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नई दिल्ली: हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़ी सुनवाई के मामले में सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि सेबी इस मामले में जांच के लिए और समय नहीं मांग रहा है। इससे जुड़े 24 मामले हैं। 24 मामलों में से 22 मामलों में जांच पूरी हो चुकी है।

बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में अधिवक्ता विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें अड़ानी-हिंडनबर्ग मामले में तय समय सीमा के भीतर अपनी जांच पूरी करने में विफल रहने के लिए सेबी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही का अनुरोध किया गया था। तिवारी ने अपनी याचिका में कहा कि सेबी ने दी गई समय सीमा भीतर अदालत के निर्देश का पालन नहीं किया और अंतिम निष्कर्ष या रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफल रहा।

तिवारी द्वारा दायर याचिका में कहा गया, ''रिट याचिका सिविल 162/2023 और अन्य संबंधित मामलों में 17-5-2023 के आदेश में इस न्यायालय द्वारा तय समयसीमा के उल्लंघन के लिए सेबी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए।"

नई दिल्ली: कोविड संकट काल में पतंजलि आयुर्वेद के विज्ञापनों और उसके स्वामी बाबा रामदेव के बयानों पर आपत्ति जताने वाली इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है।

बाबा रामदेव के बयानों और विज्ञापनों में एलोपैथी और उसकी दवाओं और वैक्सीनेशन के विज्ञापनों के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्र की बेंच ने पतंजलि द्वारा एलोपैथ को लेकर भ्रामक दावे और विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए पतंजलि को फटकार लगाई है।

बेंच ने पतंजलि पर भविष्य में ऐसे विज्ञापनों और बयानों पर भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है। जस्टिस अमानुल्ला ने कहा है कि भविष्य में ऐसा करने पर प्रति उत्पाद विज्ञापन पर एक करोड़ रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर अगले साल 5 फरवरी को सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने एलोपैथ की दवाओं और वैक्सीनेशन के खिलाफ पतंजलि द्वारा कोई भी भ्रामक विज्ञापन या गलत दावा न करने को कहा है।

नई दिल्ली: चैटजीपीटी के सीईओ सैम ऑल्टमैन को हटाए जाने के बाद मीरा मूर्ति को कंपनी का जिम्मा सौंपा गया है। वह अब बतौर अंतरिम सीईओ के तौर पर कंपनी संभालेंगी। मीरा ने 2018 में टेस्ला कंपनी छोड़ने के बाद ओपन एआई (चैटजीपीटी की पेरेंट कंपनी) को ज्वाइन किया था।

ओपन एआई ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा, "कंपनी ने अपने को-फाउंडर सैम ऑल्टमैन को बर्खास्त कर दिया है। कंपनी की बोर्ड ने पाया कि सैम बोर्ड के साथ संचार साधने में लगातार कोताही बरत रहे थे।" कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर लिखा, "हम चीफ टेक्नॉलॉजी ऑफिसर मीरा मूर्ति को अंतरिम सीईओ नियुक्त कर रहे हैं। इसके साथ ही इस पद को संभालने के लिए स्थाई सीईओ की तलाश भी कर रहे हैं।"

मीरा की नियुक्त किस आधार पर हुई है? इसके जवाब में ओपन एआई ने अपने बयान में कहा, "मीरा के लंबे कार्यकाल और एआई गवर्नेंस और नीति में उनके अनुभव के साथ-साथ कंपनी के सभी पहलुओं के साथ जुड़ाव को देखते हुए बोर्ड का मानना ​​​​है कि वह इस भूमिका के लिए योग्य हैं।"

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय के निधन के बाद पूंजी बाजार नियामक सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) के खाते में पड़ी 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की अवितरित धनराशि फिर से चर्चा का विषय बन गई है। लंबे समय से बीमार रॉय का मंगलवार रात मुंबई में निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे।

रॉय को अपने समूह की कंपनियों के संबंध में कई विनियामक व कानूनी लड़ाइयों का सामना करना पड़ा। इनमें पोंजी योजनाओं में नियमों को दरकिनार करने का आरोप भी शामिल है। हालांकि, उनके समूह ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया है।

पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 2011 में सहारा समूह की दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एसआईआरईएल) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) को वैकल्पिक रूप से पूर्ण परिवर्तनीय बांड (ओएफसीडी) के रूप में पहचाने जाने वाले कुछ बांडों के जरिए करीब तीन करोड़ निवेशकों से जुटाए गए धन को वापस करने का आदेश दिया था।

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