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नई दिल्ली: कोलकाता रेप मर्डर केस में अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा केस में घोष का कोई लोकस नहीं और मामले की जांच सीबीआई कर रही। आरोपी के तौर पर पीआईएल में पक्षकार नहीं बन सकते। संदीप घोष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ करप्शन केस में सीबीआई जांच का आदेश देते वक़्त उनके पक्ष को नहीं सुना। साथ ही संदीप घोष ने इस मामले के ख़ुद को पक्षकार बनाने की मांग की है।

संदीप घोष ने कहा है कि उसने पक्षकार बनाने के लिए अर्जी हाईकोर्ट में दाखिल की थी, जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके अलावा संदीप घोष ने करप्शन के आरोपों को हॉस्पिटल परिसर में हुई रेप की घटना के साथ जोड़े जाने से जुड़ी हाई कोर्ट के टिप्पणियों को हटाने की मांग भी की। इस मामले की सुनवाई में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने का कि आपका हाईकोर्ट में दाखिल पीआईएल में कोई लोकस नहीं है।

कोलकाता: बंगाल विधानसभा से दुष्कर्म विरोधी विधेयक पास हो गया है। इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने विधेयक को ऐतिहासिक बताया और कहा कि राज्य में विशेष अपराजिता टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जिससे महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच में तेजी आएगी। विपक्षी पार्टी भाजपा ने भी इस विधेयक पर सरकार का समर्थन किया, लेकिन कहा कि वह चाहते हैं कि जल्द से जल्द विधेयक को कानून बनाकर लागू किया जाए। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हम बस नतीजे चाहते हैं।

अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून एवं संशोधन) विधेयक 2024 पर विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता, उसके परिवार के प्रति मैं अपनी संवेदना प्रकट करती हूं। यह ऐतिहासिक विधेयक है। विधेयक का उद्देश्य त्वरित जांच, त्वरित न्याय और दोषियों को कड़ी सजा देना है। उन्होंने कहा, 'दुष्कर्म मानवता के खिलाफ अभिशाप है और ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सामाजिक सुधारों की आवश्यकता है।'

कोलकाता: कोलकाता के सरकारी आरजी कर अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म व हत्या की घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन बंगाल सरकार ने दुष्कर्म विरोधी संशोधन विधेयक पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य पीड़ितों को न्याय और दुष्कर्म के दोषियों को त्वरित व सख्त सजा देना है।

फांसी या बिना जमानत के उम्रकैद का प्रावधान

बंगाल सरकार के इस विधेयक 'अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून एवं संशोधन) विधेयक 2024' का उद्देश्य दुष्कर्म और यौन अपराधों से संबंधित नए प्रावधानों को संशोधित करके महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षा को मजबूत करना है।

इस विधेयक में दुष्कर्म और पीड़िता की मौत के दोषी व्यक्ति को फांसी की सजा देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही इसमें दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के दोषी को बिना जमानत के आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान भी किया गया है।

कोलकाता: केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने आरजी कर हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने ये कार्रवाई आरजी कर हॉस्पिटल में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की है। सीबीआई ने इस मामले में पिछले दिनों एफआईआर भी दर्ज की थी।

कोलकाता का आरजी कर मेडिकल कॉलेज इन दिनों विवादों में है। यहां 9 अगस्त को नाइट ड्यूटी के दौरान जूनियर डॉक्टर के साथ रेप किया गया था। इसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस मामले में भी सीबीआई जांच कर रही है।

सीबीआई ने आरजी कर हॉस्पिटल में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जो एफआईआर दर्ज की थी, उसमें संदीप घोष, और तीन व्यापारिक संस्थाओं के नाम शामिल हैं। तीनों संस्थाओं को कथित वित्तीय घोटाले का लाभार्थी माना जा रहा है।

इस मामले में ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करेगी। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों द्वारा दायर पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के आधार पर ईडी ईसीआईआर दर्ज करेगी।

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