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कोलकाता: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक संदिग्ध लावारिस बैग मिला है। इसके बाद यहां पर सनसनी फैल गई है। यह बैग विरोध-प्रदर्शन के लिए बनाए गए प्रदर्शनकारियों के विरोध मंच के पास मिला है। जानकरी होने के बाद बम स्क्वॉड को बुलाया गया है।

फिलहाल, अभी तक बम स्क्वॉड मौके पर नहीं पहुंचा है। यहां पर संदिग्ध लावारिस के बाद से सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि जूनियर डॉक्टर के साथ रेप-मर्डर की घटना के बाद कोलकाता का आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल लगातार सुर्खियों में है। वहीं,आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ ईडी की टीम आर्थिक अनियमित्ताओं की जांच कर रही है।

आरजी कर हॉस्पिटल में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सीबीआई की टीम पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष के घर जाकर पूछताछ कर चुकी है। वहीं, सीबीआई की एंटी-करप्शन ब्रांच ने उनके चार और ठिकानों पर भी छापेमारी भी की थी।

कोलकाता: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल का मामला लगातार सुर्खियों में है। ताजा घटनाक्रम में राज्य सरकार में स्वास्थ्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य सरकार डॉक्टरों के साथ बैठक और बातचीत की शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, डॉक्टरों ने कुछ शर्तें लगाई हैं, इसलिए ऐसा लगता है कि चिकित्सक खुले मन से बैठक करने के लिए तैयार नहीं हैं।

सरकार को राजनीतिक उकसावे की आशंका

गौरतलब है कि चिकित्सकों ने राज्य सरकार को एक पत्र भेजा था। उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा निर्धारित अधिकतम 15 प्रतिनिधियों के बजाय कम से कम 30 प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होने की अनुमति देने की अपील भी की। डॉक्टरों का कहना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में केवल उनकी मांगों पर ही बातचीत की जाए। इस बातचीत का सीधा प्रसारण टीवी पर किए जाने की मांग भी की।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डॉक्टरों की हर बात सुनने के लिए तैयार है, लेकिन वे ऐसी बैठक से पहले शर्तें नहीं तय कर सकते।

कोलकाता: चिकित्सक दुष्कर्म और हत्या मामले में आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टर्स ने शाम 5 बजे तक ड्यूटी पर लौटने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं माना है। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक डॉक्टर्स काम पर नहीं लौटेंगे। इससे पहले सोमवार को शीर्ष अदालत ने प्रदर्शनकारी रेजिडेंट डॉक्टर्स को मंगलवार शाम 5 बजे तक काम पर लौटने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि काम पर लौटने पर उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी।

दरअसल, पश्चिम बंगाल सरकार ने कोर्ट में यह आश्वासन दिया था कि काम पर लौटने पर प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई या तबादले नहीं किए जाएंगे।

मांगें पूरी होने तक काम पर नहीं लौटेंगे

आंदोलनकारी डॉक्टर्स में से एक ने कहा कि हमारी मांगें पूरी नहीं होने पर हम काम बंद करना जारी रखेंगे। हमने राज्य सरकार से कोलकाता पुलिस आयुक्त, स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक और चिकित्सा शिक्षा के निदेशक को शाम 5 बजे तक हटाने के लिए कहा था। हम चर्चा के लिए तैयार हैं।

कोलकाता: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक अदालत ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को 23 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। घोष पर अपने कार्यकाल के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित आरोप हैं। मामले में डॉ. संदीप घोष और तीन अन्य को अलीपुर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 23 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अदालत ने तीन अन्य लोगों- घोष के सुरक्षाकर्मी अफसर अली और ठेकेदार बिप्लब सिन्हा और सुमन हाजरा को भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सीबीआई ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह आगे की हिरासत की मांग कर सकती है।

डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के विरोध के बीच, सीबीआई वित्तीय अनियमितताओं और पीड़िता की मौत के संभावित संबंधों की जांच जारी रखे हुए है। एक महीने पहले, कोलकाता आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला चिकित्सक का शव मिला था, जिसके साथ बलात्कार किया गया था और उसकी हत्या कर दी गई थी।

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