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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भगदड़ मचने से अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, बारिश शुरू होने के बाद पंडाल में प्रवेश के लिए भीड़ बढ़ गई और संकरे प्रवेश व निकास मार्गों पर दबाव के चलते अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद प्रशासन ने घटनास्थल पर लोगों की आवाजाही रोक दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था तथा आयोजकों की भूमिका की जांच की जा रही है।

कोलकाता पुलिस ने दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में चोरबागान दुर्गा पूजा के आयोजक भी शामिल हैं। इस भगदड़ में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने हत्या की श्रेणी में नहीं आने वाली गैर-इरादतन मानव हत्या के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केस भी दर्ज किया है।

नई दिल्ली: चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों एस एस संधू और विवेक जोशी ने बीते 10 महीनों में 14 बार आयोग के कामकाज और फैसलों पर आपत्तियां जताई हैं, इसका खुलासा करने के बाद इंडियन एक्सप्रेस ने एक और खुलासा किया है। अखबार ने खुलासा किया है कि विभिन्न हाईकोर्ट के 11 पूर्व मुख्य न्यायाधीशों ने उस पोर्टल को लेकर चिंताएं जताई हैं जो उन्होंने वोटरों की अपील के निपटारे के लिए मुहैया कराया गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टर दामिनी नाथ और अत्री भट्टाचार्य ने मंगलवार को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में अगस्त 2026 के दौरान हुई उस बैठक के मिनट्स का हवाला दिया है जिसमें ये 11 पूर्व न्यायाधीश मौजूद थे।

पूर्व जजों ने गिनाईं खामियां

अलबत्ता, यह साफ़ नहीं है कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने बैठक की कार्यवाही का विवरण सुप्रीम कोर्ट और भारत के चुनाव आयोग को भेजा था या नहीं; और अगर भेजा था, तो चुनाव आयोग की उस पर क्या प्रतिक्रिया थी और उसने क्या सुधारात्मक कदम उठाए।

कोलकाता: कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दे दी। मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत देते हुए जस्टिस तीर्थंकर घोष की सिंगल-जज बेंच ने साफ तौर पर कहा कि यह जमानत इसलिए दी गई है ताकि वह दूसरे उम्मीदवारों की तरह आजादी से उपचुनाव लड़ सकें और चुनाव प्रचार में हिस्सा ले सकें। जस्टिस घोष ने यह भी साफ किया कि यह अंतरिम जमानत उनके खिलाफ दर्ज सभी छह मामलों के संबंध में है।

उपचुनाव से ठीक पहले 18 सितंबर को गिरफ्तार

मिलन प्रदान, पश्चिम बंगाल में बुद्धदेव भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली तत्कालीन लेफ्ट फ्रंट सरकार के समय नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े 2007 के दो पुराने हत्या के मामलों में उपचुनाव से ठीक पहले 18 सितंबर को गिरफ्तार किए गए थे और न्यायिक हिरासत में थे। उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि 5 अक्टूबर तक थी।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग (ईसीआई) को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो गुटों के बीच चल रहे चुनाव चिह्न विवाद पर फैसला लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी गुट की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद आयोग तीन महीने के भीतर इस विवाद पर निर्णय करे। यह निर्देश पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी नेता ममता बनर्जी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान आया।

ममता बनर्जी ने आगामी उपचुनावों के लिए पार्टी के चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के ईसीआई के आदेश को चुनौती दी है। आयोग ने विवाद पर अंतिम फैसला होने तक अंतरिम उपाय के तौर पर चुनाव चिह्न को फ्रीज किया था।

सुनवाई के दौरान ईसीआई ने कोर्ट को एक चार्ट सौंपा, जिसमें पहले इसी तरह के पार्टी चुनाव चिह्न विवादों को निपटाने में लगे समय का विवरण दिया गया था। आयोग ने कहा कि इस तरह के विवाद से निपटने का यह पहला मामला नहीं है और संकेत दिया कि मौजूदा विवाद का फैसला भी इसी तरह की समयसीमा में किया जा सकता है।

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