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नई दिल्ली: कटु विवादों एवं विभिन्न विषयों पर अक्सर आमने सामने रहने वाले दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मंगलवार राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में एक साथ बैठे। दर्शक दीर्घा में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन भी मौजूद थे। गणतंत्र दिवस परेड में लगातार तीसरी बार दिल्ली की झांकी नहीं निकली। साल 2013 में गणतंत्र दिवस समारोह में आखिरी बार दिल्ली की झांकी दिखी थी। उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी ने पिछली बार यह कह कर राजनीति विवाद खड़ा कर दिया था कि केजरीवाल को परेड देखने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा मुख्य अतिथि थे।

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने सोमवार को हाईकोर्ट में निजी स्कूलों के प्रबंधन कोटा को भ्रष्टाचार की जड़ बताया है। सरकार ने नर्सरी दाखिला में प्रबंधन कोटा समाप्त किए जाने के अपने निर्णय को जायज बताते हुए कहा कि स्कूल इसके जरिए मुनाफाखोरी करते हैं। जस्टिस मनमोहन के समक्ष सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए निजी स्कूलों में मुनाफाखोरी रोकना उनकी जिम्मेदारी है और दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट-1973 उसे इसका अधिकार भी देता है। अपने फैसले को सही ठहराते हुए सरकार हाईकोर्ट के पिछले सप्ताह के उस फैसले को अपना हथियार बनाया है जिसमें फीस बढ़ोतरी के लिए निजी स्कूलों को सरकार की मंजूरी को अनिवार्य बताया गया है।

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दफ्तर में छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेज लौटाने के मामले में सीबीआई को हाईकोर्ट से करारा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में सीलबंद लिफाफे में दस्तावेज पेश करने की सीबीआई की मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। हालांकि सीबीआई ने कहा है कि छापेमारी मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राजेंद्र कुमार के दफ्तर में हुई है न कि मुख्यमंत्री कार्यालय में। जस्टिस पी.एस. तेजी ने सीबीआई की इस मांग को सिरे से इनकार करते हुए जब्त सभी दस्तावेजों की फोटो-कॉपी कोर्ट और सरकार को पेश करने का निर्देश दिया है। पीठ ने यह निर्देश पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दिया है। इसके साथ ही उन्होंने मामले की सुनवाई 29 जनवरी के लिए मुकर्रर की है। इससे पहले जस्टिस तेजी ने कहा है कि वह देखना चाहते हैं कि जो दस्तावेज जब्त किए गए हैं उनकी मूल प्रति सीबीआई के पास रहना चाहिए या नहीं।

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि सम-विषम योजना पर लोगों का मत जानने के लिए समूचे शहर में ‘जन सभाएं’ आयोजित की जाएंगी और जब लोग फैसला करेंगे तब इसे फिर लागू किया जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि योजना के भविष्य के बारे में फैसला करने के लिए आज से आम आदमी पार्टी के सभी विधायक निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर बैठकें करेंगे। योजना का प्रायोगिक चरण एक जनवरी से 15 जनवरी तक चला था। केजरीवाल ने यहां छत्रसाल स्टेडियम में राज्यस्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में कहा कि हमने इस बारे में सलाह मांगने के लिए प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में बैठकें करने का फैसला किया है कि क्या सम-विषम योजना को फिर से लाया जाना चाहिए और कब तक के लिए।

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