ताज़ा खबरें
वक्फ विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी डीएमके: सीएम स्टालिन
'वक्फ संशोधन बिल सिर्फ साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए': सोनिया गांधी
लोकसभा से पास हुआ वक्फ बिल: पक्ष में 288, विरोध में पड़े 232 वोट

कोलकाता: कोलकाता में जूनियर डॉक्टर से रेप और हत्या के बाद आरजी कर कॉलेज और अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से पूछा कि अचानक 7 हजार लोग कैसे इकट्ठा हो गए।

राज्य सरकार के वकील ने कहा कि हमें जैसे ही घटना की जानकारी मिली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। कोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अचानक 7000 लोग ऐसे ही इकट्ठा नहीं हो जाते हैं। घटना से जुड़े वीडियो कोर्ट में दिखाए गए है।

'ऐसे डर के माहौल में डॉक्टर कैसे काम करेंगे'

कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर ऐसे ही हालात हैं तो अस्पताल को बंद कर दीजिए मरीजों को किसी दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दीजिए तो जब अस्पताल ही बंद होगा तो उस तरीके का हंगामा ही नहीं होगा। ऐसे डर के माहौल में डॉक्टर कैसे काम करेंगे। कोर्ट ने 14 अगस्त की रात आईजी अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के वीडियो भी देखें।

कोलकाता: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले की जांच सीबीआई कर रही है। गुरुवार को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि जहां तक ​​मुझे जानकारी है, मैं छात्रों को दोष नहीं दूंगी... घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम अब भी कहते हैं कि दोषियों को फांसी होनी चाहिए। हमने सारे दस्तावेज दे दिए हैं, जब तक हमारी पुलिस जांच कर रही थी, कुछ भी लीक नहीं हुआ।

बनर्जी ने कहा कि मेरी और बंगाल की जनता की संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। यह बहुत बड़ा अपराध है और इसकी एक ही सजा आरोपियों को फांसी है। अगर अपराधी को फांसी होगी तभी लोगों को इससे सबक मिलेगा लेकिन किसी निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए।

हंगामा करने वालों का छात्र आंदोलन से संबध नहीं

ममता बनर्जी ने कहा कि कल आरजी कर अस्पताल में जिन लोगों ने तोड़फोड़ और हंगामा किया है, उनका आरजी कर मेडिकल कॉलेज के छात्र आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। वे बाहरी लोग हैं।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला से दुष्कर्म और हत्या मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी में सीबीआई ने नई एफआईआर दर्ज की है। इसके मद्देनजर सीबीआई की दिल्ली से एक टीम मामले कोलकाता पहुंची। सीबीआई ने दिल्ली से एक विशेष चिकित्सा और फोरेंसिक टीम भेजी है। कोलकाता पहुंचने के बाद टीम सबसे पहले न्यू टाउन राजारहाट में बीएसएफ-दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के अधिकारियों से मिलने पहुंची। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बीते दिन मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था।

इससे पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हत्याकांड की जांच मंगलवार को अपने हाथ में ले ली थी। एजेंसी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के कुछ ही घंटों के अंदर सभी औपचारिकताएं पूरी कर लीं थीं। कोर्ट ने राज्य पुलिस को मामले के दस्तावेज केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को बुधवार सुबह 10 बजे तक केस डायरी सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था।

कोलकाता: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। इस मामले पर कलकत्ता हाईकोर्ट में कई जनहित याचिका दायर की गई। जनहित याचिकाओं पर आज मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने सुनवाई की।

प्रिंसिपल की फिर से क्यों हुई नियुक्ति: कोर्ट

याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पाया कि जांच में "कुछ कमी है", और पूछा कि क्या मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल संदीप घोष का बयान दर्ज किया गया था, जिस पर राज्य के वकील ने अपनी दलील रखी। हालांकि, वकील के दलील से कोर्ट संतुष्ट नजर नहीं आए।

प्रिंसिपल को लंबी छुट्टी पर जाने का आदेश 

कोर्ट ने पूछा कि प्रिसंपल द्वारा इस्तीफे दिए जाने के कुछ घंटे के बाद ही उन्हें फिर से क्यों नियुक्त किया गया। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष को लंबी छुट्टी पर जाने का आदेश दिया है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख