चाहिए कि इतनी बड़ी राशि उनके पास कैसे आई.'' उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी का रुख स्पष्ट है कि यह धीरज साहू का निजी मामला है, जिसका कांग्रेस पार्टी से कोई लेना देना नहीं है।''

अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा स्थित बौद्ध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी में अब तक भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई है। उनके मुताबिक छापेमारी के दौरान साहू से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली गई।

रांची: आयकर विभाग ने झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के पास से बेहिसाब नकदी बरामद की है। मामले में विपक्षी नेता कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आयकर विभाग ने बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ अब तक 225 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद की है।

भाजपा नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में नकदी बरामद हुई है, इसलिए राज्यसभा सांसद को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। मामले की जांच आवश्यक है। मामले के तार कांग्रेस नेतृत्व के साथ–साथ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी जुड़े हो सकते हैं। आयकर विभाग तीन दर्जन मशीनों से नोटों की गिनती कर रहा है।

पीएम मोदी ने भी साधा निशाना

प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसे लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। इस पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि 'देशवासी इन नोटों के ढेर को देखें और फिर इनके नेताओं के ईमानदारी से भाषणों को सुनें।

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