ताज़ा खबरें
बिना घुसपैठिया मुद्दा उठाए कौन सा चुनाव लड़ती है बीजेपी?: अखिलेश
ज्ञानेश कुमार को हटवाइए, 30 सेकंड में रुक जाएगा आंदोलन: राहुल
मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, अमित शाह पर टिप्पणी का था केस
जामिया यूनिवर्सिटी में दो दशक बाद छात्र संघ चुनाव कराने का एलान

नई दिल्ली: चांदी को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में 1,800 रुपये उछलकर 2,07,600 रुपये प्रति किलोग्राम के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। इसका कारण कारोबारियों की निरंतर खरीदारी है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी।

चांदी बुधवार को 7,300 रुपये उछलकर पहली बार दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम को पार कर 2,05,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इस वृद्धि के साथ, चांदी की कीमत इस साल एक जनवरी को दर्ज की गई 90,500 रुपये प्रति किलोग्राम से 1,17,100 रुपये किलो यानी 129.4 प्रतिशत बढ़ चुकी है।

सर्राफा संघ के अनुसार, स्थानीय सर्राफा बाजार में, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,36,500 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर स्थिर रहा। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोना 13.16 डॉलर यानी 0.31 प्रतिशत घटकर 4,325.02 डॉलर प्रति औंस रह गया।

रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ अनुसंधान विश्लेषक जिगर त्रिवेदी ने कहा, ‘‘सोना बृहस्पतिवार को लगभग 4,330 डॉलर प्रति औंस तक गिर गया, लेकिन अक्टूबर में पहुंचे रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब बना रहा।

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में बहुप्रतीक्षित 'सबका बीमा सबकी रक्षा विधेयक 2025 पेश किया। जिसे सदन की ओर से पारित कर दिया गया। वित्त मंत्री ने यह विधेयक पेश करते हुए बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश और घरेलू कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाने का हवाला दिया। यह विधेयक में तीन प्रमुख कानूनों- बीमा अधिनियम (1938), जीवन बीमा निगम अधिनियम (1956) और बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण अधिनियम (1999) में व्यापक संशोधन का प्रस्ताव है।

विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "आम लोगों का बीमा हमेशा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता रही है और केंद्र सरकार ने कोविड महामारी के दौरान भी समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों को बीमा प्रदान किया है।" सदन में प्रस्तावित संशोधनों को स्वीकार करते हुए विधेयक को पारित कर दिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि संसद में पेश किए गए विधेयक के माध्यम से लाए गए बीमा सुधारों से लोगों को बीमा तक अधिक पहुंच मिलेगी, बेहतर नियामक निगरानी होगी और अनुपालन में आसानी सुनिश्चित होगी।

नई दिल्ली: भारतीय रुपया हर दिन गिरने का नया रिकॉर्ड बना रहा है। ऐसे लग रहा है जल्द ही यह शतक लगा लेगा। रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में नौ पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 90.87 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कोई सफलता न मिलने और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी के कारण रुपया का यह हाल हो रहा है।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि डॉलर के कमजोर होने तथा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने हालांकि घरेलू मुद्रा में और गिरावट को रोका।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर 90.87 पर खुला जो पिछले बंद भाव से नौ पैसे की गिरावट दर्शाता है। फिर 90.77-90.87 प्रति डॉलर के दायरे में कारोबार करता रहा। रुपया सोमवार को डॉलर के मुकाबले 90.78 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.27 पर रहा।

नई दिल्ली: रुपये में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भी रुपये में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 90.58 पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 90.55 के स्तर तक फिसल गया था। लगातार दूसरे हफ्ते रुपये का रिकॉर्ड निचला स्तर छूना बाजार के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है।

किन वजहों से कमजोर पड़ रहा है रुपया

विशेषज्ञों के मुताबिक, रुपये की कमजोरी के पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई दबाव एक साथ काम कर रहे हैं। भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते में हो रही देरी, विदेशी पूंजी का लगातार बाहर जाना और बढ़ता व्यापार घाटा रुपये पर भारी पड़ रहा है। इसके अलावा भारतीय कंपनियों की ओर से डॉलर की तेज मांग भी मुद्रा पर दबाव बढ़ा रही है। अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए गए 50 फीसदी तक के ऊंचे टैरिफ ने भी हालात को मुश्किल बना दिया है। इन शुल्कों के कारण भारत के निर्यातकों पर असर पड़ा है, जिसका सीधा प्रभाव रुपये की मांग और आपूर्ति पर दिख रहा है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख