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पटना: पटना साहिब संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद और सिने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जदयू के नये अध्यक्ष निर्वाचित होने पर उन्हें बधायी दी है। शत्रुघ्न ने रविवार को कहा कि नीतीश कुमार जी के जदयू का अध्यक्ष निर्वाचित होने पर उन्हें बहुत खुशी हुई। पटना साहिब संसदीय क्षेत्र भाजपा सांसद शत्रुघ्न ने कहा कि नीतीश कुमार ने प्रगतिशील नीति अपनाकर लोकप्रियता हासिल की। उन्होंने कहा कि नीतीश जी का जदयू का अध्यक्ष बनना उक्त पार्टी का अंदुरूनी मामला है। लेकिन वह समय पर अपनी पार्टी के अध्यक्ष निर्वाचित किए गए हैं और हम राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर आशान्वित हैं।

पटना: पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ क्षेत्रीय पहचान वाले एक और दल में राजनीतिक शक्ति का केंद्रीकरण पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि अब मायावती, ममता बनर्जी और लालू प्रसाद की तरह नीतीश कुमार की जेब में भी एक पार्टी होगी। आरोप लगाया, उन्हें न किसी दूसरे नेता पर भरोसा है और न पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र की कोई चिंता। पिछली विधानसभा के आठ विधायकों को नीतीश-विरोध की कीमत चुकानी पड़ी थी। सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने अंगुली पकड़ कर राजनीति सिखाने वाले जार्ज फर्नांडीस के बाद शरद यादव को भी किनारे लगा दिया। उन्होंने 2009 में जार्ज को लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं पाने दिया। शरद यादव को बड़ी मशक्कत के बाद अपमानजनक तरीके से राज्यसभा का टिकट दिया गया था। बिहार की जनता जब भी नीतीश कुमार को राज्य की सेवा के लिए विशाल बहुमत देती है, वे राष्ट्रीय राजनीति में जाने की महत्वाकांक्षा पर काम करने लगते हैं।

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 50 प्रतिशत के आरक्षण के प्रावधान को बढ़ाए जाने के संविधान संशोधन और निजी क्षेत्र में भी आरक्षण की वकालत किए जाने के एक दिन बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी रविवार को कहा कि इसके लिए शुरू से वे संघर्ष कर रहे हैं। पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान लालू ने कहा कि शुरू से वे संघर्ष करते रहे हैं कि निजी क्षेत्रों में भी आरक्षण को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए कितनी बैठकें हुई, लेकिन उद्योगपतियों ने बहाना बनाकर इससे इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि नौकरी की संभावना सबसे अधिक निजी क्षेत्र में है, इसलिए उसमें आरक्षण मिलना चाहिए। उल्लेखनीय है कि शनिवार को नीतीश ने कहा था कि आज की परिस्थिति में 50 प्रतिशत के आरक्षण के प्रावधान को संविधान संशोधन कर बढ़ाया जाना चाहिए और केवल सरकारी क्षेत्र में ही क्यों, निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू होना चाहिए। वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने रविवार को कहा कि निजी क्षेत्र में आरक्षण को लेकर वे सिद्धांत रूप से सहमत हैं, लेकिन इसमें कई कानूनी पेचीदीगियां हैं।

नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आज (रविवार) जेडीयू का नया अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। इस पहल के जरिए नीतीश कुमार का पार्टी पर अब पूर्ण नियंत्रण स्थापित हो गया है। बिहार से बाहर पार्टी के प्रसार की कोशिशों और 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में रविवार को नीतीश कुमार को इस शीर्ष पद के लिए सर्वसम्मति से चुना गया। नीतीश इस पद का प्रभार वरिष्ठ नेता शरद यादव से ग्रहण कर रहे हैं जो एक दशक तक अध्यक्ष पद पर रहे। शरद ने इस पद के लिए चौथी बार दावेदारी नहीं करने का निर्णय किया था। नीतीश पहली बार जेडीयू अध्यक्ष चुने गए हैं जो बिहार में पार्टी का चेहरा रहे हैं। इससे पहले जॉर्ज फर्नांडिस और शरद यादव पार्टी अध्यक्ष रह चुके हैं, जो बिहार से बाहर के थे हालांकि उनकी कर्मभूमि बिहार ही रही। राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक के बाद नेताओं ने बताया कि बैठक में नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव शरद यादव ने किया और पार्टी महासचिव के.सी. त्यागी के साथ जावेद रजा एवं अन्य नेताओं ने इसका समर्थन किया। त्यागी ने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में समान विचारधाराओं वाली पार्टियों को साथ लाने के प्रयासों के बारे में बताया और नई जिम्मेदारी को स्वीकार किया।

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