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लोकसभा से पास हुआ वक्फ बिल: पक्ष में 288, विरोध में पड़े 232 वोट
ईडी की रेड पर बघेल बोले- यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध के तहत
2013 के संशोधन के चलते लाना पड़ा वक्फ संशोधन बिल: अमित शाह
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'कल दूसरे समुदायों की जमीन पर भी होगी इनकी नजर': गौरव गोगोई
वक्फ​ बिल में धार्मिक कार्यकलाप में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं:रिजिजू

कोलकाता: अभिनेता-निर्देशक अमोल पालेकर का कहना है कि हर व्यक्ति को इस बात का अधिकार है कि वह किसी बात से अपनी असहमति जता सके। पालेकर ने इस बात पर ताज्जुब जताया कि असहिष्णुता के खिलाफ पुरस्कार लौटाने वालों के खिलाफ इतनी हायतौबा क्यों मचाई गई। पालेकर ने गुरुवार को कहा, "अगर एक कलाकार को लगता है कि वह अपना पुरस्कार लौटा कर विरोध जता सकता है तो इसमें इतना उत्तेजित होने और परेशान होने वाली कौन सी बात है? अगर मुझे लगता है कि मैं इस तरह से या किसी और तरह से अपना विरोध जता सकता हूं तो इसका सम्मान किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा, "मैंने किसी की भी आवाज दबाने की हमेशा निंदा की है।

कोलकाता: बिहार की तर्ज पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी का सामना करने के लिए वामदलों के साथ चुनावी गठबंधन की बात सोमवार को इस मसले पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले राज्य के ज्यादातर पार्टी नेताओं के दिमाग में थी। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि उन्‍होंने राहुल गांधी से कहा कि जमीनी स्तर के ज्यादातर पार्टी कार्यकर्ता राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के बजाय 'लेफ्ट' के साथ गठबंधन चाहते हैं। राज्य के कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने बताया, 'हमारी राहुल गांधी से लंबी बातचीत हुई। उन्‍होंने हमारी बात ध्यान से सुनी। हालांकि हम निजी विचार व्यक्त करने पहुंचे थे, लेकिन राहुलजी ने आश्वस्त किया है कि इन सभी विचारों को ध्यान में रखा जाएगा।'

कोलकाता: नन्हीं बालिका वधु दो बेटियों की मां बनने के बाद अब एक बार फिर अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए बेताब है और स्कूल जाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। सन्तना मुरमू का जब विवाह हुआ था तब वह 14 साल की थीं और आठवीं कक्षा में पढ़ती थीं। विवाह के चार साल बाद वह अब दो बेटियों की मां बन चुकी हैं। पश्चिम बंगाल की यह निर्धन आदिवासी लड़की एक बार फिर पढ़ना चाहती है। इतना ही नहीं, वह बाल विवाह रोकने के लिए काम कर रही है और उसकी कहानियां साझा करने के लिए उसे पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में आमंत्रित भी किया गया था। अपनी बेटियों को सास-ससुर तथा पति के पास छोड़कर सन्तना हर सुबह दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुशमंडी गांव से तीन किलोमीटर का पैदल सफर तय कर मणिकोर हाईस्कूल जाती है।

कोलकाता: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि खाप पंचायतें समाज की उपयोगी संस्थाएं हैं जो समाज सुधार के काम को आगे बढ़ाती हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि एकाध गलती के कारण उन्हें पूरी तरह गलत नहीं ठहराया जा सकता। खट्टर ने कहा कि खाप पंचायतों का अपना मजबूत आधार है और उन पर प्रतिबंध लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मुख्यमंत्री ने यहां कहा, इनका गठन सरकार द्वारा नहीं किया गया है। ये खाप पंचायतें पिछले 800 सालों से हैं। इन पंचायतों को उन्हीं इलाकों के लोगों ने बनाया था। उन्होंने दहेज व्यवस्था के खिलाफ खड़े होने, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और लैंगिक अनुपात जैसे मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाने समेत विभिन्न समाज सुधार के काम किए हैं। उन्होंने कहा, मैं बल्कि यह महसूस करता हूं कि ये समाज की उपयोगी संस्थाएं हैं।

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